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चीन के साथ सभी विवादों को ईमानदारी से सुलझाना चाहते हैं: राजनाथ सिंह

भारत ने आज कहा कि वह चीन के साथ सीमा विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान करने की ‘ईमानदार मंशा’ रखता है और उसने चीन से कहा कि वह आगे आए और मतभेद को दूर करने में सहयोग करे। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,‘‘चीन-भारत सीमा को लेकर सोच में अंतर है। चीन कहता है कि सीमा यहां […]
Author January 28, 2015 19:07 pm
मसर्रत आलम पर कार्रवाई करें मुफ्ती सरकार: राजनाथ सिंह (फ़ाइल फ़ोटो)

भारत ने आज कहा कि वह चीन के साथ सीमा विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान करने की ‘ईमानदार मंशा’ रखता है और उसने चीन से कहा कि वह आगे आए और मतभेद को दूर करने में सहयोग करे।

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा,‘‘चीन-भारत सीमा को लेकर सोच में अंतर है। चीन कहता है कि सीमा यहां है, हम कहते हैं कि नही, सीमा यहां है। हम सीमा समस्या को सुलझाने की कोशिश करते रहे हैं। चीन को आगे आना चाहिए। भारत सभी विवादों का शांतिपूर्ण समाधान चाहता है।’’

भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 32 वीं वाहिनी के बटालियन शिविर का उदघाटन करने के बाद सिंह ने आज यह बात कही। वह शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर महाराजपुर में इस कार्यक्रम के लिए आये थे। उन्होंने कहा कि भारत की कभी कोई क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा नहीं रही और सरकार सीमा को लेकर उभरे सोच के अंतर को मिटाकर इस विवाद का समाधान करना चाहती है।

उन्होंने कहा,‘‘हम विस्तारवादी सोच नहीं रखते। भारत का इतिहास बताता है कि हम कभी भी विस्तारवादी नहीं रहे। हमने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया। हम शांति के पुजारी हैं। चीन को यह समझना चाहिए। हम सभी मसलों का ईमानदारी से समाधान करना चाहते हैं।’’

गृहमंत्री ने कहा कि उनका मंत्रालय पहले ही भारत तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों के लिए 35 नयी चौकियों को मंजूरी दे चुका है। भारत तिब्बत सीमा पुलिस सीमांत क्षेत्रों में सुरक्षा के लिए तैनात बल है। उन्होंने बताया कि 22 सीमा चौकियां जल्दी ही काम करना शुरू कर देंगी और 13 अन्य पर काम चल रहा है।

गृहमंत्री ने कहा कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस को पिछले दिसंबर में ही ‘सिर्फ उसके उपयोग के लिए’ हवाई संपर्क सुविधा मुहैया कराई जा चुकी है और उसके जवानों की गतिशीलता को बढ़ाने के लिए 27 प्राथमिकता प्राप्त सड़क संपर्कों पर काम चल रहा है। ये 27 सड़क संपर्क उन 34 सड़क संपर्कों के तहत ही हैं जिन्हें गृह मंत्रालय स्वीकृति दे चुका है।

उन्होंने बताया कि भारत तिब्बत सीमा पुलिस के उन जवानों, जो बर्फ से ढंकी पर्वतश्रृंखलाओं पर तैनात हैं, को अपने परिवारों से नियमित तौर पर बातचीत कर सकने की बेहतर संचार संपर्क मुहैया कराने के इरादे से गृह मंत्रालय 123 मोबाइल फोन टावर्स को स्वीकृति दे चुका है।

सिंह ने बताया कि आईटीबीपी जवानों और अधिकारियों की क्रमवार लेकिन शीघ्र तैनाती को सुनिश्चित करने के लिए भी उनका मंत्रालय काम कर रहा है।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की हाल की भारत यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत विश्व के सभी देशों के साथ बेहतर रिश्ते चाहता है खासतौर से अपने निकट पड़ोसी देशों के साथ।

सिंह ने कहा, ‘‘अमेरिकी राष्ट्रपति भारत आए थे। हम अमेरिका और अन्य देशों के साथ रिश्तों को बेहतर बनाना चाहते हैं। इसी के साथ हम अपने पड़ोसी देशों के साथ रिश्तों में भी सुधार लाना चाहते हैं। भारत का हमेशा से मानना रहा है कि पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान जैसे पड़ोसी देश सभी हमारे परिवार का हिस्सा हैं। हम अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ और विश्व के सभी अन्य देशों के साथ अच्छे रिश्ते बनाना चाहते हैं।

एक अन्य सवाल के जवाब में राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत को अपने दो निकट पड़ोसी देशों, पाकिस्तान और चीन के बीच बढ़ते सहयोग और मित्रता को लेकर कोई परेशानी नहीं है। उन्होंने कहा,‘‘हमें कोई परेशानी नहीं है। उन्हें अपने रिश्तों में सुधार करने दीजिए। भारत अपने सभी पड़ोसी देशों के साथ संबंध सुधारना चाहता है।’’

सिंह ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा हाल में कश्मीर निवासी लियाकत शाह मामले में आरोपपत्र दाखिल किए जाने के बारे में कोई टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। इस मामले में एजेंसी ने दिल्ली पुलिस की विशेष शाखा पर उसे (शाह को) आतंकवादी के तौर पर फंसाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा,‘‘मैं इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है।’’

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