ताज़ा खबर
 

इंफाल मुठभेड़: छह साल बाद आरोपी हेड कांस्‍टेबल ने कहा- मुझे संजीत को मारने का आदेश मिला था

हेरोजीत ने इंफाल पश्चिम के तत्‍कालीन एडिशनल एसपी और वर्तमान एसपी डॉक्‍टर अकोईजाम झालाजीत पर संजीत मैतेई को मारने का आदेश देने का आरोप लगाया।
Author इंफाल | January 27, 2016 17:05 pm
थोनाजाम हेरोजीत सिंह।

मणिपुर की राजधानी इंफाल में छह साल पहले हुए कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में बर्खास्‍त हैड कांस्‍टेबल ने स्‍वीकार किया है कि उसने ही 22 वर्षीय चुंगखम संजीत मैतेई को गोली मारी थी। मैतेई उग्रवादी संगठन पीपल्‍स लिबरेशन आर्मी(पीएलए) का संदिग्‍ध सदस्‍य था। हेड कांस्‍टेबल थोनाजाम हेरोजीत सिंह ने इंडियन एक्‍सप्रेस को बताया कि, ‘हां मैंने उसे गोली मारी थी। मैंने संजीत मैतेई को मारा था। नहीं उसके पास हथियार नहीं था। संजीत को मारने के बाद मुझे कोई पछतावा या हमदर्दी नहीं हुई। मुझे कुछ महसूस नहीं हुआ। इसके लिए आदेश मिला था और मुझे इसका पालन करना था।’

हेरोजीत ने इंफाल पश्चिम के तत्‍कालीन एडिशनल एसपी और वर्तमान एसपी डॉक्‍टर अकोईजाम झालाजीत पर संजीत मैतेई को मारने का आदेश देने का आरोप लगाया। इस बारे में इंडियन एक्‍सप्रेस के सवाल पर एसपी झालाजीत ने मैसेज भेजकर कहा कि ‘वे अपना बयान जारी करेंगे।’ संजीत को मारने की बात को अब कबूलने पर हेराजीत ने कहा, पिछले महीने जब इस मामले में कोर्ट की सुनवाई के बाद लौट रहा था तो मेरे ही थाने के कमांडो घात लगाकर बैठे थे। वे मुझे थाने ले गए और 5-6 घंटे तक मुझे वहीं रखा। उन्‍होंने पूछा कि मैं क्‍या कर रहा हूं। मैं सुरक्षित नहीं हूं। मेरी जान को खतरा है। मुझे अब सिस्‍टम में भरोसा नहीं है।’

फर्जी मुठभेड़ मामले में हेराजीत समेत नौ पुलिसकर्मी आरोपी हैं। इस मामले की सीबीआई जांच चल रही है। इस मामले को लेकर तहलका मैगजीन ने रिपोर्ट छापी थी। तहलका में छपी तस्‍वीरों के अनुसार 23 जुलाई 2009 को संजीत को मैमू फार्मेसी में ले जाया गया था और कुछ देर बाद उसके शव को बाहर लाया गया। फायरिंग के दौरान गर्भवती महिला थोकचोम रबीना की भी मौत हो गई थी। इस बारे में मणिपुर पुलिस का बयान था कि,’ 23 जुलाई को जब पुलिस जांच चल रही थी तब एक अज्ञात युवक ने पुलिस दल पर गोली चलाई। उसकी गोली एक महिला के सिर में लगी और उसकी मौत हो गई। पुलिस ने युवक का पीछा किया तो वह मैमू फार्मेसी में घुस गया। पुलिस ने इसे चारों ओर से घेर लिया। इंस्‍पेक्‍टर एच देवेन्‍द्र सिंह के नेतृत्‍व में पुलिस दल अंदर गया। यहां पर युवक ने गोलीबारी, इसके जवाब में पुलिस ने भी गोलियां चलाई। इसमें युवक मारा गया। उसके पास से 9एमएम की गोली बरामद की गई।’

लेकिन हेराजीत सिंह का बयान इससे अलग है। वे बताते हैं कि,’ उस समय असेंबली सेशन चल रहा था। मुझे मेरे दोस्‍त का फोन आया कि लोहा व्‍यापारी सिंकदर से फिरौती मांगी गई है। इस पर मैं थंगल बाजार पूछताछ करने के लिए गया। लेकिन तब तक फिरौती मांगने वाले लोग निकल गए। इस पर मैंने वायरलैस पर सूचना भेजी और नाकाबंदी करने को कहा। सुबह साढ़े नौ बजे के करीब मैं खाना खाने चला गया। इसी दौरान मुझे मैसेज मिला कि शूटआउट हुआ है। इस पर मैं तुरंत भागा। मुझे पता नहीं था कि रबीना की मौत हो चुकी है। मेरे दोस्‍त तोयइमा ने संजीत की पहचान की। उसके पास एक मोबाइल था। उस पर एक फोन आया और मैंने उसे स्‍पीकर पर रखा। कॉलर ने कहा कि संजीत को छोड़ने के बदले कितने रुपये देने होंगे। मुझे नहीं पता कि फोन किसने किया।’

हेरोजीत ने आगे बताया कि, उस समय मुझे बताया गया कि मेरे सीनियर एडिशनल एसपी अकोईजाम झालाजीत वहां आए हैं। उन्‍होंने मुझे कहा कि उसे फिनिश कर दो। मैंने हिचक दिखाई तो कहा जल्‍दी करो। उन्‍होंने मुझे आदेश मानने को कहा। मैंने उसे छह से सात बार गोली मारी।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग