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नए नोट में GPS चिप, रेडियोएक्टिव इंक से लेकर नमक की कमी तक, 2016 में छाई रहीं देश में ये 10 फेक न्यूज

2016 में वॉट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर खबर आई की। यूनिस्को (यूएन की कल्चरल एजेंसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के सबसे बेस्ट प्रधानमंत्री के अवॉर्ड से नवाजा है।
Author नई दिल्ली | December 26, 2016 16:49 pm
इन स्कीम्स में मिलता है बैंक FD से ज्यादा पैसा (Photo Source: AP)/Representative Image)

साल 2016 जाने को है। साल के शुरुआत से लेकर अंत तक कई ऐसी खबरें देश भर में छाई रही जो झूठी (fake) न्यूज साबित हुई। यह अफवाह सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप वॉट्सएप के जरिए शुरू हुई और टीवी चैनलों और अखबारों की सुर्खियां बनी। बाद में इन खबरों का खंडन किया गया। इनमें नोट में रेडियोएक्टिव इंक, नोट में नैनो जीपीएस चीप समेत कई अफवाहें शामिल है। इस तरह की खबरें बड़े पैमाने पर भारत में फैली। भारत कुछ सोशल मीडिया कंपनियों और कम्युनिकेशन कंपनीज के लिए बड़ा मार्केट है। जिसमें फेसबुक के 148 मिलियन यूजर्स, ट्विटर के 22 मिलियन से ज्यादा यूजर्स और वॉट्सएप पर करीब 1 बिलियन से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। जानिए भारत में उड़ने वाली कुछ ऐसी ही पापुलर फेक न्यूज के बारे में।

1)- यूनेस्को ने पीएम मोदी को बेस्ट प्रधानमंत्री घोषित किया
जून 2016 में वॉट्सएप ग्रुप और अन्य सोशल मीडिया साइट्स पर खबर आई की। यूनिस्को (यूएन की कल्चरल एजेंसी) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दुनिया के सबसे बेस्ट प्रधानमंत्री के अवॉर्ड से नवाजा है। यह अफवाह व्हॉट्सऐप पर शुरू हुई और धीरे-धीरे सोशल मीडिया वेबसाइट फेसबुक और ट्विटर पर तेजी से फैल गई। यूजर्स प्रधानमंत्री मोदी को बधाई देने लगे। बाद में मीडिया संस्थानों ने बताया कि यह खबर झूठी है।

2)- यूनेस्को ने जन गण मन को घोषित किया बेस्ट राष्ट्रगान 

पीएम नरेंद्र मोदी को बेस्ट प्रधानमंत्री घोषित किए जाने से पहले एक और फेक न्यूज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय रहा। कहा गया कि जन गण मन को यूनेस्को ने बेस्ट नेशनल एंथम घोषित किया। यह अफवाह 2008 में ई-मेल के जरिए उड़ाई गई, बाद में यूनेस्को कि नजर इस पर पड़ी। यूनेस्को ने इस तरह की खबरों पर विराम लगाते हुए कहा कि उसने भारत या किसी देश को लेकर ऐसी कोई घोषणा नहीं की है।

3)- यूनेस्को ने 2000 रुपए को घोषित किया बेस्ट करेंसी

यूनेस्को को लेकर एक और अफवाह 2000 रुपए के नए नोट को लेकर उड़ी। नोटबंदी के दौरान व्हाट्सऐप पर मैसेज वायरल हुए कि 2000 रुपए के नए नोटों को यूनेस्को द्वारा सर्वश्रेष्ठ करेंसी घोषित की गई।

4)- ब्लैक मनी का पता लागने के नए नोटों में लगे हैं जीपीएस चिप

नोटबंदी के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने नए नोटों की जमाखोरी करने वालों पर कार्रवाई करना शुरू किया। जगह-जगह छापेमारी की गई। उस दौरान व्हाट्सऐप, फेसबुक और ट्विटर पर खबरें उड़ी कि नए नोटों में चिप लगाई गई। जिसके चलते सरकार नोटों को ट्रैक कर रही है। बाद में आरबीआई की ओर से इस सफाई देते हुए कहा गया कि नोटों में कोई चिप नहीं लगी है।

5)- नए नोटों में रेडियोएक्टिव इंक

500 और 2000 के नए नोटों को लेकर लगातार इंटरनेट अफवाहों का दौर जारी रहा। इंटरनेट और वाट्सएप पर लगाातार मैसेज शेयर किए गए, जिसमें कहा गया कि 500 और 2000 रुपए के नए नोटों में रेडियोएक्टिव इंक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके चलते नोटों को ट्रैक किया जा रहा है। कुछ सोशल मीडिया वेबसाइट्सों और वॉट्सएप के जरिए उड़ी अफवाह के मुताबिक नए नोटों की प्रिंटिंग में फॉस्फोरस के रेडियोएक्टिव आइसोटोप का इस्तेमाल किया गया है। जिसमें 15 प्रोटॉन और 17 न्यूट्रॉन होते हैं। यह रेडियोएक्टिव वार्निंग टेप की तरह प्रयोग होता है जिससे एक ही जगह पर मौजूद लिमिट से अधिक नोट होने पर रेडियोएक्टिव पदार्थ इंडिकेटर के तौर पर नोटों की मौजूदगी को सूचित करता है। इसी के चलते भारी मात्रा में नगदी का संग्रह करने वाले आईटी के रडार में आ रहे हैं।

6)- व्हॉट्सऐप प्रोफाइल फोटो का आईएसआईएस आतंकी गतिविधियों में कर रहा इस्तेमाल
व्हॉट्सऐप पर इस तरह के संदेश शेयर किए गए आतंकी संगठन आईएस डीपी का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों के लिए कर रहा है। मैसेज में माताओं और बहनों से व्हाट्सऐप पर लगाई गई डीपी को हटाने की अपील की थी। बताया गया कि यह अपील व्हॉट्सऐप के सीईओ की ओर से की गई और लोगों से 20-25 दिनों के लिए ऐसा करने को कहा है।

7)- बंद हुए 10 के सिक्के

नोटबंदी से पहले कहा गया कि 10 के सिक्कों को आरबीआई ने बंद कर दिए हैं। इस अफवाह के परिणामस्वरूप दुकानदारों और ग्राहकों के बीच सिक्के के लेनदेन को लेकर तीखी बहस भी हुई, दुकानदार लगातार सिक्के लेने से मना करते रहे। जबकि हकीकत में 10 का सिक्का बंद नहीं हुआ था। वहीं, व्हॉट्सऐप पर यह भी दावा किया गया कि मार्केट में दो तरह के सिक्के चल रहे हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरबीआई ने सफाई दी। आरबीआई ने कहा कि सिक्कों को बंद नहीं किया गया है और जो सिक्के नहीं लेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

8)- जयललिता की सीक्रेट बेटी
तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता के निधन हुए एक हफ्ता भी नहीं हुआ था कि जयललिता की सीक्रेट बेटी है और वो विदेश में रहती है। सोशल मीडिया पर एक युवती का फोटो भी वायरल हो रहा था। उसे जयललिता की बेटी बताया जा रहा था। लोग उसे बड़ी संख्या में शेयर कर रहे हैं और जयललिता की करोड़ों की संपत्ति का असली वारिस बता रहे थे। वायरल पोस्ट में जयललिता की निजी जिंदगी से जुड़ी कई बातें भी लिखी गई पोस्ट से जहां एक तरफ जयललिता के समर्थकों में दुख और गुस्सा था। चिन्मयी श्रीपदा नाम की एक युवती ने फेसबुक पर एक पोस्ट लिखकर ऐसी अफवाहों और मनगढ़ंत बातों का खंडन किया है और इसे तुरंत रोकने की मांग की है। चिन्मयी श्रीपदा अमेरिका में रहती हैं और मशहूर गायिका और टीवी एंकर हैं। चिन्मयी ने अपने पोस्ट में लिखा है कि जिस युवती की तस्वीर वायरल हो रही है वह एक संभ्रान्त संगीतज्ञ परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उन्होंने लिखा है कि वो महान मृदंगम विद्वान वी बालाजी के परिवार की सदस्य हैं।

9)- नमक की देश में हुई कमी
500 और 1000 के नोट बंद होने के बाद गांव से लेकर शहरों में अफरा-तफरा का माहौल बना हुआ था। इसी बीच खबरें उड़ी कि देश में नमक की कमी हो गई है, जिसके बाद नमक के दाम बढ़ गए। खबर फैलने के बाद गांव से लेकर शहरों में दुकानों पर नमक की भारी खरीद करने दुकानों पर पहुंच गए। जो थैली मौजूद में 15 से 20 रुपए किलो ग्राम में मिलती है वो अब 50 से 100 किलो में मिलेगी। बाद में केंद्र सरकार ने इसे अफवाह करार देते हुए खारिज कर दिया और कहा कि देश में नमक की कोई कमी नहीं है।

10)- नेहरू सरकार बरगद के पेड़ की तरह
नरेंद्र मोदी सरकार का समर्थन करते हुए ऐसी खबरें भी आई कि जवाहर लाल नेहरु की सरकार बरगद के पेड़ की तरह थी। जिसके छाया के नीचे भारत में कोई भी शख्स और संस्थान पनप नहीं पाया। साथ ही मैसेज में आगे कहा कि बरगद के पेड़ के नीचे कोई भी चीज पनप नहीं सकती है।

 

 

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