December 10, 2016

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जनधन खातों के लेन-देन का ब्योरा वित्तीय खुफिया इकाई ने मांगा

20 नवंबर तक एजंसी को करीब छह करोड़ जनधन खातों के संदर्भ में जवाब मिल चुका है

Author नई दिल्ली, | November 24, 2016 03:21 am
पुराने हजार के नोट।

वित्तीय खुफिया इकाई (एफआइयू) ने नोटबंदी के बाद जनधन बैंक खातों में जमा राशि के सभी संदिग्ध लेन-देन के मामलों का ब्योरा एकत्रित करने के लिए अभियान शुरू किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक वित्त मंत्रालय के अधीन आने वाला एफआइयू ने सभी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों को इस संदर्भ में पत्र भेजकर इन खातों में राशि व लेन-देन का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराने को कहा है। आठ नवंबर की रात से हजार और पांच सौ रुपए के नोट पर पाबंदी लगाई गई थी। सूत्रों के मुताबिक 20 नवंबर तक एजंसी को करीब छह करोड़ जनधन खातों के संदर्भ में जवाब मिल चुका है। एसंजी इस ब्योरे को अब आयकर विभाग समेत विभिन्न एजंसियों को भेजा जा रहा है।

कर विभाग ने हाल ही में लोगों को कालाधन दूसरे के खाते में डालने को लेकर आगाह किया था। उसका कहना था कि इस पर हाल में लागू बेनामी सौदा कानून के तहत आरोप लगेंगे। इसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना, अभियोजन लगाया जा सकता है। इसमें अधिकतम सात साल की जेल हो सकती है। नोटबंदी की घोषणा के बाद जनधन खातों में 21,000 करोड़ रुपए जमा किए गए। इस मामले में पश्चिम बंगाल सबसे आगे हैं, जहां सर्वाधिक जमा देखे गए। उसके बाद कर्नाटक का स्थान है। नोटबंदी के बाद इन खातों में जमा राशि बढ़ कर 65,000 करोड़ रुपए से 66,636 करोड़ रुपए हो गई। वहीं नौ नवंबर से पहले करीब 25.5 करोड़ खातों में 45,636 करोड़ रुपए जमा थे।

 

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First Published on November 24, 2016 3:21 am

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