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अमेरिका में इंदिरा ने दिखाई थी बड़ी हिम्मत, सीधे पूछा था- पाकिस्तान भारत नहीं तो किस पर चलाएगा अमेरिकी हथियार?

इंदिरा ने अमेरिकी पत्रकार से कहा, "हाँ, बिल्कुल, मैं अभी पूर्वी अफ्रीका से लौटी हूं और मैंने वहां कई शेर देखे जो शरीफ और विनम्र थे।"
भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी। (फाइल फोटो)

भारत की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को राजनीति अपने पिता और दादा से विरासत में मिली थी। अपने दादा मोतीलाल नेहरू और पिता जवाहरलाल नेहरू ही की तरह वो भारत के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी हुई थीं। भारत को आजादी मिलने के बाद जब वो भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लालबहादुर शास्त्री के असामयिक निधन के बाद प्रधानमंत्री बनीं तो उनके ऊपर उम्मीदों का बड़ा बोझ था। प्रधानमंत्री के तौर पर उनके कार्यकाल का मुल्यांकन राजनीति विद्वानों का काम है लेकिन इस बात में शायद ही कोई मतभेद है कि वो देश की सबसे “साहसी” प्रधानमंत्रियों में गिनी जाएंगी। ये उनका साहस ही था कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद भी उन्होंने अपने सिख अंगरक्षकों को हटाने से इनकार कर दिया था। बाद में उन्हीं अंगरक्षकों ने 31 अक्टूबर 1984 को गोली मारकर उनकी हत्या कर दी।

इंदिरा शायद ही किसी से डरती थीं। भले ही वो विश्व की महाशक्ति अमेरिका ही हो। इसका प्रमाण उनके एक बहुत पुराने इंटरव्यू से मिलता है।भारतीय प्रधानमंत्री के तौर पर इंदिरा यूएन की 21 वर्षगांठ पर होने वाले कार्यक्रम में शामिल होने के लिए अमेरिका गई थीं। संयुक्त राष्ट्र के कार्यक्रम में शामिल होने से पहले उन्होंने अमेरिकी टेलीविजन नेटवर्क एनबीसी एक “मीट द प्रेस” कार्यक्रम में शामिल हुईं। ये कार्यक्रम राजनेताओं से कड़े और खरे-खरे सवाल पूछे जाने के लिए जाना जाता था। कार्यक्रम में जब वाशिंगटन पोस्ट के पत्रकार रॉबर्ट ईस्टब्रुक ने इंदिरा से पूछा, “भारत और अमेरिका के संबंध अपने सबसे खराब दौर में हैं। क्योंकि अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को हथियार दिए जाना है। जिसमें बमवर्षक, फाइटर और कैरियर विमान शामिल हैं। और क्या इसी वजह से आप राष्ट्रपति के डिनर में नहीं गई थीं।”

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ईस्टब्रुक का सवाल सुनकर इंदिरा पहले मुस्कराईं। उन्होंने बहुत इत्मीनान के साथ जवाब दिया, “जहां तक सवाल के आखिरी हिस्से की बात है, इसका डिनर में शामिल न होने का कोई संबंध नहीं है। लेकिन ये सच है कि भारत के लोग इस मसले पर काफी आहत हैं। और उनके पास इसके ठोस कारण हैं। आखिर पाकिस्तान इन हथियारों का प्रयोग किसके खिलाफ करेगा? वो इन हथियारों का प्रयोग केवल भारत के खिलाफ करेगा और सच तो ये है कि उसने ऐसा माना भी है। इससे भारत के लिए खतरा बढ़ गया है।”

एक बार जब मशहूर भारतीय-अमेरिकी वैज्ञानिक एस चंद्रशेखर ने इंदिरा गांधी से इस किस्से की हकीकत जाननी चाही तो उन्होंने इसकी पुष्टि करेत हुए बताया कि अगले दिन जब वो एनबीसी के स्टूडियो पहुंची तो कार्यक्रम शुरू होने से पहले मिस्टर स्पीवाक ने उनसे पूछा, “क्या आप गेटिसबर्ग भाषण दोहरा सकती हैं? गेटिसबर्ग भाषण अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंक का समान नागरिक अधिकारों पर दिया ऐतिहासिक भाषण है। इंदिरा ने उनसे पूछा, “वो किसलिए?” स्पीवाक ने जवाब दिया, “ताकि हम ये देख सकें कि आप अमेरिका को कितने अच्छे से जानती हैं?” इस पर इंदिरा ने उन्हें बताया कि राष्ट्रपति केनेडी ने पिछली रात को उन्हें फोन किया था और सावधा करेत हुए कहा था कि उनके और उनके पैनल के सामने जाना शेरों के पिंजड़े में जाने जैसा है। इस पर स्पीवाक ने कहा, “अरे नहीं मैडम गांधी, हम तो बहुत ही शरीफ और विनम्र लोग हैं।” इस पर इंदिरा ने कहा, “हाँ, बिल्कुल, मैं अभी पूर्वी अफ्रीका से लौटी हूं और मैंने वहां कई शेर देखे जो शरीफ और विनम्र थे।”

देखें इंदिरा गांधी के एनबीसी के सवाल-जवाब का वीडियो-

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  1. S
    Sinha Munni
    Oct 31, 2016 at 9:07 am
    "अपने दादा जवाहरलाल नेहरू और पिता जवाहरलाल नेहरू "Please Correct it .at least people trust on you..
    (0)(0)
    Reply
    सबरंग