कुछ लोगों को लगा है योग के विरोध का रोग: नकवी

international yoga day, Mukhtar Abbas Naqvi
मुसलमानों को गुमराह कर रहे धर्म के ठेकेदार

योग, सूर्य नमस्कार और गीता पाठ के मुद्दे पर ऑल इंडिया मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से कड़ी आपत्ति दर्ज कराए जाने के बीच अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को कहा कि अज्ञानतावश उठाए गए एक बिना बात के मुद्दे को लेकर मुसलमानों को उनके धार्मिक ठेकेदार गुमराह कर रहे हैं।

नकवी ने यहां संवाददाताओं से बातचीत में मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड की ओर से योग का विरोध किए जाने के बारे में पूछे जाने पर कहा- मुझे लगता है कि कुछ लोगों को योग के विरोध का रोग हो गया है। इस रोग का इलाज भी योग ही है। इसलिए उनके अज्ञान, उनकी गैरजानकारी के लिए हम तो उनको बिना मांगी सलाह यही देंगे कि वे योग की दिशा में जाएं और योग को मजहब से न जोड़ें। योग को मजहब से जोड़ने वाले लोग अपने ज्ञान को ठीक करें।

उन्होंने कहा- अफसोस की बात है कि बिना बात के मुद्दे के चक्रव्यूह में इस देश के अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों को उनके धार्मिक ठेकेदार फंसा रहे हैं। हमें लगता है कि उन्हें यह समझना चाहिए कि यह गुमराह करने का चलन बहुत दिन तक नहीं चलेगा। सूर्य नमस्कार और गीता पाठ को पाठ्यक्रम में शामिल करके थोपे जाने पर मुसलिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आपत्ति के बारे में नकवी ने कहा- मुझे लगता है कि जो हमारे उलमा (मुसलिम धर्मगुरु) हैं, मैं बहुत अदब के साथ उनसे कहना चाहूंगा कि अगर वे इसकी आधा फीसद ताकत भी देश के मुसलमानों की शिक्षा, उनके सशक्तीकरण और उनके बुनियादी सवालों के लिए लगाते तो उनका भी भला होता और देश का भी भला होता।

योग को हराम करार देने वाले दारुल उलूम देवबंद के एक कथित फतवे के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फतवा तो हिंदुस्तान में ठेले पर बिकने वाली सब्जी की तरह हो गया है। फतवा जिसे खरीदना हो, खरीद ले। मुझे लगता है कि फतवों का सम्मान खत्म किया जा रहा है।

नकवी ने कहा कि धर्मनिरपेक्षता के कुछ सियासी सूरमा मुसलमानों को भाजपा के खिलाफ भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। इसका मोदी सरकार पर कोई असर नहीं होगा। सचाई यह है कि मुसलमान पिछले पांच-छह दशक से विकास से महरूम किए गए। मोदी सरकार सभी को साथ लेकर चलेगी, जिसका फायदा मुसलमानों को भी होगा। उन्होंने कहा कि सरकार मुसलिम स्वतंत्रता सेनानियों बेगम हजरत महल, अम्मा बी और अशफाक उल्ला खां के नाम पर योजनाएं चलाएगी।

उन्होंने एक सवाल पर कहा कि राम मंदिर का मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। उसके फैसले के बाद ही उस दिशा में कुछ किया जाएगा। विदेशी बैंकों में जमा कालेधन के बारे में पूछे जाने पर नकवी ने कहा कि कालाधन वापस लाया जाएगा, यह हमारा संकल्प है। मोदी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में सबसे पहले यही फैसला किया गया कि कालेधन की वापसी में पैदा होने वाली बाधाओं को खत्म करना है। इसके लिए एसआइटी बनाई गई। हमने पिछले सत्र में कालेधन के संबंध में एक मजबूत कानून भी बनाया है। आने वाले समय में दुनिया के किसी भी कोने में जहां भी कालाधन होगा तो न तो वह धन बचेगा और न उसे जमा करने वाले कुबेर बचेंगे।

देश में तेजी से बढ़ रही महंगाई पर उन्होंने कहा कि इसको काबू में करने की दिशा में हम काफी तेजी से आगे बढ़े हैं। कुछ जगहों पर कुछ चीजों के दामों में बढ़ोतरी हुई है तो उस पर नियंत्रण करेंगे, इसका विश्वास दिलाते हैं। एक साल में बाजार आसमान पर नहीं जाने दिया गया है। जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई हो रही है।