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इनकम टैक्स विभाग ने करदाताओं से की अपील- एक एसएमएस भेजकर जोड़ें आधार और पैन

आधार और पैन कार्ड को आपस में जो़ड़ने के लिए दोनों पर नाम समान होना चाहिए या उनमें नजरअंदाज करने लायक अंतर हो तो भी इन्हें ओटीपी के माध्यम से जोड़ा सकेगा।
आधार बनवाने के लिए अपना बायोमेट्रिक दर्ज कराते हुए लोग। (फाइल फोटो)

आयकर विभाग ने बुधवार (31 मई) को देश के सभी करदाताओं से अपने पर्मानेंट अकाउंट नंबर (पैन) और आधार कार्ड से जोड़ने के लिए विभाग की एसएमएस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। आयकर विभाग ने देश के प्रमुख अखबारों में विज्ञापन छपवाकर बताया है कि आधार कार्ड और पैन कार्ड को  567678 या 56161 पर एसएमएस भेजकर आपस में जोड़ा जा सकता है। विज्ञापन के अनुसार इनकम टैक्स की टैक्स रिटर्न फाइलिंग वेबसाइट पर जाकर भी आधार और पैन को जोड़ा जा सकता है।

आधार और पैन कार्ड को आपस में जो़ड़ने के लिए दोनों पर नाम समान होना चाहिए या उनमें नजरअंदाज करने लायक अंतर हो तो भी इन्हें ओटीपी के माध्यम से जोड़ा सकेगा। विज्ञापन में कहा गया है कि आधार और पैन को जोड़ने से आयकर से जुड़ी सुविधाएं इंटरनेट पर सुगम रूप से इस्तेमाल की जा सकेंगी। विज्ञापन के अनुसार नए पैन कार्ड बनवाते समय आधार कार्ड संख्या देकर भी दोनों कार्डों को आपस में जोड़ा जा सकता है।

पुराने पैन में बदलाव की दरख्वास्त करके भी आधार को उससे जोड़ा जा सकता है। आयकर विभाग ने मई की शुरुआत में ई-फाइलिंग के लिए पैन कार्ड और आधार कार्ड को जोड़ने की सुविधा शुरू की थी। चालू वित्त वर्ष से इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए पैन कार्ड को आधार कार्ड से जुड़ा रहना जरूरी है।

रिटर्न भरने वालों को आयकर विभाग की वेबसाइट पर पैन कार्ड संख्या, आधार कार्ड संख्य और अपना नाम भी देना होगा। पैन कार्ड और आधार कार्ड के जुड़ जाने पर एक मैसेज आएगा। आधार और पैन में दी गई जानकारी में कोई अंतर होेने पर आधार कार्ड पर दिए नंबर पर एक ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आएगा जिसकी मदद से दोनों को जोड़ा जा सकेगा।

केंद्र सरकार द्वारा आयकर रिटर्न भरने के लिए आधार कार्ड को पैन कार्ड से जोड़ना जरूरी बनाए जाने के बाद कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए सरकार के इस कदम की आलोचना की थी। सर्वोच्च अदालत ने कहा था कि आधार कार्ड को आवश्यक बनाए जाने से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और ये उस प्रावधान के खिलाफ है जिसमें कहा गया है कि आधार “स्वैच्छिक” है।

वीडियो- चंद मिनटों में बनेगा अब पैन कार्ड; ऐप के जरिए भर सकेंगे इनकम टैक्स

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