December 06, 2016

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चार हाई कोर्ट में जल्द बहाल होंगे जज, सरकार को मिले 18 पूर्व जजों के नाम

सरकार को जो 18 नाम मिले हैं वो आंध्र प्रदेश/तेलंगाना हाई कोर्ट, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट से आए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी (दाएं) और चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर एक कार्यक्रम के दौरान।

देश भर के चार हाई कोर्ट में जजों की बहाली का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। इसके लिए सरकार को 18 पूर्व जजों के नाम हासिल हुए हैं। एक दिन पहले ही सरकार और न्यायपालिका ने पूर्व जजों की नियुक्ति के लिए सांवैधानिक प्रावधानों में ढील देने का फैसला किया था ताकि रिटायर्ड जजों को नियुक्त कर अदालती कामकाज में तेजी लाई जा सके। सरकार को जो 18 नाम मिले हैं वो आंध्र प्रदेश/तेलंगाना हाई कोर्ट, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट, इलाहाबाद हाईकोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट से आए हैं।

सरकार में पदस्थ उच्च सूत्रों ने बताया कि इन नामों पर अभी विचार चल रहा है और प्रक्रिया जारी है। उन्होंने बताया कि चूंकि हाई कोर्ट्स में जजों के पद लंबे अर्से से खाली पड़े हैं इसलिए उनकी भरपाई के लिए सरकार ने सांवैधानिक नियमों में कुछ परिवर्तन कर रिटायर्ड जजों की नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया है। इन जजों की तैनाती से अदालत पर बोझ कम हो सकेगा।

6 महीने पहले अप्रैल में मुख्यमंत्रियों और मुख्य न्यायाधीशों की बैठक में तय किए गए नियमों के मुताबिक अब इस दिशा में कुछ ठोस कार्रवाई हो सकी है। इस बैठक में यह तय किया गया था कि संविधान की धारा 224 ए के मुताबिक जो व्यक्ति हाई कोर्ट का जज रह चुका है वो इस तरह के विशेष मामले में नियुक्ति का अधिकारी हो सकता है।

गौरतलब है कि भारतीय अदालतों में जजों की नियुक्ति को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार और सुप्रीम कोर्ट के बीच तकरार होती रही है। मंगलवार (29 नवंबर) को भी केंद्र सरकार ने आंकड़ों के हवाले से जजों की नियुक्ति में देरी के लिए सुप्रीम कोर्ट के जिम्मेदार ठहराया है। केंद्र ने कहा है कि सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने पिछले एक साल में सर्वोच्च अदालत में सात खाली पड़े पदों के लिए एक भी नाम विचार के लिए नहीं भेजा है। केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट के रिक्त 430 पदों पर नियुक्ति के मसले पर भी पलटवार करते हुए कहा कि 24 हाई कोर्टों के 279 पदों के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कोई नाम प्रस्तावित नहीं किया है। सरकार में शामिल एक सूत्र ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, “सुप्रीम कोर्ट में सात पद खाली हैं, जिनमें से एक करीब एक साल से रिक्त है। सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने अभी तक इसके लिए सरकार के पास कोई नाम नहीं भेजा है।”

वीडियो देखिए- हाईकोर्ट के जजों की नियुक्ति पर केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट आमने-सामने, कोर्ट ने पूछा- ‘क्या सरकार न्यायपालिका को बंद करना चाहती है’

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First Published on December 1, 2016 6:27 pm

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