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गुलामी की इस निशानी को खत्म करेगी मोदी सरकार, आजादी के बाद भी ढो रहा है भारत

भारत सरकार जल्द ही अंग्रेजों की गुलामी के निशान से मुक्ति पाने वाला है। भारत सरकार ने इस गुलामी के प्रतीक से आजादी पाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।
Author नई दिल्ली | October 12, 2016 11:55 am
यह वीटी कोड भारत के हर विमान पर रजिस्टर्ड होता है और यह 1929 से चला आ रहा है। (PTI Photo)

भारत सरकार जल्द ही अंग्रेजों की गुलामी के निशान से मुक्ति पाने वाला है। भारत सरकार ने इस गुलामी के प्रतीक से आजादी पाने के लिए तैयारी शुरू कर दी है। भारत असैनिक विमान (सिविल एयरक्राफ्ट) का पंजीकरण कोड को बदलने के लिए नए सिरे से प्रयास कर रही है, जो कि VT (Viceroy Territory या वायसराय टेरेटरी) के रूप में प्लेन पर अंकित होता है। यह वीटी कोड भारत के हर विमान पर रजिस्टर्ड होता है और यह 1929 से चला आ रहा है। आजादी के बाद भी यह कोड भारत द्वारा अभी तक बनाए रखा गया है। जबकि ब्रिटिश को अन्य गुलाम देश जैसे पाकिस्तान, फिजी और नेपाल इससे काफी पहले की पीछा छुड़ा चुके हैं।

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक एविएशन सेक्रेटरी ने बताया कि सरकार इस मामले को नए सिरे से देखने का फैसला किया है। हम इसकी जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम इस मामले को इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गेनाइजेशन के सामने उठाकर इसको बदलने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं एविएशन इंडस्ट्री से जुड़े एक एक्सपर्ट का कहना है कि VT की वजह से दिमाग में ब्रिटिश राज आता है। क्या जरुरत है इस कोड को बरकरार रखने की जबकि सभी देश इसे हटा चुके हैं। ये हमारे साथ काफी लंबे समय से हैं।

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क्या है VT का मतलब
VT का मतलब है ‘Viceroy Territory’ यानी वायसरॉय का इलाका। अंतरराष्ट्रीय नियमों के मुताबिक, हर हवाई जहाज के ऊपर ये कोड प्रमुखता से लिखा होना चाहिए कि वो किस देश का है, यानी उसकी पहचान क्या है। रजिस्ट्रेशन कोड पांच अक्षरों का होता है। पहले दो अक्षर देश का कोड होता है और उसके बाद के अक्षर ये दिखाते हैं कि हवाई जहाज की मालिक कौन सी कंपनी है। ये रेजिस्ट्रेशन कोड इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) देती है।

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1929 में मिला था VT
भारत को ICOA से VT कोड 1929 में मिला था। उस समय भारत में अंग्रेजों का राज था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि भारत अपनी गुलामी की इस पहचान को बदलने में नाकाम रहा है। चीन, पाकिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और फि‍जी जैसे देशों ने भी अपने देश का कोड बदल कर नया कोड हासिल कर लिया. लेकिन भारत अभी तक ये करने में नाकाम रहा है। कुछ समय पहले जब यह मामला संसद में उठा तो इसका मतलब बहुत से सांसदों को नहीं पता था। मतलब पता चलने पर सभी पार्टियों के सांसदों ने सरकार से एक स्वर में जल्दी से जल्दी इस कोड को हटाने की मांग की थी।

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यूपीए सरकार में हुई थी कोशिश
VT कोड से आजादी पाने की कोशिश यूपीए सरकार में हुई थी। भारत ने BA (भारत) या IN (इंडिया) कोड हासिल करने की कोशिश की थी, लेकिन पता चला कि B कोड चीन और I कोड इटली पहले ही ले चुका है। इसके बाद तत्कालीन सिविल एविएशन मिनिस्टर प्रफुल्ल पटेल ने ऐलान किया था कि मनमुताबिक कोड उपलब्ध नहीं होने के कारण भारत VT कोड ही जारी रखेगा।

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  1. A
    Amit Kothari
    Oct 12, 2016 at 4:50 pm
    Why not we take HI code ? HI mean Hindustan.
    Reply
  2. I
    Ish Prakash
    Oct 13, 2016 at 2:32 am
    बहुत अच्छा सुझाव है. इसे मान लेना ही श्रेयष्कर है धन्यवाद वंदे-मातरम
    Reply
  3. H
    Hemraj
    Oct 13, 2016 at 1:03 am
    o Mr. पत्रकारAap Yad Rakbna Ki Nepal Kabhi Gulam Nahi tha. Nahi Ham logone Yaha VT code ajaayaa aur Na hi Ham logo Ne chhodaa. Tathya par Aaoo mere Mitra.
    Reply
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