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मॉनिटरिंग के लिए यूएन से मोदी सरकार ने बुलाया अधिकारी, नेगेटिव रिपोर्ट दी तो उसी पर लगा दिए आरोप

इतना ही नहीं पीआईबी ने यह भी कहा कि स्वच्छता की स्थिति के बारे में पूरी तरह से विवरण नहीं दिया गया है।
Author नई दिल्ली | November 12, 2017 16:21 pm
स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य भारत को एक स्वच्छ जगह बनाना है।

भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र से एक वरिष्ठ अधिकारी को सफाई और पीने का पानी से संबंधित प्रोग्राम की मॉनिटर करने के लिए बुलाया गया था। अधिकारी ने जब प्रोग्राम की नेगेटिव रिपोर्ट जमा की तो मोदी सरकार ने असंवेदनशीलता, अशुद्धियों और पूर्वाग्रह का आरोप अधिकारी पर लगा डाला। सुरक्षित पेयजल और स्वच्छता के मानवाधिकारों पर बातचीत करते हुए संयुक्त राष्ट्र के विशेष संवाददाता लियो हेल्लर ने कहा कि भारत को खुले में शौच से मुक्त करने का लक्ष्य केवल एक मजबूत रणनीति बन गया है। वहीं लियो ने यह भी कहा कि सुरक्षित पेयजल के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सुधार लाने की बहुत आवश्यकता है।

लिया ने शुक्रवार को अपनी रिपोर्ट जारी की थी। लियो के रिपोर्ट जारी करने के बाद उनपर आरोप लगाए गए हैं कि भारत को खुले में शौच मुक्त की बात, स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय होने के सरकारी दावों को गलत बताया है। सरकारी एजेंसी पीआईबी ने अपना बयान जारी करते हुए कहा तथ्यात्मक रुप से अधूरी जानकारी दी गई है। इतना ही नहीं पीआईबी ने यह भी कहा कि स्वच्छता की स्थिति के बारे में पूरी तरह से विवरण नहीं दिया गया है।

बता दें कि लियो ने भारत में दो हफ्ते रहते हुए कई राज्यों का टूर किया था जिनमें बंगाल भी शामिल था। इन दोनों प्रोग्राम का निरीक्षण करने और लोगों से बात करने से पाया गया कि दोनों प्रोग्राम के पूरा होने में कई दिक्कतें सामने आ रही हैं। लियो की रिपोर्ट के अनुसार कुछ जगहों पर शौचालय का निर्माण कराने से इनकार करने पर कई गरीब परिवारों के राशन कार्ड को रद्द कर दिया गया है। कई लोग ऐसे हैं जो कि शौचालय का निर्माण न करा पाने के कारण खुले में शौच के लिए जाते हैं तो उनकी पिटाई की जाती है और उन्हें सजा दी जाती है।

लिया ने कहा कि जहां भी मैं गया वहां मैंने स्वच्छ भारत अभियान का लॉगो लगा देखा जिसपर महात्मा गांधी के चश्मे की फोटो लगी थी। इस स्वच्छ अभियान को लागू हुए तीन साल बीत चुके हैं इसलिए अब समय आ गया है कि मानवाधिकार लेंस के साथ उन चश्मे के लेंस को बदल देना चाहिए। वहीं पीआईबी ने लियो द्वारा दिए गए इस बयान को गांधी जी के प्रति असंवेदनशील करार दिया है। पीआईबी ने कहा कि दुनिया जानती है कि महात्मा गांधी के मानवाधिकार महत्वपूर्ण मुद्दा रहा है जिसमें सफाई भी शामिल है। गांधी जी का चश्मा स्वच्छ भारत अभियान का एक यूनीक लॉगो है जो कि मानवाधिकार के सिद्धांतों को दर्शाता है।

 

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  1. Man Mohan
    Nov 12, 2017 at 9:06 pm
    The Toilets r not fuctional in most of the government Schools . Let any body visit agra city in the morning and see thousands of people openly deficating along with railway lines. Same scene can be seen near old delhi railway stn .One can see in chennai just before railway stn. .
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    Reply
    1. B
      bitterhoney
      Nov 12, 2017 at 3:36 pm
      क्या बीजेपी सरकार इस अधिकारी को खरीद नहीं पायी? इसी लिए अधिकारी ने सच्ची रिपोर्ट लिख दी.बीजेपी सरकार तो यह चाहती है कि हर कोई मोदीजी का गुणगान करे. अगर अधिकारी भारतीय होता तो पैसे लेकर काम कर देता लेकिन अधिकारी भारतीय न होने से काम नहीं बन पाया. अगर मोदीजी के सभी कार्यों की समीक्षा के लिए कोई विदेशी अधिकारी UN द्वारा भेजा जायेगा तो मोदीजी को पूर्णतयः अयोग्य घोषित कर देगा.
      (3)(0)
      Reply
      1. V
        VirenOes
        Nov 12, 2017 at 7:19 pm
        Comments should not be biased meant to drag for political motives by Congress is who have really looted Indian pop made them continue to stay under BPL for more than 70 years. !!
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