ताज़ा खबर
 

मोदी-मांझी की मुलाकात, नए समीकरण के संकेत

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की गुरुवार को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने इन अटकलों को तेज कर दिया कि वे इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन कर सकते हैं। हालांकि मांझी ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।
नीतीश को छोड़ किसी के साथ भी कर सकते हैं गठबंधन : जीतन राम मांझी

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी की गुरुवार को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात ने इन अटकलों को तेज कर दिया कि वे इस साल के अंत में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ गठबंधन कर सकते हैं। हालांकि मांझी ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है।

उन्होंने केवल यह कहा कि वे उस गठजोड़ के साथ जाएंगे जिसमें नीतीश कुमार शामिल न हों। मांझी ने यह भी कहा कि वे लालू यादव के साथ कोई गठजोड़ तभी करेंगे जब उन्हें मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवारी दी जाए।

चुनाव पूर्व किसी गठबंधन के बारे में सवालों को टालते हुए मांझी ने चुनाव बाद के गठजोड़ की बात की और दावा किया कि वे उस गठबंधन के सहयोगी बनेंगे जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री और जद (एकी) नेता नीतीश कुमार शामिल न हों।

मांझी ने हाल में ही अपनी नई पार्टी ‘हिंदुस्तान अवाम मोर्चा’ (हम) बनाई है। राजद नेता लालू प्रसाद की उन्हें भाजपा के खिलाफ बन रहे महागठबंधन में शामिल होने के लिए की गई पहल के बारे में पूछे जाने पर मांझी ने कहा कि लालू प्रसाद और नीतीश कुमार के बीच गठजोड़ काम नहीं आ सकता। राजद का मतदाता नीतीश कुमार का समर्थन नहीं करेगा, जबकि नीतीश कुमार के पास बहुत छोटा सा वोट आधार है।

इसके पहले ‘हम’ के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने कहा, ‘मांझी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे लालू के साथ तभी जाएंगे जब उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया जाएगा और इस गठबंधन में नीतीश कुमार नहीं रहेंगे। भाजपा के साथ हमारी बातचीत बहुत सकारात्मक रही है।

मांझी ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा, ‘चुनाव के बाद अगर किसी दल के साथ गठबंधन करने की आवश्यकता हुई तो मैं उस गठजोड़ के साथ जाऊंगा जिसमें नीतीश कुमार शामिल न हों’। मांझी ने दावा किया कि उन्होंने बिहार में किसानों की तकलीफ का मुद्दा उठाने के लिए मोदी से मुलाकात की और धान की खरीद में कथित अनियमितता की सीबीआइ से जांच कराने की मांग की।

मांझी पर भाजपा नेतृत्व वाली राजग और लालू प्रसाद दोनों की नजरें हैं क्योंकि वे महादलित समुदाय से आते हैं जो कि राज्य में राजनीतिक रूप से काफी अहमियत रखता है। कुछ लोगों का मानना है कि बिहार में मुख्यमंत्री रहते हुए उनकी लोकलुभावन नीतियां और साथ ही जद (एकी) का उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटाना उनके समुदाय में उनके प्रति कुछ सहानुभूति पैदा कर सकता है। यद्यपि राजनीतिक रूप से अहम इस राज्य में एक राजनीतिक दल के प्रमुख के रूप में उनकी क्षमता की परीक्षा अभी नहीं हुई है।

लालू प्रसाद ने अभी हाल में मांझी को जनता परिवार में शामिल होने का प्रस्ताव किया था जिस पर नीतीश खेमे ने आपत्ति जताई थी। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने पिछले दिनों मांझी से हाथ मिलाने की संभावनाओं का संकेत देते हुए कहा था कि बातचीत चल रही है और नए सहयोगी दलों के लिए उनकी पार्टी के दरवाजे खुले हुए हैं।

बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडे ने मोदी और मांझी की मुलाकात का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मांझी को जब मुख्यमंत्री पद से बेदखल किया गया था तो भाजपा उनके साथ खड़ी थी। बिहार में विकास के लिए हम राजग में मांझी के शामिल होने का स्वागत करेंगे।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.