May 24, 2017

ताज़ा खबर

 

मां-बाप नहीं रहे तो नाना-नानी ने पाला, दोनों भाइयों को फौजी बनाया, एक भाई पाकिस्तान के कब्जे में चला गया तो निकल गई नानी की जान

अपने नाती को पाकिस्तान द्वारा पकड़े जाने की खबर सुनकर 65 साल की लीलाबाई को दिल का दौरा पड़ा और हॉस्पिटल में उनकी मौत हो गई।

सिपाही चंदू बाबूलाल चव्हाण। (फाइल फोटो)

अपने नाती को पाकिस्तान द्वारा पकड़े जाने की खबर सुनकर 65 साल की लीलाबाई को दिल का दौरा पड़ा और हॉस्पिटल में उनकी मौत हो गई। जिस महिला की यहां बात हो रही है वह सिपाही चंदू बाबूलाल चव्हाण की नानी थी। जिन्हें LOC क्रास करने पर पाकिस्तान के सैनिकों ने पकड़ने का दावा किया है। गायब होने से पहले तक चंदू बाबूलाल LOC पर ही तैनात था। लीलाबाई वैसे तो महाराष्ट्र की रहने वाली हैं लेकिन जब उनको अपने नाती के पाकिस्तान में पकड़े जाने की खबर मिली तब वह अपने दूसरे नाती (चंदू बाबूलाल के बड़े भाई) से मिलने गुजरात गई हुई थीं। चंदू बाबूलाल का बड़ा भाई भी आर्मी में ही है। उसकी पोस्टिंग गुजरात में हो रखी है। चंदू बाबूलाल के माता-पिता बचपन नें ही चल बसे थे। तब से लेकर अबतक नाना-नानी ने ही उसे अपने पास रखा और उसका पालन-पोषण किया। अपनी पत्नी की मौत और नाती के पकड़े जाने पर लीलाबाई के पति काफी दुखी हैं। इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए जब चंदू बाबूलाल का जिक्र आया तो वह बोले, ‘वे दोनों हमारे सगे बच्चों की तरह हैं।’

चंदू बाबूलाल का जन्म 1994 में हुआ था। उसने 1997 में अपने पिता और 2000 में अपनी मां को खो दिया था। चंदू बाबूलाल की एक बहन भी है। उसकी शादी हो गई है। वह अपने पति और बच्चे के साथ इंदौर में रहती है। माता-पिता की मौत के बाद नानी लीलाबाई तीनों बच्चों को अपने घर ले आई थी। लीलाबाई का घर नागपुर के मोहाड़ी में है। चंदू बाबूलाल के नाना ने बताया कि चंदू बचपन से ही आर्मी ज्वाइन करना चाहता था। अपने बड़े भाई के आर्मी ज्वाइन करने पर उसने भी मेहनत शुरू कर दी थी। चंदू बाबूलाल ने 12वीं क्लास साइंस से पास की थी। वह तब से ही खेलों में भी रुचि लेता था। वह बॉक्सिंग भी करता था। उसका शुरू से मन बस आर्मी में जाने का ही था। वह एयरफोर्स या फिर नेवी में नहीं जाना चाहता था। नाना ने बताया कि आखिरी बार 19 सितंबर को उनकी बात चंदू बाबूलाल ने हुई थी। चंदू बाबूलाल ने कहा था कि जल्द ही वापस आएगा।

वीडियो में देखिए देश-दुनिया की बाकी बड़ी खबरें

वहीं, चंदू बाबूलाल के भाई भूषण ने बताया कि उन्हें उनके सीनियर से फोन आया था कि उनका भाई लापता है। लीलाबाई की मौत के बाद शाम सात बजे उन्हें अंतिम संस्कार के लिए महाराष्ट्र लाया गया। उनके साथ लगभग 7 हजार लोग थे। जिसमें कई बड़े नेता भी शामिल थे। गौरतलब है कि गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने चंदू बाबूलाल को वापस लाने की हरसंभव कोशिश करने की बात कही है।

Read Also: पाकिस्तान पर दोहरी मार: भारत के साथ-साथ ईरान ने भी किया हमला

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 1, 2016 9:49 am

  1. P
    Prakash Lonkar
    Oct 1, 2016 at 8:01 am
    ऐसी घटनाएँ -एक दुसरेके सीमा मे भटक जाना-अन्तर्राष्ट्रीय सीमापर अक्सर होती रहती हैं|दोनों देशोंके फौजी अफ्सरोंके बात्चित्से बहुत बार माा सुलझ जाता भी है|परंतु इस समय दुर्भाग्य से भारत पाक संबंध बहुतही तणावपूर्ण हुये हैइसलिये चंदू बाबुलाल्को पाकिस्तान जल्दी रिहा नहि करेगा ऐसा डर है|वास्तविक पाक के लिये अपने बारेमे दुनियामे खासकर भारत्मे अच्छी भावना निर्माण के लिये यह सुनहरा मोका है अगर वोह चंदु को तुरंत भारतको सौंप देता है|शस्त्रोसे देश जिते जाते है दिल जीत्नेके लिये व्यवहार महत्वपूर्ण है|
    Reply

    सबरंग