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अभी भी सभी मंत्रालयों की सरकारी वेबसाइटों पर पूरी जानकारी हिन्दी में उपलब्ध नहीं…

जल संसाधन मंत्रालय की हिन्दी की वेबसाइट पर सूचना और परिपत्र खंड में कोई जानकारी नहीं है जबकि गंगा संरक्षण खंड अभी निर्माणधीन है ।
Author नई दिल्ली | October 10, 2016 01:45 am
प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर।

जनभाषा में लोगों तक संदेश पहुंचाने के नरें्रद मोदी सरकार के प्रयासों के बीच वित्त, जल संसाधन, संस्कृति, मानव संसाधन विकास, इस्पात, कृषि, अल्पसंख्यक कार्य और पंचायती राज सहित अनेकों मंत्रालयों और विभागों की अधिकारिक वेबसाइट पर पूरी जानकारी हिंदी में उपलब्ध नहीं है। कें्रद सरकार ने कार्यालयों में हिन्दी के प्रयोग के लिए सभी मंत्रालयों और विभागों की हिन्दी वेबसाइटों को अपडेट किए जाने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया है। इन सरकारी वेबसाइटों को हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में एक साथ अपडेट करने की व्यवस्था है लेकिन इसके बावजूद हिन्दी की वेबासाइटों पर पूरी जानकारी हिन्दी में उपलब्ध नहीं है। कुछ मंत्रालयों एवं विभागों की हिन्दी की वेबसाइट अद्यतन नहीं है।

मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध सामग्री के आधार पर वित्त मंत्रालय, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, आवास एवं शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय, मानव संसाधन विकास, जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्रालय सहित कई मंत्रालयों की वेबसाइटों पर जानकारी पूरी तरह से हिन्दी में उपलबध नहीं है। 7 अक्तूबर की तिथि को वित्त मंत्रालय की हिन्दी की वेबसाइट 2 सितंबर को अपडेट की गई थी जबकि इसी तिथि को नागरिक उड्डयन मंत्रालय की वेबसाइट 29 सितंबर को अपडेट की गई थी । संस्कृति मंत्रालय की हिन्दी की वेबसाइट में परिपत्र और विज्ञापन खंड को क्लिक करें तब कोई सामग्री नहीं मिलती है। इसी तरह से अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की हिन्दी वेबासाइट में भी विज्ञापन, परिपत्र और कुछ योजनाएं अंग्रेजी लिंक के साथ मौजूद हैं।

जल संसाधन मंत्रालय की हिन्दी की वेबसाइट पर सूचना और परिपत्र खंड में कोई जानकारी नहीं है जबकि गंगा संरक्षण खंड अभी निर्माणधीन है । वित्त मंत्रालय की हिन्दी की वेबसाइट पर कई जानकारी अंग्रेजी में उपलब्ध है। कुछ प्रेस विज्ञप्तियां भी अंग्रेजी में है । इस्पात मंत्रालय की हिन्दी की वेबसाइट 7 अक्तूबर की तिथि को जुलाई तक ही अपडेट की गई है। मंत्रालयों और विभागों की अंग्रेजी में दी गई सभी जानकारियों को हिन्दी में भी उपलब्ध कराया जाने पर जोर दिया गया है । मंत्रालयों को अपने अधीनस्थ सार्वजनिक उपक्रमों और कार्यालयों की वेबसाइटों को भी हिन्दी में अद्यतन करने को कहा गया है। सूचना और प्रसारण राज्य मंत्री कर्नल राज्यवर्धन राठौर ने हाल ही में कहा कि संचार प्रणाली विशेष रूप से सोशल मीडिया में परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सूचना देने की रणनीति को दोबारा परिभाषित किया है और उसी के अनुसार सामग्री तथा जानकारी दी जा रही है । उन्होंने कहा कि तकनीकी बदलाव के कारण आज सूचना देने और सूचना लेने के तरीकों में बदलाव आया है।

उन्होंने कहा कि सरकार नागरिकों के साथ प्रभावी संपर्क स्थापित करने के लिए आधुनिक उपकरणों और तकनीकों के साथ अधिकारियों को अन्य माध्यमों से लोगों से सम्पर्क करने को कहा गया है। कें्रद सरकार के हिन्दी में सोशल मीडिया में जानकारी और संदेश संबंधी एक निर्देशों की देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी और इसका स्वागत करने के साथ साथ एक वर्ग ने विरोध भी किया था। नरेन््रद मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री कार्यालय की वेबसाइट में काफी बदलाव दिखा है। प्रधानमंत्री कार्यालय, गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों और विभागों की वेबसाइट हिंदी में आ गई। इसके अलावा सोशल मीडिया जैसे फेसबुक ट्विटर और गूगल प्लस पर सरकार अपने संदेशों को हिन्दी में भी दे रही है।

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