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राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की वार्ता से पहले घाटी में दिखा: ‘नजरबंदी और रिहाई का ड्रामा’

घाटी में गुरुवार को बदले हुए घटनाक्रम और तल्खी के माहौल के बीच भारत और पाकिस्तान ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच होने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की वार्ता तय वक्त पर होगी।
Author August 21, 2015 08:35 am
गुरुवार को श्रीनगर में जेकेएलएफ के नेता यासीन मलिक को गिरफ्तार कर ले जाती पुलिस। (फोटो: शुएब मसूदी)

घाटी में गुरुवार को बदले हुए घटनाक्रम और तल्खी के माहौल के बीच भारत और पाकिस्तान ने संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच होने वाली राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) स्तर की वार्ता तय वक्त पर होगी। कश्मीरीअलगाववादी नेताओं को पाकिस्तानी आमंत्रण के बावजूद उसके साथ वार्ता रद्द नहीं करने के फैसले का बचाव करते हुए केंद्र सरकार ने कहा है कि इस बातचीत मेंं आतंकवाद का मुद्दा और इसे रोकने के उपायों पर ही ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस बीच अमेरिका ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के एनएसए ‘विवादित’ कश्मीर सहित सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करके उनके समाधान के लिए साझा रुख बनाएंगे।

सरताज अजीज से मुलाकात का आमंत्रण पाने वाले कश्मीर के अलगाववादी नेताओं की अचानक गिरफ्तारी और फिर कुछ देर बाद रिहाई के घटनाक्रम से भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के साथ अजीज की वार्ता को लेकर हालांकि कुछ अजीब स्थिति पैदा हुई। लेकिन दोनों पक्ष वार्ता को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ाने के रुख पर कायम हैं। पाकिस्तानी उच्चायोग ने चरमपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी और उमर फारूक सहित अन्य अलगाववादी नेताओं को अजीज से मिलने का आमंत्रण दिया है। इससे भारत नाराज है। लेकिन पाकिस्तान आमंत्रण को यह कहकर सही ठहरा रहा है कि ऐसी बैठकें होना ‘सामान्य’ हैं।

पाकिस्तान के विदेश विभाग ने इस्लामाबाद में कहा कि हुर्रियत नेताओं के साथ विचार विमर्श सामान्य मसला है और लंबे समय से ऐसा होता चला आ रहा है। हुर्रियत नेताओं को अचानक नजरबंद किए जाने से वार्ता के माहौल में नया मोड़ आया और अटकलें लगने लगीं कि पाकिस्तान इस पर क्या प्रतिक्रिया देगा। दो घंटे बाद ही हालांकि नेताओं पर लगाया गया प्रतिबंध समाप्त कर दिया गया।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि अलगाववादी नेताओं को हिरासत में लेना पाकिस्तान के लिए संदेश है कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोनों देशों के बीच चर्चा में कोई तीसरा पक्ष नहीं होगा। यह इस बात का भी संकेत है कि अगर अलगाववादी नेताओं को अजीज से मुलाकात करने से रोकने की आवश्यकता पड़ी तो उन्हें फिर हिरासत में लिया जा सकता है। फिलहाल भारत-पाक एनएसए स्तर की वार्ता निर्धारित कार्यक्रम के तहत होती दिख रही है। लेकिन अगर अलगाववादियों को दिल्ली आकर अजीज से मुलाकात से रोका गया तो घटनाक्रम नया मोड़ ले सकते हैं। सूत्रों ने कहा कि तब गेंद पाकिस्तान के पाले में होगी।

सूत्रों ने कहा कि हम मानते हैं कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं हो सकते। लेकिन हम आतंकवाद पर बात करने के अनिच्छुक भी नहीं हैं। उधर दूरसंचार मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, यह बैठक आतंक और इसे रोकने की आवश्यकता पर वार्ता के लिए है। उन्होंने कहा, मैं केवल याद दिलाना चाहता हूं कि बैठक का एजंडा उफा में प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के बीच तय हो गया था कि मुंबई में 2008 के आतंकी हमले से जुडे आवाज के नमूने (वायस सैंपल) हस्तांतरित करने सहित आतंकवाद पर चर्चा के लिए पहले एनएसए स्तर की बैठक होगी ।

उन्होंने कहा, इसलिए यह बैठक आतंकवाद और उसे रोकने की आवश्यकता पर चर्चा के लिए हो रही है। हुर्रियत नेताओं को नजरबंद किए जाने के बारे में किए गए सवालों के जवाब में प्रसाद ने कहा कि वह जम्मू-कश्मीर सरकार की पुलिस से जुड़ी प्रक्रिया पर टिप्पणी नहीं करेंगे क्योंकि राज्य पुलिस उचित कार्रवाई करने के लिए मुक्त है।

उधर श्रीनगर से मिली खबर के अनुसार, सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक सहित शीर्ष कश्मीरी अलगाववादी नेताओं को सुबह नजरबंद कर लिया गया और फिर कुछ ही घंटे बाद इससे मुक्त कर दिया गया।

पुलिस ने गुरुवार सुबह हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक, मौलाना मोहम्मद अब्बास अंसारी, मोहम्मद अशरफ सेहराई, शब्बीर अहमद शाह और अयाज अकबर सहित कई अलगाववादी नेताओं की गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी गई थी। पहले से ही नजरबंद हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के हैदरपुरा स्थित घर के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए। जेकेएलएफ के अध्यक्ष यासीन मलिक को मायसूमा स्थित उनके आवास से एहतियातन हिरासत में ले लिया गया था और कोठीबाग थाने में बंद कर दिया गया था। लेकिन बाद में अधिकारियों ने यू टर्न लेते हुए अलगाववादी नेताओं पर लगाई पाबंदियां कोई कारण बताए बिना हटा लीं।

इस बीच मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने उम्मीद जताई कि दोनों राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार सीमा पर तनाव को समाप्त करने के लिए कोई रास्ता निकाल लेंगे। सईद ने उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर कमान चौकी पर कहा, राज्य में सीमा पर तनाव है। गोलाबारी के कारण लोग भाग रहे हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि बैठक में इन सभी को रोकने की कोई रणनीति तय हो जाएगी। सईद के साथ राज्य के उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह भी मौजूद थे।

इस्लामाबाद से मिली खबर के अनुसार, भारत के कड़े विरोध जताने के बावजूद पाकिस्तान ने कहा कि जब सरताज अजीज अपने भारतीय समकक्ष अजीत डोभाल से बातचीत के लिए आगामी रविवार को नई दिल्ली जाएंगे तो कश्मीरी अलगाववादियों से संपर्क किया जाएगा और भारत के साथ वार्ता में कश्मीर सहित सभी मुद्दों को उठाया जाएगा। अगाववादी नेताओं को पाकिस्तानी उच्चायुक्त के निमंत्रण के बाद भारत की ओर से कई विकल्पों पर विचार करने के बीच इस्लामाबाद ने कहा है कि कश्मीर के अलगाववादियों के साथ विचार-विमर्श करना एक नियमित प्रक्रिया और लंबे समय चला आ रहा चलन है।

पाकिस्तानी विदेश विभाग के प्रवक्ता काजी खलीलुल्ला ने कहा कि अजीज हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं से नई दिल्ली में मिलेंगे। खलीलुल्ला ने कहा, कश्मीरी नेताओं के साथ मुलाकात और हमारे उच्चायुक्त की ओर से कई मौकों पर उनको आमंत्रित करना लंबे समय से चला आ रहा है और कश्मीरी अलगाववादी नेताओं के साथ मुलाकात दोनों देशों के बीच विचार-विमर्श व बातचीत से पहले का आम चलन है।

इस बीच पाकिस्तान के गृहमंत्री निसार अली खान ने भारत पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पंजाब के मंडी बहुद्दीन में पंजाब रेंजर्स की पासिंग आउट परेड को संबोधित करने के बाद उन्होंने कहा कि गोलाबारी कर सीमावर्ती गांवों पर प्रहार कर रहे ‘दुश्मन’ पाकिस्तान में ‘आतंकवाद फैलाने में’ लगे हैंं। भारत का नाम लिए बगैर खान ने कहा कि इसी दुश्मन का आतंकवाद के पीछे हाथ है जो एक तरफ तो दोस्ती की बात करता है लेकिन दूसरी तरफ नियंत्रण रेखा और कार्यकारी सीमा के समीप नागरिकों पर गोले दागता है। उन्होंने कहा, यह वही दुश्मन है जिसकी आंखों में हम बाघा बॉर्डर पर हर रोज झांकते हैं। उन्होंने कहा कि देश के अंदर के दुश्मनों को कानून व्यवस्था की समस्या पैदा करने के लिए बाहर से पैसे मिलते हैं।

वाशिंगटन से मिली खबर के अनुसार, भारत और पाकिस्तान के बीच राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार स्तर की अहम वार्ता से पूर्व अमेरिका ने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के एनएसए ‘विवादित’ कश्मीर सहित सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा करके उनके समाधान के लिए साझा रुख तैयार करेंगे।

राष्ट्रपति के विशेष सहायक और वाइट हाउस की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में दक्षिण एशियाई मामलों के वरिष्ठ निदेशक पीटर आर लावाय ने कहा, हम क्षेत्रीय मुद्दों या अन्य किसी भी तरह के मुद्दे के समाधान के लिए शांतिपूर्ण बातचीत का समर्थन करते हैं। हमें उम्मीद है कि दोनों देश अत्यंत सफल वार्ता करेंगे और भारत व पाकिस्तान के बीच राजनीतिक वार्ता चलती रहेगी।

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  1. B
    BHARAT
    Aug 21, 2015 at 11:40 am
    आप को सायद ड्रामा लगता होगा.
    (0)(0)
    Reply