December 03, 2016

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10 हजार करोड़ रुपये में 12 जापानी यूएस-2आई एयरक्राफ्ट खरीदेगा भारत

इस रक्षा सौदे के लिए दोनों देशों के बीच साल 2013 से बातचीत चल रही है। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के दौरान इस रक्षा सौदे की बात शुरू हुई थी।

यूएस-2आई एयरक्राफ्ट 3 मीटर ऊंची लहरों के बीच किसी न किसी तरह समुद्र में लैंड कर सकता है। (फोटो-स्क्रीनशॉट)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जापान यात्रा से एक हफ्ते पहले भारत ने जापान से करीब 10, 000 करोड़ रुपये के एक दर्जन यूएस-2आई एम्फिबियर एयरक्राफ्ट खरीदने का फैसला किया है। इस रक्षा सौदे से दोनों देशों के बीच सामरिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी। यह रक्षा सौदा लंबे समय से ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। प्रधानमंत्री मोदी 11-12 नवंबर को टोक्यो के दौरे पर होंगे, जहां उनकी मुलाकात जापानी प्रधानमंत्री शिंजो अबे से होगी। दोनों नेताओं के बीच असैन्य परमाणु सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है। इस बहुप्रतीक्षित समझौते के लिए दोनों पक्षों ने आतंरिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली हैं। इसी मुलाकात में यूएस-2आई एम्फिबियर एयरक्राफ्ट खरीदने पर भी दोनों देशोंके बीच समझौता होने की उम्मीद है।

सूत्रों ने बताया कि डिफेंस एक्विजिशन काउंसिल (डीएसी) ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर की अध्यक्षता में सोमवार को ही तीव्र गति वाले यूएस-2आई एयरक्राफ्ट खरीदने को मंजूरी दी है। इसके तहत 6 एयरक्राफ्ट नेवी और 6 एयरक्राफ्ट कोस्ट गार्ड के लिए खरीदने की योजना है। अब 12 यूएस-2आई एयरक्राफ्ट की खरीद के लिए दोनों देशों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

वीडियो देखिए: कैसे पानी में लैंड करता है यूएस-2आई एयरक्राफ्ट 

यूएस-2आई एयरक्राफ्ट कम समय में जमीन और पानी दोनों पर से उड़ान भरने में सक्षम है। यह चार बड़े टर्बोप्रॉप द्वारा संचालित है और इसका रेंज 4,500 किलोमीटर से ज्यादा का है। यह तीन मीटर ऊंची लहरों के बीच किसी न किसी तरह समुद्र में लैंड कर सकता है। दरअसल, इसका डिजाइन हवाई-समुद्री सर्च और राहत बचाव के लिए किया गया है। US-2i बहुत तेजी से 30 सैनिकों को हॉट जोन्स में पहुंचा सकता है। इस रक्षा सौदे के लिए दोनों देशों के बीच साल 2013 से बातचीत चल रही है। तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की जापान यात्रा के दौरान इस रक्षा सौदे की बात शुरू हुई थी।

 

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First Published on November 5, 2016 11:11 am

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