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Kerala Assembly Poll: 30 सीटों पर त्रिकोणीय मुकाबला, BJP देगी कड़ी टक्कर

भारतीय जनता पार्टी करीब 30 सीटों पर कड़ी टक्कर दे सकती हैं। सूत्रों ने साथ ही बताया कि ये वो सीटें हैं, जहां स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा और बीडीजेएस के उम्मीदवारों को 25 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं।
Author April 9, 2016 18:28 pm
भाजपा की छोटे समुदायों को अपने साथ लाने की रणनीति और पीएम मोदी की छवि की वजह से पार्टी को हालही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में 18 फीसदी चुनाव मिले थे (Photo Source: PTI)

चुनाव इतिहास में यह पहली बार होगा कि केरल विधानसभा चुनाव में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला होगा। भारतीय जनता पार्टी और भारत धर्म जन संघ सहित उनके छोटे साथी 140 सीटों में से 30 सीटों पर यूडीएफ और एलडीएफ को कड़ी टक्कर देते नजर आ रहे हैं। पार्टी सूत्रों के मुताबिक आरएसएस राज्य में पार्टी की मजबूती के लिए काम कर रहा है। भाजपा-बीडीजेसी के गठबंधन में चुनाव घोषणा से पहले उस वक्त अनबन देखने थी, जब बीडीजेएस नेता वेल्लाप्पेली नाटेसन ने सार्वजनिक तौर पर सीएम ओमान चांडी की तारीफ की थी। लेकिन एनडीए को उस वक्त राहत महसूस हुई जब आदिवासी नेता सीके जानु के नेतृत्व वाली पार्टी जनपथीय राष्ट्रीय सभा (जेआरएस) गठबंधन में शामिल हुई। ईसाई बहुल इलाकों में पकड़ रखने वाले पीसी थॉमस के नेतृत्व में केरल कांग्रेस से अलग हुआ दल भाजपा के साथ पहले ही जुड़ चुका है।

भाजपा सूत्रों का कहना है कि हालही में केरल कांग्रेस छोड़ने वाले पीसी जॉर्ज के संपर्क में भी पार्टी है। इससे पार्टी को सेंट्रल केरल में अपने आपको मजबूत करने में सहायता मिलेगी। छह बार विधायक रह चुके जॉर्ज को पूंजर सीट से एलडीएफ द्वारा टिकट देने से मना कर दिया गया था।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि जब 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को 10.3 फीसदी वोट शेयर मिले थे तो कईयों का अंदाजा था कि पार्टी राज्य में भी अच्छा प्रदर्शन कर सकती है। हालांकि, भाजपा की छोटे समुदायों को अपने साथ लाने की रणनीति और पीएम मोदी की छवि की वजह से पार्टी को हालही में हुए स्थानीय निकाय चुनाव में 18 फीसदी चुनाव मिले थे। साथ ही उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं कहा जा सकता कि पार्टी की केरल में मौजूदगी नहीं है। हालही में हुए कुछ घटनाक्रम से यह साबित हुआ कि हम सही मुद्दें उठाते हैं तो समुदाय के एक बड़े धड़े का समर्थन हासिल कर पाएंगे। केंद्र में सत्ता होने और मोदी जैसा पीएम जिनकी युवाओं और अन्य समुदायों अच्छी छवि है होने के जरिए पार्टी आदिवासी और इसाई नेताओं से जुड़ पाएगी।

भारतीय जनता पार्टी करीब 30 सीटों पर कड़ी टक्कर दे सकती हैं। सूत्रों ने साथ ही बताया कि ये वो सीटें हैं, जहां स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा और बीडीजेएस के उम्मीदवारों को 25 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं। पार्टी नेताओं ने यह भी स्वीकारा कि आरएसएस केरल में भाजपा के लिए चुनाव प्रचार के लिए काफी मेहनत कर रही है। चुनाव प्रचार राज्य प्रभारी के. राजशेकरण के नेतृत्व में किया जा रहा है, इनकी हिंदुत्व नेता के रूप में राज्य में छवि है।

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