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दलित उत्पीड़न को राजनीतिक रंग देना ग़लत, नरेन्द्र मोदी पिछड़े वर्ग के मसीहा: वेंकैया

वेंकैया ने कहा, ‘दलितों का उत्पीड़न किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं है बल्कि सामूहिक दायित्व का विषय है।'
Author नई दिल्ली | August 11, 2016 19:57 pm
केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू। (पीटीआई फोटो)

विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस पर दलितों पर उत्पीड़न के विषय को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने गुरुवार (11 अगस्त) को कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी ऐसी घटनाएं सबके लिए शर्मनाक हैं और इसकी आड़ में किसी खास राज्य, पार्टी और नेता को निशाना बनाना ठीक नहीं है। गुजरात के उना में दलित उत्पीड़न के मुद्दे पर विपक्षी दलों द्वारा केंद्र एवं राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा नीत सरकार पर निशाना साधने पर पलटवार करते हुए वेंकैया ने कहा, ‘दलितों का उत्पीड़न किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं है बल्कि सामूहिक दायित्व का विषय है। हम सबको अल्पकालिक फायदे के लिए ऐसी घटनाओं को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए। किसी खास घटना की आड़ में किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है।’

उन्होंने कहा कि गुजरात में दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी। लेकिन उत्तरप्रदेश, बिहार में भी घटनाएं हुर्इं। इस बारे में आत्मचिंतन करने की जरूरत है क्योंकि ऐसी घटनाएं केवल एक राजनीतिक दल या राज्य तक सीमित नहीं है। तात्कालिक फायदे और सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे मामलों को राजनीतिक रंग देने से अनुसूचित जाति, जनजाति, दलितों का भला नहीं होगा। बसपा प्रमुख मायावती का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि तिलक, तराजू और तलवार इनको मारो जूते चार किसने कहा? इसलिए राजनीतिक रंग नहीं दिया जाए।

वेंकैया नायडू ने कहा कि कुछ लोग एवं नेता केवल गुजरात गए लेकिन केरल में भी जघन्य घटना हुई। कर्नाटक में भी घटना हुई। लेकिन वहां नहीं गए। कोई घटना हरियाणा में आपके शासन (कांग्रेस) में घटी तब आप चुप रहे लेकिन हमारे समय में कुछ बातें सामने आई तब आप आक्रामक हो गए। ‘यह किसी एक राजनीतिक दल का विषय नहीं है। हम सबको आत्मचिंतन करने की जरूरत है।’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने गांव, गरीब, मजदूर, महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए विशेष पहल की है। दलितों के कल्याण पर खासा ध्यान दिया है और उन्हें आर्थिक धारा में जोड़ने और वित्तपोषण करने की पहल की है।

वेंकैया ने कहा कि सदन में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़े वर्ग के सबसे अधिक सांसद भाजपा के हैं। देशभर में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पिछड़े वर्ग के मसीहा के रूप में उभरे हैं। उन्होंने कहा कि अनेक विपक्षी दलों के नेता हैदराबाद विश्वविद्यालय की घटना के संदर्भ में वहां गए लेकिन अभी एसएफआई के पदाधिकारी ने इस्तीफा दिया है और आरोप लगाया है कि हैदराबाद आंदोलन का वित्तपोषण कांग्रेस, वामदलों ने किया था। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए वेंकैया ने कहा कि 50 वर्षो से अधिक समय तक देश पर राज किया, तब ऐसी घटनाएं रुकी क्यों नहीं? हम सबको सोचने की जरूरत है और इस बारे में सामाजिक जगरूकता फैलाना हम सबका दायित्व है।

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