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कश्मीर पर चर्चा के PAK के न्योते को भारत ने ठुकराया, सीमा-पार आतंकवाद पर होगी बात

अमेरिका ने भी कश्मीर पर भारत एवं पाकिस्तान के बीच जारी वाक्युद्ध के बीच पड़ने से इनकार करते हुए कहा था कि कश्मीर पर किसी भी वार्ता की गति, गुंजाइश एवं स्वरूप के बारे में निर्णय दोनों देशों को लेना है।
Author नई दिल्ली | August 17, 2016 17:52 pm
पाकिस्‍तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के साथ PM मोदी। (EXPRESS ARCHIVE)

भारत ने पाकिस्तान की ओर से बातचीत के लिए की गई पेशकश को ठुकरा दिया है। पाकिस्तान की ओर से दो दिन पहले कश्मीर को लेकर विदेश सचिव स्तर की वार्ता की पेशकश की गई थी, जिसे भारत ने अस्वीकार कर दिया है। भारत ने कहा कि आतंकवाद अभी भी मुख्य चिंता है लेकिन हम सीमा पार से हो रहे आतंकवाद (cross-border terrorism) से संबंधित पहलुओं पर चर्चा करना चाहते हैं जो कि जम्मू-कश्मीर की केंद्रीय और वर्तमान समस्या है। वहीं भारत के विदेश सचिव ने पाकिस्तान के न्योते पर इस्लामाबाद जाने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को जम्मू-कश्मीर की स्थिति पर कोई भी बातचीत करने की जरुरत नहीं है, क्योंकि वह भारत का आतंरिक मामला है।

विदेश सचिव ने कहा कि पाकिस्तान के फॉरेन सेक्रेटरी अजीज अहमद चौधरी से प्रस्तावित चर्चा में क्रॉस बॉर्डर टैरेरिज्म से जुड़े सभी पहलुओं पर चर्चा की जाएगी। हाल ही में पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने कहा था कि मुद्दे का हल दोनों देशों का ‘अंतरराष्ट्रीय कर्तव्य’ है। हालांकि भारत का जोर इस बात पर रहा है कि भारत-पाक संबंधों में ‘समकालीन और प्रासंगिक’ मुद्दों पर ही वह बात करेगा।

विदेश कार्यालय के प्रवक्ता नफीस जकारिया ने एक बयान में कहा था कि भारतीय उच्चायुक्त गौतम बम्बावाले को बातचीत के लिए एक पत्र सौंपने की खातिर बुलाया गया था। जकारिया ने कहा, ‘विदेश सचिव ने भारतीय उच्चायुक्त को आज (सोमवार, 15 अगस्त) दोपहर बाद (15 अगस्त 2016) को बुलाया और उन्हें अपने भारतीय समकक्ष के लिए एक पत्र सौंपकर उन्हें भारत और पाकिस्तान के बीच विवाद के मुख्य विषय जम्मू कश्मीर मुद्दे पर बातचीत के लिए पाकिस्तान आने का निमंत्रण दिया।’’ दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर वाकयुद्ध को लेकर द्विपक्षीय संबंधों में तनाव के बीच यह आमंत्रण दिया गया।

गौरतलब है कि मंगलवार को अमेरिका ने भी कश्मीर मुद्दे से किनारा कर लिया था। अमेरिका ने कश्मीर पर भारत एवं पाकिस्तान के बीच जारी वाक्युद्ध के बीच पड़ने से इनकार करते हुए कहा था कि कश्मीर पर किसी भी वार्ता की गति, गुंजाइश एवं स्वरूप के बारे में निर्णय भारत एवं पाकिस्तान को लेना है। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता एलिजाबेथ ट्रुडो ने कहा, ‘‘कश्मीर पर हमारा रुख बदला नहीं है। कश्मीर पर किसी भी वार्ता की गति, गुंजाइश एवं स्वरूप के बारे में दोनों पक्षों को निर्णय लेना है। हम हर प्रकार के और उन सभी सकारात्मक कदमों को समर्थन देते हैं जो भारत और पाकिस्तान निकटतम संबंधों के लिए उठा सकते हैं।’’

 

 

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