December 07, 2016

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अब किसान बैंक से हफ्ते में 25 हजार रुपए, मंडी व्यापारी 50 हजार रुपए और शादी वाले 2.5 लाख रुपए निकाल सकेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने का ऐलान 8 नवंबर को किया था। इसके बाद बैंक से रुपए निकालने की सीमा तय की गई थी।

Author नई दिल्ली | November 17, 2016 16:53 pm
2000 रुपए के नोट दिखाता एक युवक। (Photo Source: AP) चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

बंद किए गए 1000 और 500 रुपए के पुराने नोटों को बदलने की सीमा को सरकार ने 4500 रुपए से घटाकर 2000 रुपए कर दिया है। यह व्यवस्था शुक्रवार से प्रभावी होगी। अन्य नियमों में सरकार ने शादियों के जारी मौसम को देखते हुए दूल्हा, दुल्हन या उनके माता-पिता को बैंक खाते से ढाई लाख रुपए तक नकदी निकासी की अनुमति दी है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा, ‘ज्यादा लोगों को पुराने 1000 और 500 रुपए के नोट बदलने की सुविधा मिल सके इसलिए बैंकों के काउंटर से नोट बदलने की सीमा को 4500 रुपए से घटाकर 2000 रुपए किया गया है। यह व्यवस्था शुक्रवार से प्रभावी होगी।’ काउंटर से बड़े मूल्य के पुराने नोट बदले नई मुद्रा लेने की सुविधा ‘30 दिसंबर तक एक व्यक्ति एक बार’ के आधार पर उपलब्ध रहेगी। शक्तिकांत दास ने कहा, ‘इससे बड़ी संख्या में लोग नोट बदल सकेंगे। नकदी की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त मात्रा में नकदी उपलब्ध है।’

सरकार ने नोट बदलने की सीमा को कम करने का फैसला लोगों की तर्जनी उंगली पर ना मिटने वाली स्याही लगाने की घोषणा के एक दिन बाद किया है। उंगली पर स्याही लगाने का निर्णय सरकार ने एक व्यक्ति के बार-बार नोट बदलने की स्थिति में पहचान करने के लिए किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आठ नवंबर की मध्यरात्रि से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोटों को चलन से बाहर किए जाने की घोषणा की थी। इसे उन्होंने कालेधन, आतंकवाद को वित्तपोषण और नकली नोटों के खिलाफ जंग बताया था। तब से अब तक प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को कई प्रतिनिधियों से शादी इत्यादि के लिए नकदी निकासी के नियमों को आसान बनाने की मनुहार की गई है। दास ने कहा कि इसलिए शादियों के लिए नकदी निकासी सीमा को आसान बनाया गया है, जिस बैंक खाते से उन्हें नकदी का आहरण करना है उसकी केवाईसी (अपने ग्राहक को पहचानो) नियमों की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ढाई लाख रुपए केवल एक खाते से निकाले जा सकते हैं।

साथ ही सरकार ने खेती किसानी के क्षेत्र में नकदी की समस्या को देखते हुये गुरुवार को किसानों और छोटे व्यापारियों को बैंकों से नकदी निकालने में कुछ राहत दी है। किसान और छोटे व्यापारी अब बैंकों से सप्ताह में 50,000 रुपए तक की नकदी निकाल सकेंगे। सरकार ने किसानों को उनके बैंक खाते में पहुंचे फसली लोन से हर सप्ताह 25,000 रुपए तक निकालने की अनुमति देने का फैसला किया है। यह सीमा किसान क्रेडिट कार्ड पर भी लागू होगी। इसके अलावा यदि किसानों को चेक अथवा आरटीजीएसी के जरिये उनके बैंक खाते में भुगतान मिलता है तो वह प्रति सप्ताह 25,000 रुपए तक की अतिरिक्त राशि निकाल सकेंगे। शक्तिकांत दास ने कहा कि सरकार के इस कदम से रबी मौसम के दौरान फसल बुवाई में सुविधा होगी। किसानों को उर्वरक, बीज और दूसरा जरूरी सामान खरीदने के लिये उपयुक्त मात्रा में नकदी उपलब्ध होगी।

इसके साथ ही सरकार ने किसानों को फसल बीमा प्रीमियम का भुगतान करने की समयसीमा को 15 दिन बढ़ा दिया है। कृषि उत्पादन विपणन समिति :एपीएमसी: पंजीकृत व्यापारी अब सप्ताह में 50,000 रुपए तक की निकासी कर सकेंगे। दास ने कहा कि ये खाते संबंधित किसान के नाम पर होने चाहिये और सभी खाते ‘अपने ग्राहक को जानो’ यानी केवाईसी नियमों के अनुरूप होने चाहिये। इसी तरह कृषि उत्पादन विपणन समिति (एपीएमसी) में पंजीकृत व्यापारियों को कर्मचारियों के वेतन भुगतान और दूसरे खर्चों को पूरा करने के लिये 50,000 रच्च्पये प्रति सप्ताह तक निकासी की अनुमति होगी। दास ने कहा, ‘इससे खरीदारी की प्रक्रिया आसानी से पूरी होगी और किसान बिना किसी परेशानी के अपने उत्पाद बेच सकेंगे।’

वीडियो में देखें- जनसत्ता एक्सक्लूसिव: नोटबंदी की ज़मीनी हकीकत

नोटबंदी पर सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को राहत: 

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First Published on November 17, 2016 10:44 am

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