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भड़काऊ वीडियो मामला: संगीत सोम को मिली क्लीन चिट, पुलिस बोली – फेसबुक ने सबूत ही नहीं दिए

भड़काऊ वीडियो शेयर करने वाले मामले में संगीत सोम को क्लीन चिट मिल गई।
Author April 15, 2017 15:08 pm
संगीत सोम यूपी के सरधना से बीजेपी विधायक हैं। (फाइल फोटो)

भड़काऊ वीडियो शेयर करने वाले मामले में संगीत सोम को क्लीन चिट मिल गई। यूपी के सरधना से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के विधायक संगीत सोम पर आरोप था कि उन्होंने 2013 में मुजफ्फरनगर दंगों के वक्त एक भड़काऊ वीडियो शेयर किया था। संगीत सोम पर आरोप था कि उस वीडियो की वजह से सांप्रदायिक माहौल बिगड़ा था जिसकी वजह से वहां और आसपास के 62 लोगों की जान चली गई। इस मामले के लिए स्पेशल इनवेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई थी जिसने अपनी समापन रिपोर्ट में संगीत सोम को क्लीन चिट दी।

मामले की जांच कर रहे इंस्पेक्टर धर्मपाल त्यागी ने कहा, ‘समापन रिपोर्ट को एक हफ्ते पहले ही दे दिया गया क्योंकि कैलिफॉर्निया में स्थित फेसबुक के हेड क्वॉटर से हमको पूरी जानकारी नहीं मिली, इस वजह से पूरे सबूत जमा नहीं हो सके। समापन रिपोर्ट में भी यही कहा गया है कि कोई सबूत मिला ही नहीं।’ टीम ने कोर्ट में वह रिपोर्ट जमा कर दी है। यूपी पुलिस का कहना है कि SIT काफी वक्त से फेसबुक से आने वाली जानकारी का इंतजार कर रही थी।

क्या था आरोप: संगीत सोम पर आरोप था कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वीडियो पोस्ट किया था। जिसमें दो युवकों को पीटा जा रहा था। वह वीडियो सचिन और गौरव नाम के दो युवकों की हत्या के बाद पोस्ट किया गया था। आरोप था कि दोनों को कवाल के रहने वाले शाहनवाज नाम के शख्स के मर्डर के बदले मारा गया था। यह घटना 27 अगस्त 2013 को घटी थी। उसके बाद वीडियो शेयर होना शुरू हुई जिसपर लिखा था, ‘भाई साहब देखो क्या हुआ कवाल में।’

पुलिस का कहना था कि वह वीडियो फर्जी था और दो साल पहले अपलोड हुआ था। कहा गया कि वह भारत का था भी नहीं। शुरुआती जांच में पता लगा कि उस वीडियो को यूट्यूब पर शिवम कुमार नाम के शख्स ने डाला और फैला दिया। आरोप था कि उस वीडियो को ही संगीत सोम ने भी शेयर किया था।

29 अगस्त 2013 को एफआईआर दर्ज हुई। उसमें संगीत सोम, कुमार और 229 अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 (जालसाजी), 153-ए (धार्मिक आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देना), 120-बी (साजिश) और धारा 66 के तहत मामला दर्ज हुआ।

जांच के दौरान पुलिस को पता लगा कि संगीत सोम और कुमार ने अपनी फ्रेंडलिस्ट समेत कई छोटी जानकारी तक फेसबुक से हटा दी थीं। फिर फेसबुक हेडक्वॉटर से जानकारी मांगी गई। सीबीआई के कहने पर फेसबुक ने कुछ जानकारियां तो दीं लेकिन केस के लिए और जानकारियां चाहिए थीं। सूत्रों ने बताया कि इसके लिए लगातार पत्र लिखे गए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।

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