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राष्ट्रपति ने टीपू सुल्तान को बताया था शहीद, भड़का हिन्दू संगठन, कहा- लाखों को इस्लाम कबूलवाया था

राष्ट्रपति कोविंद ने कहा था अंग्रेजों से हीरो की तरह लड़ते हुए टीपू सुल्तान की मौत हो गई थी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद। (फाइल फोटो)

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा 18वीं सदी के शासक टीपू सुल्तान को अंग्रेजों से लड़ाई के दौरान शहीद बताने के बाद हिन्दू जनजागृति समीति द्वारा इसका विरोध किया गया है। हिन्दू सनाथन संस्था की सहयोगी संस्था हिन्दू जनजागृति समीति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा कि टीपू सुल्तान को शहीद कहना अनुचित नहीं है। शिंदे ने कहा कि राष्ट्रपति का बयान देश की राय के आधार पर होना चाहिए। यह राष्ट्रपति का कर्तव्य है कि वे अधिक जिम्मेदारी के साथ बयान दें। बिना टीपू सुल्तान के एंटी-हिन्दू शासनकाल का इतिहास पढ़े राष्ट्रपति को उसे शहीद नहीं बताना चाहिए। समीति ने टीपू सुल्तान पर आरोप लगाया कि उसने लाखों हिन्दुओं का इस्लाम में धर्म-परिवर्तन करा दिया था।

बता दें कि मंगलवार को विधान सुधा की डायमंड जुबली के अवसर पर राष्ट्रपति कर्नाटक विधानसभा को संबोधित कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने कई ऐतिहासिक नामचीन लोगों का वर्णन किया जिसमें टीपु सुल्तान का भी नाम शामिल था। राष्ट्रपति कोविंद ने कहा था अंग्रेजों से हीरो की तरह लड़ते हुए टीपू सुल्तान की मौत हो गई थी। विकास की खोज करने वाले टीपू सुल्तान पहले व्यक्ति थे और उन्होंने ही युद्ध में मैसूर रॉकेट का इस्तेमाल किया था। इस तकनीक को बाद में यूरोपियन्स ने अपना लिया था।

राष्ट्रपति कोविंद का यह भाषण ऐसे समय पर आया है, जब केंद्रीय मंत्री अनंतकुमार हेगड़े द्वारा टीपू सुल्तान को जन बलात्कारी और क्रूर हत्यारा कहा गया था। इतना ही नहीं 10 नवंबर को टीपू सुल्तान की जयंती पर रखे जाने वाले कार्यक्रम में भी हेगड़े ने कर्नाटक सरकार को पत्र लिखकर इसमें हिस्सा लेने से इनकार कर दिया था। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार वहीं केंद्र की बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि बीजेपी इन हिंदू जनजागृति संगठन और सनाथन संस्था जैसे संगठनों को हारा देती है। अब वे राष्ट्रपति की बुद्धिमता पर सवाल उठा रहे हैं। वर्तमान सरकार और ये संगठन केवल अपने सांप्रदायिक एजंडे के साथ देश में जहर घोलने का काम कर रहे हैं।

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