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जम्मू में बाढ़ और भूस्खलन से दो महिलाओं की मौत, उत्तराखंड में अगले 48 घंटे में भारी बारिश की संभावना

रविवार (7 अगस्त) शाम कठुआ जिले में बिलावर इलाके में नाज नदी की उफनती धारा में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दो कर्मचारी फंस गए। बाद में उन्हें बचा लिया गया।
Author जम्मू/देहरादून/जयपुर | August 9, 2016 06:31 am
बाढ़ से प्रभावित एक परिवार अपने जानवरों के साथ नाव पर सुरक्षित स्थान की ओर जाते हुए। (AP Photo/Anupam Nath)

जम्मू क्षेत्र में भारी वर्षा के बाद भूस्खलन और अचानक आई बाढ़ से दो महिलाओं की मौत हो गई। इस दौरान सात अन्य लोगों को बचा लिया गया। इस बीच मौसम विभाग ने उत्तराखंड के आधा दर्जन से अधिक जिलों में अगले 48 घंटों में भारी बारिश की संभावना जताई है। वहीं राजस्थान के भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ में मूसलाधार बारिश से सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कठुआ जिले के बशोली इलाके में नागली नाला में भारी बारिश की वजह से बाढ़ आ गई। चार लोग रविवार (7 अगस्त) शाम एक नदी पार करते समय पानी में बह गए। तीन लोग बचा लिए गए लेकिन 65 साल की बिजली देवी का दो किलोमीटर बाद एक जगह से शव मिला। अधिकारियों के मुताबिक एक अन्य घटना में सांबा जिले के पुरुमंडल पहाड़ी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद भूस्खलन होने से दर्शना देवी नामक एक महिला मलबे में फंस गई। बाद में उसका शव बरामद हुआ। एक अलग घटना में रविवार (7 अगस्त) शाम कठुआ जिले में बिलावर इलाके में नाज नदी की उफनती धारा में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के दो कर्मचारी फंस गए। बाद में उन्हें बचा लिया गया। वहीं उधमपुर जिले में भी बालीनाला की आकस्मिक बाढ़ से दो व्यक्ति बचाए गए। जम्मू क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में बारिश के कारण 17 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए

इस बीच मौसम विभाग ने उत्तराखंड के आधा दर्जन से अधिक जिलों में सोमवार (8 अगस्त) शाम से अगले 48 घंटों में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी करते हुए अलर्ट रहने की हिदायत दी है। मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान में कहा गया है कि अल्मोड़ा, चंपावत, नैनीताल, ऊधमसिंह नगर, पौड़ी, हरिद्वार और देहरादून में इस अवधि के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है। इस अवधि के दौरान प्रदेश भर में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पिछले कई दिनों से उत्तराखंड के अधिकांश स्थानों पर रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और उनसे कई मार्गों पर यातायात बाधित हो रहा है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक ऋषिकेश-गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग उत्तरकाशी जिले में हेल्गुगाड, लालढांग और गंगनानी में पहाड़ से मलबा आने के कारण यातायात के लिए बंद हो गया है।

उधर, राजस्थान के भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ में मूसलाधार बारिश से सोमवार सामान्य जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित रहा। भीलवाड़ा जिले की बरसाती नदियों में उफान आने से भीलवाड़ा का कई स्थानों से संपर्क कट गया है। वहीं बिजौलिया में नदी के उफान में एक स्कूली बस फंस गई। लेकिन ग्रामीणों की सर्तकता से बड़ा हादसा टल गया। नदी नालों में उफान से भीलवाड़ा का मॉडल कस्बे से संपर्क कट गया है। इस मार्ग से निकलने वाले यातायात को अन्य वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। पुलिस के मुताबिक भीलवाड़ा के बिजौलिया थाना इलाके में एक बरसाती नाले में उफान के बावजूद चालक ने बस को उस पार ले जाने का प्रयास किया। लेकिन पानी के बहाव में बस अनियंत्रित होकर तेज पानी के बहाव में फंस गई। मौके पर मौजूद नागरिकों ने स्थिति को भांपकर बस के निकट पहुंचकर बस में बैठे बच्चों को सुरक्षित निकाला। सूत्रों के मुताबिक जिला प्रशासन ने मेनाली क्षेत्र में नदी के तेज बहाव में फंसे चार लोगों को हेलीकाप्टर की मदद से निकाला गया।

वहीं कोटा से मिली समाचार के मुताबिक बैराज में पानी की आवक तेजी से होने को देखते हुए बैराज के 13 दरवाजे खोलकर पानी की निकासी की जा रही है। चित्तौड़गढ़ के चंदेलिया में एक बस पानी के बहाव में फंस गई। उसे सुरक्षित निकाल लिया गया। बस में 11-12 यात्री सवार थे। उन्होंने बताया कि बैराज से पानी छोड़े जाने से पहले ही बैराज बहाव क्षेत्र के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दे दी गई थी। जिला प्रशासन ने लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया है। मौसम विभाग ने आगामी चौबीस घंटों में प्रदेश के कुछ हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना जताई है।

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