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सिक्किम के बाद हिमाचल प्रदेश बना ‘खुले में शौच की प्रथा’ से मुक्त होने वाला दूसरा राज्य

हिमाचल प्रदेश शुक्रवार (28 अक्टूबर) को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) राज्य बन गया जो सिक्किम के बाद इस उपलब्धि को हासिल करने वाला दूसरा प्रदेश है
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है। (फाइल फोटो)

 

हिमाचल प्रदेश शुक्रवार (28 अक्टूबर) को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) राज्य बन गया जो सिक्किम के बाद इस उपलब्धि को हासिल करने वाला दूसरा प्रदेश है। एक आधिकारिक बयान के अनुसार हिमाचल प्रदेश ने राज्य में शत प्रतिशत (100%) ग्रामीण स्वच्छता कवरेज के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है जहां राज्य के सभी 12 जिले ओडीएफ घोषित किये गये हैं। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यहां एक सार्वजनिक समारोह में यह घोषणा की जहां केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा और ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पर्वतीय राज्य हिमाचल पूरी तरह ओडीएफ बनने वाला पहला बड़ा राज्य हो गया है।’’ उन्होंने ‘स्वच्छ भारत मिशन’ के लक्ष्य को हासिल करने के प्रयासों में सहयोग के लिए राज्य की जनता को बधाई दी।

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इससे पहले सिक्किम को देश का स्वच्छतम राज्य पाया गया था। इसके सभी चार जिलों को सेनीटेशन एवं साफ सफाई में शीर्ष 10 जिलों में रखा गया है। पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय द्वारा जारी स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2016 रिपोर्ट के अनुसार सिक्किम को 100 में से 98.2 फीसद अंक मिले थे। यह रैकिंग स्वच्छ शौचालयों वाले घरों के प्रतिशत के आधार पर निकाली गई थी। कुछ दिन पहले आई एक रिपोर्ट में भारत में महिलाओं के कार्य करने की स्थिति के लिहाज से पूर्वोत्तर के छोटे से राज्य सिक्किम को पहला स्थान मिला था। वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सबसे निचले पायदान पर थी। वह रिपोर्ट अमेरिका के प्रमुख शोध संस्थान सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) तथा नाथन एसोसिएट्स ने संयुक्त रूप से तैयार की थी। रिपोर्ट में सिक्किम को सर्वाधिक 40 अंक जबकि दिल्ली को केवल 8.5 अंक मिले हैं जो राष्ट्रीय राजधानी की स्थिति को बयां करता है।

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