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अमेरिका जाना अब हुआ और भी आसान

एक समारोह में इस समझौते ज्ञापन पर अमेरिका में भारत के राजदूत अरुण के सिंह और अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के उपायुक्त केविन के मैकेलीनान ने दस्तखत किए।
Author वाशिंगटन | June 5, 2016 05:55 am
अमेरिकी झंडा

भारत और अमेरिका ने एक समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे पहले से मंजूरी प्राप्त और निम्न जोखिम वाले भारतीयों को अमेरिका के चुनिंदा हवाई अड्डों पर सुरक्षा अनापत्ति तेजी से दी जाएगी। इस समझौते के बाद भारतीयों का अमेरिका में प्रवेश आसान होगा।

भारत नौंवा ऐसा देश है जिसके साथ अमेरिका ने इंटरनेशनल एक्स्पीडिटेड ट्रेवलर इनिशिएटिव (जो वैश्विक प्रवेश कार्यक्रम के नाम से भी जाना जाता है) समझौता किया है। यह समझौता विश्व के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों के बीच बढ़ते संबंधों का प्रतिबिंब है। हालांकि इसे लागू होने में अभी कुछ महीने लगेंगे। इसके लागू होने के बाद ऐसे भारतीय जिन्हें पहले से मंजूरी मिली हुई है और जिनको लेकर जोखिम कम है, उनके अमेरिका पहुंचने पर कुछ चुनिंदा हवाईअड्डों पर सुरक्षा मंजूरी जल्दी दी जाएगी। जिन्हें लेकर कम जोखिम है।

एक समारोह में इस समझौते ज्ञापन पर अमेरिका में भारत के राजदूत अरुण के सिंह और अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन के उपायुक्त केविन के मैकेलीनान ने दस्तखत किए। समझौते के बाद जारी एक बयान में कहा गया है, ‘दोनों देशों की संयुक्त जांच और मंजूरी के बाद स्वीकृति प्राप्त भारतीय यात्रियों को चुनिंदा अमेरिकी हवाईअड्डों पर स्वचालित बूथों के जरिए अमेरिका में शीघ्र प्रवेश की सुविधा मुहैया कराई जाएगी।’ बयान के मुताबिक संबंधित प्रक्रिया आगामी महीनों में पूरी होने की उम्मीद है।

समझौता पत्र हस्ताक्षर के लिए आयोजित समारोह में भारतीय राजदूत ने कहा, ‘इस कार्यक्रम के तहत अमेरिकी हवाईअड्डों पर भारतीय यात्रियों के प्रवेश संबंधी कार्रवाई शीघ्र पूरी होने से यात्रा वातावरण और आसान बनेगा। उसका दोनों देशों के लोगों के बीच सभी प्रकार के आपसी संपर्कों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।’ सिंह ने कहा कि अमेरिका के साथ द्विपक्षीय संबंध के मामले में प्रधानमंत्री का यह दृष्टिकोण रहा है कि दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संबंध मजबूत बनाए जाएं। उन्होंने कहा, ‘पिछले दो सालों में भारत सरकार ने अमेरिका से भारत की यात्रा सुगम बनाने के लिए कई पहलें की हैं। उनमें अमेरिकी नागरिकों के लिए लंबी अवधि के वीजा जारी करना और इलेक्ट्रॉनिक पर्यटक वीजा शुरू करना शामिल है।’

सिंह ने कहा, ‘वैश्विक प्रवेश कार्यक्रम में भारत का प्रवेश दोनों देशों के बीच यात्रा को और सुगम बनाएगा और लोगों के आपसी संबंधों को मजबूत करेगा।’ उन्होंने कहा कि अमेरिका में भारतीय मूल के 30 लाख से अधिक लोग रहते हैं जिनके भारत के साथ गहरे संबंध हैं। सिंह ने कहा, ‘हम देखते हैं कि पेशेवर, कारोबार, पर्यटन और शिक्षण समेत विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े हमारे 10 लाख से अधिक नागरिक हर साल दोनों ओर से आ-जा रहे हैं। इस पहल से इन यात्रियों को सीधा लाभ होगा।’

फिलहाल वैश्विक प्रवेश कार्यक्रम 40 से अधिक अमेरिकी हवाई अड्डों और 12 पूर्व मंजूरी स्थलों पर उपलब्ध है। 18 लाख से अधिक लोग वैश्विक प्रवेश कार्यक्रम के तहत पंजीकृत हैं। हर महीने करीब 50 हजार नए आवेदन इस कार्यक्रम के लिए आते हैं।

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