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Watch Video झाबुआ विस्फोट कांड: मुख्य आरोपी संघ और भाजपा का करीबी

Jhabua blast: जिले के पेटलावद कस्बे के न्यू बस स्टैंड के पास स्थित जिस तीन मंजिला इमारत में शनिवार को विस्फोट हुआ था, उसे रविवार को ढहा दिया
Author , झाबुआ | September 14, 2015 08:27 am
झाबुआ विस्फोट कांड में 89 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 100 लोग घायल हुए थे। इमारत का मालिक अपने परिवार के साथ फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। (फोटो: भाषा)

जिले के पेटलावद कस्बे के न्यू बस स्टैंड के पास स्थित जिस तीन मंजिला इमारत में शनिवार को विस्फोट हुआ था, उसे रविवार को ढहा दिया गया। इस विस्फोट में 89 लोगों की मौत हो गई थी और करीब 100 लोग घायल हुए थे। इमारत का मालिक अपने परिवार के साथ फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि आरोपी कसावा का संबंध आरएसएस और भाजपा से है। कांग्रेस ने घटना की सीबीआइ जांच की मांग की है। राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और जिले के प्रभारी मंत्री अंतर सिंह आर्य का पेटलावद कस्बे के लोगों ने रविवार को घेराव किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से हादसे की जांच का अनुरोध किया जाएगा।

मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अरुण यादव ने पत्रकार वार्ता में पेटलावद विस्फोट कांड की सीबीआइ जांच की मांग की है। यादव ने आरोप लगाया कि खनन में काम आने वाले विस्फोटक पदार्थों का आबादी वाले स्थान पर अवैध संग्रह करने वाला कारोबारी कसावा राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा से जुड़ा है। उसके खिलाफ कुछ साल पहले अवैध रूप से विस्फोटक सामग्री के संग्रह का एक मामला दर्ज हो चुका है।

वीडियो में देखें…

पुलिस ने रविवार को कहा कि रासायनिक खाद की दुकान जहां विस्फोटक रखे हुए थे, उसके मालिक राजेंद्र कसावा अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ फरार हैं। उनका घर पास की रंगरेज गली में था। रविवार को उनका यह घर सील मिला और उसके बाहर तीन पुलिसकर्मी पहरा दे रहे थे। कसावा के दो बड़े भाई कस्बे के पॉश माने जाने वाली महावीर कालोनी में बने आलीशान बंगलों में रहते हैं। वो भी अपने परिवार के साथ गायब हैं। कसावा भाजपा के व्यापार संगठन से जुड़े हुए हैं और वो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व कार्यकर्ता भी हैं।

हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि उनके पास रासायनिक खाद की दुकान में विस्फोटक रखने का लाइसेंस था या नहीं। जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने दावा किया कि कसावा के पास डेटोनेटर का लाइसेंस था। लेकिन अधिकारी लाइसेंस का विवरण नहीं दे पाए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा अल्वा ने कहा, ‘उनके पास एक लाइसेंस था, जो कि 2020 तक वैध था। लेकिन मुझे यह याद नहीं है कि किस संगठन ने इसे दिया था।’ अधिकारियों ने कहा कि लाइसेंस के बाद भी आवासीय इलाके में विस्फोटक रखना गैर कानूनी है। कसावा के खिलाफ धारा 304 (गैरइरादतन हत्या) और विस्फोटक पदार्थ कानून की धारा 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

झाबुआ में खनन में प्रयुक्त होने वाले विस्फोटक पदार्थों के भंडारण का बहुत सारे लोगों के पास लाइसेंस होने और विस्फोटकों का भंडारण की सूचना है। जिले की कलेक्टर अरुणा गुप्त ने खनन में प्रयोग होने वाले विस्फोटकों के कारोबारियों द्वारा जिले में आबादी वाले स्थानों पर इनका संग्रह और व्यापार करने के सवाल पर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर पर हम ऐसे कारोबारियों की जानकारी हासिल करेंगे और उनके खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई करेंगे।’ कलेक्टर ने यह नहीं बता पाईं कि विस्फोटक भंडारण करने के लाइसेंस धारकों की सही संख्या क्या है।

इस बीच रविवार को बामनिया गांव के छन्नालाल गहलोत (55) ने दावा किया कि उन्होंने पिछले साल 13 अक्तूबर को जिले के तत्कालीन कलेक्टर बी चंद्रशेखर को पेटलावद के कारोबारी राजेंद्र कसावा के आबादी वाले न्यू बस स्टैंड इलाके में विस्फोटक पदार्थों को बड़ी मात्रा में संग्रह करने की शिकायत की थी। दुर्घटनास्थल पर उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘यदि जिला प्रशासन ने उनकी शिकायत पर ध्यान देकर कसावा के खिलाफ कार्रवाई की होती तो यह हादसा नहीं हुआ होता। इतने लोगों की जान नहीं जाती।’

इस समय रतलाम के कलेक्टर बी चंद्रशेखर ने कहा, ‘झाबुआ में कलेक्टर रहने के दौरान कसावा के खिलाफ ऐसी किसी शिकायत की मुझे जानकारी नहीं है।’ वहीं अरुणा गुप्त ने कहा, ‘गहलोत द्वारा चंद्रशेखर को की गई इस शिकायत की जानकारी मुझे नहीं है। यह अब तक मेरी जानकारी में नहीं आई है।’

वहीं, जिले के रायपुरिया पुलिस थाने में 1988 में कसावा के खिलाफ विस्फोटक पदार्थों के अवैध संग्रह का मामला दर्ज होने के बारे में पुलिस अधीक्षक जीजी पांडे ने कहा कि इसकी जांच के बाद ही वह कुछ बता सकते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 10 साल में कसावा के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है।

विस्फोट पीड़ितों से मिलने पेटलावद आए चौहान और आर्य का आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने घटनास्थल न्यू बस स्टैंड के पास घेराव किया। इनमें कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे। चौहान ने संवाददाताओं से कहा, ‘राहत कार्यों की देखरेख और सामान्य स्थिति बहाल होने तक मैं यहां रहूंगा। मैं कल, परसों और यदि आवश्यकता हुई तो आगे भी यहां रहूंगा और प्रत्येक पीड़ित परिवार से मिलूंगा।’ उन्होंने कहा कि हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें दंडित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट से पेटलावद विस्फोट कांड की जांच न्यायाधीश से कराने का आग्रह किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हादसे में प्रत्येक मृतक के परिजन को दो लाख रुपए की सहायता राशि की घोषणा की समीक्षा की जाएगी और इसे बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने हादसे में घायल हुए प्रत्येक व्यक्ति को इलाज के लिए 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की बात कही।

पेटलावद के अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) एआर खान ने बताया कि हादसे के बाद से कसावा अपने परिवार के सदस्यों के साथ घर से फरार है।

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  1. उर्मिला.अशोक.शहा
    Sep 14, 2015 at 9:16 am
    वन्दे मातरम- कांग्रेस भूखे शेर की तरह आस लगाये बैठी है की कब भाजप पर आरोप लगाये जिस आदमीने जिलेटिन स्टिक रखी उसे तो अब कोईभी छोड़े गा नहीं लेकिन कांग्रेस को हर जगह राजनीती ही नजर अति है जा ग ते र हो
    (0)(2)
    Reply