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अफजल गुरु की बरसी पर कार्यक्रम करने वाले छात्रों को सजा देने के लिए कानूनी राय ले रहा है JNU

छात्रों ने नए सिरे से जांच शुरू करने की मांग करते हुए जांच समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया था।
Author नई दिल्ली | April 3, 2016 13:42 pm
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के नेता कन्हैया कुमार। PTI Photo/File

संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरू की फांसी के खिलाफ आयोजित कार्यक्रम के संबंध में कुछ छात्रों को सजा देने के मुद्दे पर जेएनयू प्रशासन ने  कानूनी राय मांगी है। कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्र विरोधी नारे लगाए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, नौ फरवरी को आयोजित विवादित कार्यक्रम के संबंध में आरोपी छात्रों को कितनी सजा दी जाए, इस संबंध में मुख्य प्रॉक्टर कार्यालय ने कानूनी राय मांगी है। अगर अधिकारी छात्रों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर आगे बढ़ने का फैसला करते हैं, तो नए सिरे से प्रदर्शन शुरू होने की आशंका है।

मामले की जांच कर रहे विश्वविद्यालय के पैनल ने हालांकि 11 मार्च को अपनी रिपोर्ट पेश कर दी थी, लेकिन विश्वविद्यालय ने अब तक इस मुद्दे पर अंतिम फैसला नहीं लिया है। सूत्रों ने बताया, ‘‘यह एक संवेदनशील मुद्दा है और विश्वविद्यालय किसी के साथ पक्षपात नहीं करता है। अनुशासन के नियमों को ध्यान में रखते हुए आरोपी छात्रों को कितनी सजा दी जाए इस पर फैसला किया जाएगा। लेकिन, सबसे पहले यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सजा कानूनन न्यायोचित हो।’’

विश्वविद्यालय की उच्च स्तरीय समिति ने इन छात्रों को विश्वविद्यालय के मानदंडों और अनुशासन नियमों के उल्लंघन का ‘‘दोषी’’ पाते हुए 14 मार्च को इस संबंध में 21 छात्रों को कारण बताओ नोटिस जारी करके यह पूछा था कि उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। छात्रों ने इससे पहले नए सिरे से जांच शुरू करने की मांग करते हुए जांच समिति के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया था।

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