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सेना ने संसदीय पैनल को दी सर्जिकल हमले की जानकारी, कांग्रेस के सवाल का नहीं मिला जवाब

अंबिका सोनी ने कहा था, ‘गोपनीयता के नाम पर समिति को सर्जिकल हमलों की जानकारी न देने का फैसला सांसदों पर विश्वास की कमी को दिखाता है।'
Author नई दिल्ली | October 14, 2016 17:52 pm
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

शुरुआती अनिच्छा के बाद शुक्रवार (14 अक्टूबर) को सेना ने अपने जवानों द्वारा पाक अधिकृत कश्मीर के अंदर स्थित आतंकी ठिकानों पर अंजाम दिए गए सर्जिकल हमलों की जानकारी रक्षा मामलों की संसदीय स्थायी समिति को दे दी। बैठक में शिरकत करने वाले कम से कम तीन सदस्यों ने कहा कि वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत ने समिति को 29 सितंबर के सर्जिकल हमलों पर जानकारी दी। एक सदस्य ने कहा, ‘संवेदनशील मुद्दे पर सेना की ओर से संक्षिप्त बयान दिया गया। लेकिन कोई सवाल नहीं लिया गया।’ लेकिन राजग के एक अन्य सदस्य ने कहा कि कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री सवाल पूछना चाहते थे लेकिन पैनल के प्रमुख मेजर जनरल बी सी खंडूरी (सेवानिवृत्त) ने इससे इंकार कर दिया। उन्होंने कहा, ‘दोनों के बीच गर्मागर्म बहस हुई। अंतत: कोई सवाल नहीं लिया गया।’

पहले स्थायी समिति को ‘नियंत्रण रेखा के पार के सर्जिकल हमलों पर रक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों से जानकारी’ मिलनी थी लेकिन बाद में एजेंडा बदल दिया गया और इसे ‘ई-डाक मतपत्र व्यवस्था के क्रियांवयन की स्थिति’ पर रक्षा मंत्रालय, कानून मंत्रालय और चुनाव आयोग के अधिकारियों द्वारा की जाने वाली सुनवाई बना दिया गया था। गुरुवार (13 अक्टूबर) को कांग्रेस के दो वरिष्ठ सदस्यों अंबिका सोनी और मधूसूदन मिस्त्री ने एजेंडे में इस बदलाव को बेहद अस्वीकार्य बताया था। पार्टी के महासचिवों अंबिका सोनी और मिस्त्री ने गुरुवार को साझा बयान में कहा था, ‘गोपनीयता के नाम पर समिति को सर्जिकल हमलों की जानकारी न देने का फैसला सांसदों पर विश्वास की कमी को दिखाता है। ये वे सांसद हैं जो समिति में हैं और गोपनीयता की शपथ से बंधे हैं। यह रुख हमारे लिए बिल्कुल अस्वीकार्य है।’

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