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एमरजेंसी नंबर ‘112’ शुरू होगा: गृहमंत्री

दिल्ली बार एसोसिएशन की 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (एनईआरएस) और आपातकालीन नंबर ‘112’ शुरू करने की घोषणा की।
Author नई दिल्ली | December 19, 2015 03:36 am

दिल्ली बार एसोसिएशन की 125वीं वर्षगांठ के अवसर पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को राष्ट्रव्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (एनईआरएस) और आपातकालीन नंबर ‘112’ शुरू करने की घोषणा की। उन्होंने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए देश के करीब 564 जिलों में एक अलग इकाई स्थापित करने के फैसले की जानकारी दी। समारोह में गृहमंत्री ने एक स्मारिका ‘तीस हजारीनामा’ भी जारी किया।

समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के मुद्दे पर संवेदनशील है। इस बुराई से निपटने के लिए कानूनी और संस्थागत अवसंरचना को मजबूत किया है। इस अवसर पर राजनाथ ने कहा कि आपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम ऐतिहासिक कानून रहा है, जिसने महिलाओं के खिलाफ होने वाले विभिन्न अपराधों में सजा को बढ़ाया है। राजनाथ ने कहा कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों से निपटने के लिए देश के करीब 564 जिलों में जांच इकाइयां स्थापित करने के प्रोजेक्ट को अमल में लाने जा रही है। इस बाबत केंद्र सरकार राज्यों की मदद करेगी। इन यूनिटों की प्रकृति विशिष्ट होगी। इनमें एक तिहाई महिला जांचकर्ता होंगी।

गृहमंत्री ने कहा कि एक राष्ट्रव्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली (एनईआरएस) और आपातकालीन नंबर ‘112’ को जल्द क्रियान्वित किया जाएगा। यह पीसीआर बुलाने वाले नंबर ‘100’ की तरह ही होगा। लेकिन फर्क है कि पुलिस मदद मांगने के लिए कोई भी देश में कहीं से भी डायल कर सकेगा। गृहमंत्री ने कहा कि अपराध की रिपोर्ट समय पर और बिना किसी बाधा के दर्ज किया जाना भी समान रूप से महत्त्वपूर्ण है। गृह मंत्रालय लोगों को नागरिक पोर्टल के जरिए सुविधा उपलब्ध कराने जा रहा है जो अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) परियोजना के तहत विकासाधीन है।

तेजाब हमले के पीड़ितों के पुनर्वास की जरूरत पर जोर देते हुए राजनाथ ने कहा कि राज्यों की मदद के लिए एक केंद्रीय पीड़ित मुआवजा कोष की स्थापना की गई है। इसके तहत तेजाब हमले के पीड़ितों को उपचार के लिए पांच लाख रुपए का अतिरिक्त मुआवजा दिया जाएगा। बड़ी संख्या में महिलाओं और बच्चों के मानव तस्करी के पीड़ित होने का जिक्र करते हुए उन्होंन कहा कि संगठित अपराध जांच एजंसी के गठन के लिए सैद्धांतिक फैसला किया गया है। इसके लिए अंतर मंत्रालय चर्चा शुरू की गई है। सभी राज्यों से जनवरी 2016 में ‘आॅपरेशन स्माइल-2’ चलाने का आग्रह किया गया है।

 

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