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JNU में सुकमा और कुपवाड़ा के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, तो किया हमला: जेएनयू के प्रोफेसर ने लगाया आरोप

प्रोफेसर बुद्धा सिंह ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ को लिखे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि 28 अप्रैल से 29 अप्रैल की रात को उनके कार और उनके घर पर पत्थरों से हमला किया गया।
JNU के प्रोफेसर बुद्धा सिंह ने लगाया हमले का आरोप (Photo source-Twitter/@BuddhaSinghJNU)

जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ बुद्धा सिंह ने आरोप लगाया है कि JNU में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित करने के बाद किसी ने उनके कार में तोड़ फोड़ की है। JNU में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ बुद्धा सिंह ने इस मामले में दिल्ली पुलिस में शिकायत की है इसके बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर लिया है। प्रोफेसर बुद्धा सिंह ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ को लिखे शिकायती पत्र में आरोप लगाया है कि 28 अप्रैल से 29 अप्रैल की रात को उनके कार और उनके घर पर पत्थरों से हमला किया गया और कार का शीशा तोड़ दिया गया। प्रोफेसर बुद्धा सिंह ने ट्वीट कर लिखा है कि उन्होंने 28 अप्रैल को जेएनयू के साबरमती ढाबा में शाम साढ़े पांच बजे सुकमा और कुपवाड़ा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में काफी लोग उमड़े थे। प्रोफेसर बुद्धा सिंह के मुताबिक 29 अप्रैल को उन्होने देखा कि उनके कार का शीशा टूटा हुआ है।

29 अप्रैल को उन्होंने ट्वीट किया, ‘मेरा कार तोड़ दी गई मेरे घर पर आधी रात को पत्थर फेंके गये, क्या ये सुकमा और कुपवाड़ा के शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित किये कार्यक्रम का पुरस्कार है। इसके बाद उन्होंने दिल्ली पुलिस को पत्र लिखकर मामले की जांच की मांग की है। दिल्ली पुलिस ने इस केस में FIR दर्ज कर लिया है। बता दें कि JNU में पिछले साल कथित रूप से राष्ट्र विरोधी नारे लगाने की खबरें भी आई थी। सुकमा में 24 अप्रैल को एक बड़े नक्सली हमले में सीआरपीएफ के 25 जवान शहीद हो गये थे। इसके बाद देश भर में नक्सलियों के खिलाफ गुस्सा भर गया था और इस हमले सभी ने एक स्वर में निंदा की थी। इसके बाद कुपवाड़ा में भी आर्मी कैम्प पर आतंकी हमला हुआ था, इस हमले में कैप्टन आयुष यादव समेत सेना के 3 जवान शहीद हो गये थे। हालांकि सेना ने इस हमले में दो आतंकियों को भी ढेर कर दिया था।

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