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भारत नहीं लेना चाहता चीन से टक्कर, ठुकराया ऑस्ट्रेलिया का साझा सैन्य अभ्यास का ऑफर

जहां भारत ने ऑस्ट्रेलिया के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, वहीं नेवी एक्सरसाइज में उसके साथी देश जापान और अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया के युद्धाभ्यास में शामिल होने का समर्थन किया है।
Author नई दिल्ली। | May 31, 2017 16:04 pm
अरब सागर में गश्त करती भारतीय तटरक्षक दल की नौका। (पीटीआई फाइल फोटो)

भारत और चीन के रिश्तों में बढ़ रही तल्खी के बीच भारत ने ऑस्ट्रेलिया के अपील को खारिज कर दिया है। चीन की नाराजगी के डर से भारत ने अमेरिका और जापान के साथ ज्वाइंट नेवल एक्सरसाइज (संयुक्त युद्धाभ्यास) में शामिल होने के ऑस्ट्रेलिया के अनुरोध को ठुकरा दिया है। चीन ने भारत को ज्यादा युद्धाभ्यास करने को लेकर चेताया था। इस बात की जानकारी नौसैना के अधिकारियों और राजनयिकों की ओर से दी गई है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक इस साल जनवरी महीने में ऑस्ट्रेलिया ने भारत के रक्षा मंत्रालय को चिट्ठी लिखकर जुलाई में होने वाले युद्धाभ्यास में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होने की मांग की थी। भारत, ऑस्ट्रेलिया और जापान के अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि भारत ने इस प्रस्ताव पर रोक लगा दी और ऑस्ट्रेलिया को सुझाव दिया है कि वह बंगाल की खाड़ी में होने वाले तीन देशों के संयुक्त युद्धाभ्यास को देखने के लिए अपने अधिकारियों को भेज सकता है।

जहां भारत ने ऑस्ट्रेलिया के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, वहीं नेवी एक्सरसाइज में उसके साथी देश जापान और अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया के युद्धाभ्यास में शामिल होने का समर्थन किया है। रॉयटर्स ने अपने सूत्रों के हवाले से कहा कि भारत की चिंता है कि श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान में बुनियादी ढांचा तैयार कर रहा चीन आगे चलकर हिंद महासागर में अपनी गतिविधियां बढ़ सकता है। जिससे भारत को घिर जाने का डर है। भारतीय नौसेना के अधिकारियों का कहना है कि साल 2013 में चीन ने हिंद महासागर में कम से कम 6 सबमरीन तैनात कर चुका है। चीनी सबमरीन श्रीलंका और पाकिस्तान में रुकी हुई हैं।

ऑब्ज़र्वर रिसर्च फाउंडेशन में समुद्री अध्ययन विभाग के प्रमुख तथा भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी अभिजीत सिंह ने कहा, “भारत दरअसल चीन को लेकर सावधानी बरत रहा है।” सिंह ने आगे कहा कि भारत जानता है कि चीन ने दुनिया के इस हिस्से में अपनी समुद्री गतिविधियां बढ़ा दी है और इसके बाद चीन अपनी सबमरीन्स की तैनाती को लेकर और ज्यादा बेझिझक हो जाएगा। हम ऐसा नहीं होने देना चाहते।

बता दें कि भारत और चीन के बीच कुछ समय से रिश्ते में खटास बढ़ गई है। एनएसजी में भारत की सदस्यता को लेकर चीन लंबे समय से अड़ंगा लगाता रहा है। हाल ही में सिंगापुर के साथ दक्षिण चीन सागर में भारत का नौसैनिक युद्धाभ्यास का भी चीन ने विरोध किया था। चीन की ओर से कहा गया था कि ऐसा करके भारत चीन के विवादित मसलों में पड़ने की अपनी नीति से दूर जा रहा है। चीनी विशेषज्ञों का कहना है कि भारत ने दक्षिण चीन सागर मामले में चीन के खिलाफ कुछ न करने का वादा किया है लेकिन अब वह सैन्य अभ्यास करके उससे दूर जा रहा है। दक्षिण चीन सागर पर चीन अपना दावा जताता है।

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