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बाराबंकी: थाने में पत्रकार की मां को पुलिसकर्मियों ने जलाया, बाद में मौत

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक सनसनीखेज घटना में एक पत्रकार की मां ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत से अपने पति को छुड़ाने के लिए पैसा देने से...
Author July 7, 2015 10:43 am
आग।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में एक सनसनीखेज घटना में एक पत्रकार की मां ने आरोप लगाया है कि पुलिस हिरासत से अपने पति को छुड़ाने के लिए पैसा देने से इनकार करने पर सोमवार को थाने में तैनात पुलिस अधिकारियों ने उस पर पेट्रोल छिड़कर आग लगा दी। महिला का आरोप है कि उसे थाना प्रभारी और एक उपनिरीक्षक ने जलाया है।

जबकि पुलिस का कहना है कि अपने पति को छुड़ाने पहुंची नीतू द्विवेदी ने थाने के पुलिसकर्मियों के कथित अभद्र व्यवहार और गाली-गलौज से क्षुब्ध होकर आत्मदाह करने की कोशिश की है। आरोपी थाना प्रभारी और उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ धारा 32, 504, 506, 511 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गंभीर रूप से झुलसी महिला नीतू द्विवेदी ने मजिस्ट्रेट और मीडिया के सामने दिए बयान में कहा कि सोमवार सुबह जब वह लॉकअप में बंद अपने पति रामनारायण को छुड़ाने के लिए कोठी थाने पहुंची, तो थानेदार राय साहब सिंह यादव और उप निरीक्षक अखिलेश राय ने उससे एक लाख रुपए की मांग की। रुपए देने से इनकार करने पर दोनों पुलिस अधिकारियों ने उसके साथ गाली-गलौज की और उस पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। उसने बताया कि उसके पति को पांच जुलाई की सुबह पुलिस ने गिरफ्तार कर हवालात में डाल दिया था।

चार जुलाई की रात को द्विवेदी के रिश्तेदार चंदरावां निवासी नंदकिशोर तिवारी और उनके बेटे दीपक तिवारी व एक अन्य की गिरफ्तारी का दबाव बनाने के लिए ऐसा किया गया। दोनों पिता-पुत्र छेड़खानी के मामले में रहीमपुर गांव निवासी गंगाराम को गोली मार देने के आरोपी थे। पांच जुलाई की शाम जब (नीतू) हवालात में बंद अपने पति से मिलने थाने पहुंचीं। वहां से कोठी थाना प्रभारी राय साहब यादव व उपनिरीक्षक अखिलेश राय ने उसे गालियां देकर भगा दिया।

इसके बाद सोमवार सुबह लगभग नौ बजे वह फिर थाने पहुंची। तब फिर पैसे की मांग की जाने लगी। इसी दौरान थाना प्रभारी राय सिंह यादव और उपनिरीक्षक अखिलेश ने उसे कमरे में बुलाया और उससे छेड़खानी करने लगे। विरोध करने पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। गंभीर रूप से जली नीतू को बाराबंकी के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां उसने मजिस्ट्रेट व मीडिया के सामने अपना बयान दिया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे लखनऊ रैफर कर दिया।

पुलिस अधीक्षक अब्दुल हमीद ने बताया है कि घटना की गंभीरता और महिला के आरोपों को देखते हुए कोठी थाने के प्रभारी यादव और उपनिरीक्षक अखिलेश राय के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करके दोनों की निलंबित कर दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने महिला के पति को भी रिहा कर दिया है। आगे की कार्रवाई जांच के बाद की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

घटना के संबंध में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल सिंह यादव से बात करने पर उन्होंने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। कोठी के अमर उजाला के पत्रकार की मां के साथ हुई इस घटना की पत्रकारों ने कड़े शब्दों में निंदा की। उन्होंने दोनों पुलिस वालों को फौरन गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने पीड़िता के मुफ्त इलाज के लिए एक ज्ञापन भी जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री को सौंपा।

(रिज़वान मुस्तफा)

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