March 30, 2017

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फिर विवादों में जेएनयू, एनएसयूआई ने रावण की जगह जलाए पीएम मोदी, रामदेव के पुतले

कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई के कुछ सदस्‍यों ने बुराई के प्रतीक रावण की तरह पीएम मोदी को दर्शाते हुए पुतला फूंका।

Author नई दिल्ली | October 12, 2016 14:36 pm
पुतला जेएनयू कैंपस के मशहूर सरस्‍वती ढाबा के नजदीक जलाया गया। (Source: Twitter)

दशहरा पर देश में जहां पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और सैन्‍य प्रमुख राहिल शरीफ, हाफिज सईद के चेहरों को रावण के पुतलों पर लगाकर जलाया गया। वहीं मंगलवार रात दिल्‍ली के जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी में कुछ छात्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना गुस्‍सा निकाला। छात्रों ने पीएम मोदी और योग गुरु बाबा रामदेव के पुतलों को रावण की जगह जलाया। टाइम्‍स ऑफ इंडिया से बातचीत में एनसयूआई (नेशनल स्‍टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया) के सदस्‍य मसूद ने कहा, ”हां, जेएनयू की एनएसयूआई यूनिट ने ऐसा किया है। हमारा प्रदर्शन वर्तमान सरकार से हमारा असंतोष प्रदर्शित करता है। विचार ये है कि सरकार से बुराई को बाहर किया जाए और एक ऐसा सिस्‍टम लाया जाए जो प्रो-स्‍टूडेंट और प्रो-पीपल हो।” कांग्रेस समर्थित एनएसयूआई के कुछ सदस्‍यों ने बुराई के प्रतीक रावण की तरह पीएम मोदी को दर्शाते हुए पुतला फूंका। स्‍टूडेंट्स ने कार्ड पर स्‍लोगन लिखे- ”बुराई पर सत्‍य की जीत होकर रहेगी।” इस साल अध्‍यक्ष पद के लिए जेएनयूएसयू चुनाव में हिस्‍सा लेने वाले सन्‍नी धीमान के मुताबिक, यह प्रदर्शन सरकार की सामूहिक विफलता का प्रतीक था। उन्‍होंने कहा, ”पुतला सभी मोर्चों पर सरकार की विफलता को दर्शाने के लिए जलाया गया। यह प्रदर्शन गौ रक्षा के नाम पर मुस्लिमों और दलितों पर अत्‍याचारों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे यूथ फोरम फॉर डिस्‍कशंस एंड वेलफेयर एक्टिविटीज (YFDA) को नोटिस जारी करने के जेएनयू प्रशासन के फैसले के खिलाफ था। हमें लगता है कि यूनिवर्सिटी ने ऐसा सरकार के दबाव में किया और वह YFDA को निशाना बना रहे हैं क्‍योंकि इस समूह में ज्‍यादातर मुस्लिम छात्र हैं।”

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नाम न छापने की शर्त पर टीओआई से बातचीत में एक अन्‍य छात्र ने कहा, ”देख‍िए इस सरकार ने देश का क्‍या हाल कर दिया है। जो वादे उन्‍होंने (मोदी) ने किए, कागज पर ही हैं। वह सिर्फ उन्‍हें भाषणों में दोहराते रहते हैं। इस दशहरा हमने बकवास खत्‍म करने का फैसला किया और उन्‍हें कुछ असल काम करने के लिए मजबूर किया जाए।”

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पुतले में रावण के मुख्‍य सिर के तौर केन्‍द्र में पीएम मोदी, अन्‍य सिरों में भाजपा अध्‍यक्ष अमित शाह, नाथूराम गोडसे, योग गुरु रामदेव, साध्‍वी प्रज्ञा, आसाराम बापू और अन्‍य के चेहरे लगाए गए थे। पुतला जेएनयू कैंपस के मशहूर सरस्‍वती ढाबा के नजदीक जलाया गया। लोगों ने कथित तौर मोदी सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए।

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First Published on October 12, 2016 2:35 pm

  1. D
    Dhiraj Rana
    Oct 12, 2016 at 2:05 pm
    Putla na h to Rahul ka o jisko bolne ki tamij nhi h jo dalali btata h
    Reply
    1. A
      Abhishek Pathak
      Oct 13, 2016 at 8:40 pm
      देश ने अहंकारी रावण रूपी कांग्रेस को मिटाने मोदी जी को राम रूप मे चुना है , पर दशहरा के दिन jnu में गद्दारों ने रावण दहन में मोदी का पुतला जलाया है ,ये कांग्रेसी पतन के दर्द मे अपनी स्वभाविक नीचता का प्रदर्शन किया है , जेनयू और देश मे कुछ दिनों से शर्मनाक देशद्रोही माहौल बनाने का प्रयास हो रहा है इसके पीछे सत्ता लोभी काँग्रेस का हाँथ है ,पुतला जलाना है तो आपातकाल ,अत्याचार हत्याओं,बफोर्स कोल घोटालों ,सिक्ख विरोधी दंगा नरसंहार के दोषी काँग्रेसी रावण का पुतला जलाओ, पूरा देश धिक्कार रहा है शर्म करो
      Reply
      1. I
        Ish Prakash
        Oct 13, 2016 at 2:46 am
        bura manane ki koi zaroorat nahi hai kyoki iss samay congress bahut vikshhiptata ki avastha mein hai , woh iss tarah ke kaam karegi hi. Woh jitana hi iss tarah ke kaam karegi utana hi gaddhe mein jayegi kyoki public sab samajhati hai ki inn congressio ki kya aukaat hai. Ab agali election mein public inhe zameen ke andar gaad degi... Vande-Mataram..
        Reply
        1. निर्भय कुमार
          Oct 12, 2016 at 11:16 am
          यही सब कारन है जो कांग्रेस एंड उसके द्वारा संचालित सभी संस्थानों का समाज में प्रतिष्ठा ख़तम होते जा रही है मुझे तो दर है की अगली बार कहीं ४४ से ४ पर न आ जाये कुएंकी जो आदमी रामदेव का विरोध करती है जो स्वदेशी का अलख जगाये है तो आम पब्लिक क्या सोचेगी इस पार्टी के बारे में और अभी मोदी जी बीजेपी के नेता नही देश का परधानमंतरी हैं उनका पुतला फुकना ये साबित करता है की ऐसे एक नेहरू जैसे ऐयाश इंदिरा जैसे और सोनिया जैसे प्रोस्टिट्यूट तो काबुल है ल लेकिन मोदी जी जैसे एक निडर कर्मठ नेता नामंजूर है
          Reply
          1. I
            Ish Prakash
            Oct 13, 2016 at 3:24 am
            ग़ाज़ी के प्रपोत्र जवाहर लाल नेहरू खुद एक छुपे हुए देश-द्रोही थे,. उन् के नाम से खुले हुए विश्व-विद्यालय में देश-द्रोह की ही तो शिक्षा दी जाएगी...जो लोग देश-द्रोह का विरोध करेंगे उन्हें उस विश्व-विद्यालय में हर तरह से परेशान किया ही जायेगा. तभी तो नेहरू और जिन्ना का सपना साकार होगा वंदे-मातरम.
            Reply
          2. R
            revati raman
            Oct 13, 2016 at 6:37 am
            pappu ke asafata k chhupane k iye rashtrabhakt ki putla jaa rahi hai cngress
            Reply
            1. V
              Vinod
              Oct 13, 2016 at 3:40 pm
              BJP Shoud not give this incident any importance. Ignore it totally !! Few Jokers sponsored by Congress and Left had done this !! We know they are donkeys !!
              Reply
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