June 25, 2017

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दिल्‍ली से मुंबई के बीच देश की सबसे तेज ट्रेनें चलाने की तैयारी में रेलवे, जानिए कब लागू होगा प्‍लान

राजधानी ट्रेनों की औसत स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा है। वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत स्पीड 52 किलोमीटर प्रति घंटा है।

अभी भारत में सबसे तेज स्पीड दिल्ली से आगरा के बीच चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस की है। इसकी स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।

रेलवे अब राजधानी ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। रेलवे दिल्ली से मुंबई और दिल्ली से हावड़ा के बीच लगने वाले टाइम को कम करना चाहता है। ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने के लिए रेलवे प्रस्ताव देगा। अभी यहां पहुंचने में 17 घंटे का समय लगता है। रेलवे इसे घटाकर 12 घंटे पर लाना चाहता है। ऐसा होने के बाद यह दोनों लाइनें भारत की सबसे ज्यादा स्पीड वाली लाइन हो जाएंगी। इन पर राजधानी की स्पीड 200 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। अभी भारत में सबसे तेज स्पीड दिल्ली से आगरा के बीच चलने वाली गतिमान एक्सप्रेस की है। इसकी स्पीड 160 किलोमीटर प्रति घंटा है। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक भारत में ज्यादार ट्रेनों की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा से कम है। रेलवे के एक अधिकारी के मुताबिक अभी प्रीमियम राजधानी ट्रेनों की औसत स्पीड 75 किलोमीटर प्रति घंटा है। वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की औसत स्पीड 52 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके अलावा मालगाड़ियों की औसत स्पीड तो महज 22 किलोमीटर प्रति घंटा ही है।

गौरतलब है कि रेलवे की बजट स्पीच में सैकड़ों प्रॉजेक्ट्स की घोषणा की जा चुकी है लेकिन अभी तक इन्हें कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिली है। करीब 5 लाख करोड़ रुपये के 394 रेल प्रॉजेक्ट पेंडिंग हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु के मुताबिक नए प्लान को जनवरी 2018 से लागू करना शुरू किया जाएगा और इसे पूरा होने में 2 से 3 साल का समय लगेगा। एक रेलवे अधिकारी के मुताबिक इस प्रॉजेक्ट में 18,163 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अभी रेलवे अपने इलेक्ट्रिक सिस्टम, डायरेक्ट ट्रेन और सिविल इंजीनियरिंग के प्रॉजेक्ट्स पर फोकस कर रहा है।

सरकार के मुताबिक, सरकार इन रूट्स के अलावा पूरे गोल्डन क्वाड्रीलैटरल में फास्ट ट्रेन चलाना चाहती है। इसमें दिल्ली-चैन्नई और मुंबई-कोलकाता रूट भी शामिल हैं। इस पूरे गोल्डन क्वाड्रीलैटरल में 9,100 किलोमीटर रेलवे ट्रैक है। इसमें से करीब 6,400 किलोमीटर (70 फीसदी)  ट्रैक की हालत ऐसी भी नहीं है कि उस पर 130 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से भी ट्रेन नहीं चलाई जा सकती हैं। 730 जगहों पर स्पीड लिमिट है। वहीं 2,736 क्रॉसिंग हैं। हम इन बाधाओं को दूर करने के लिए काम कर रहे हैं।

आपको बता दें कि ब्रिटेन में सन 1967 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से ट्रेन चल रही हैं। फ्रांस अगले कुछ दिनों में 300 किलोमीटर प्रति घंटा और उससे ज्यादा स्पीड वाली ट्रेन चलाने की तैयारी कर रहा है। दुनिया की सबसे तेज स्पीड वाली ट्रेन शंघाई मैग्लेव है जिसकी टॉप स्पीड 430 किलोमीटर प्रति घंटा है।

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First Published on June 19, 2017 6:49 pm

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