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इस रूट पर 200 Kmph की स्पीड से ट्रेनें दौड़ाएगी रेलवे, 1 किमी के लिए खर्च होंगे 46 करोड़ रुपए

फ्रांसीसी रेलवे ‘एसएनसीएफ’ 245 किलोमीटर लंबे चंडीगढ़ मार्ग सहित अर्ध उच्च गति परियोजना पर आने वाली लागत, इसे लागू करने का मॉडल और कार्यान्वयन रणनीति पेश करेगा।
Author नई दिल्ली | April 15, 2017 17:07 pm
रेल गाड़ी के नीचे आने के बाद भी बच गई जान। (Representative Photo)

दिल्ली-आगरा कोरिडोर में 160 किलोमीटर प्रति घंटा की रेल सेवा कामयाबी से शुरू करने के बाद रेलवे का लक्ष्य दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग पर फ्रांस की मदद से ट्रेनों की गति 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक बढ़ाने का है ताकि यात्रा में लगने वाले समय में कमी आ सके। दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग 245 किलोमीटर लंबा कोरिडोर है जो उत्तर भारत के सबसे व्यस्त मार्गों में से एक है। इस मार्ग को रेलवे की ओर से शुरू की गई पहली अर्ध उच्च गति (सेमी हाई स्पीड) परियोजना के लिए चुना किया गया है और इस पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से रेल गाडियां चलाई जाएंगी।

रेलवे ने 6,400 किलोमीटर के उच्च प्राथमिकता वाले नौ यात्री कोरिडोरों की पहचान की है जिनमें दिल्ली-आगरा, दिल्ली-चंडीगढ़ मार्ग भी शामिल हैं। उन्हें अर्ध उच्च गति की ट्रेन सेवा चलाने के लिए अपग्रेड किया जाएगा। दिल्ली-कानपुर, नागपुर-बिलासपुर, मैसूर-बेंगलूरू-चेन्नई, मुंबई-गोवा, मुंबई-अहमदाबाद, चेन्नई-हैदराबाद और नागपुर-सिंकदराबाद मार्गो की भी पहचान यात्री ट्रेनों की गति बढ़ाकर 160-200 किलोमीटर प्रति घंटा करने के लिए की गई है।

फ्रांसीसी रेलवे ‘एसएनसीएफ’ 245 किलोमीटर लंबे चंडीगढ़ मार्ग सहित अर्ध उच्च गति परियोजना पर आने वाली लागत, इसे लागू करने का मॉडल और कार्यान्वयन रणनीति पेश करेगा। परियोजना से जुड़े रेलवे के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि फ्रांस की टीम अक्तूबर तक अपनी अंतिम रिपोर्ट दे सकती है। अधिकारी ने कहा कि 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन को चलाने के लिए मौजूदा ट्रैक को अपग्रेड करने पर सहमति दे दी गई है।

अनुमान के मुताबिक इसके निर्माण में करीब 10000 करोड़ रुपए की लगात आएगी। वहीं 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेन के प्रति किलोमीटर के निर्माण पर 46 करोड़ का खर्च आएगा। जिसमें रोलिंग स्टॉक, सिंग्नल और चंडीगढ़ कॉरीडोर का ट्रैक अपग्रेडेशन भी शामिल है। वर्तमान में शताब्दी एक्सप्रेस अधिकतम 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से 245 किलोमीटर की यात्रा 3.30 घंटे में तय करती है। 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने पर समय में डेढ घंटे की कमी आएगी। साथ ही केवल अंबाला पर ट्रेन रुकेगी।

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