February 21, 2017

ताज़ा खबर

 

भारत सरकार एयरफोर्स के लिए खरीदेगी 200 लड़ाकू विमान, कहा- हमारे यहां आकर निर्माण भी करो

एयरफोर्स अधिकारियों ने बताया कि 200 सिंगल इंजन विमानों की जरुरत है। यह संख्‍या 300 तक पहुंच सकती है क्‍योंकि एयरफोर्स सोवियत जमाने के लड़ाकू विमानों को बेड़े से बाहर करने की तैयारी कर रही है।

Author नई दिल्‍ली | October 29, 2016 16:41 pm
भारत विदेशी निर्माताओं से लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। लेकिन इसके लिए वह भारत में निर्माण और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने की शर्त रख रहा है। (Photo:Reuters)

भारत विदेशी निर्माताओं से लड़ाकू विमान खरीदने की तैयारी कर रहा है। लेकिन इसके लिए वह भारत में निर्माण और भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी करने की शर्त रख रहा है। एयरफोर्स अधिकारियों ने बताया कि 200 सिंगल इंजन विमानों की जरुरत है। यह संख्‍या 300 तक पहुंच सकती है क्‍योंकि एयरफोर्स सोवियत जमाने के लड़ाकू विमानों को बेड़े से बाहर करने की तैयारी कर रही है। इन विमानों की पूर्ति के लिए विमान खरीदने पर 13-15 बिलियन डॉलर का खर्च आएगा। जानकारों का कहना है कि यह सबसे बड़ा सैन्‍य सौदा हो सकता है। भारत की फ्रांस से 36 राफेल विमान लेने की डील हुई है। इसके बाद एयरफोर्स ने अन्‍य अधिग्रहणों पर जोर दिया है। एयरफोर्स के पास वर्तमान में जरूरी क्षमता के केवल एक तिहाई विमान ही है।

छत्रपति शिवाजी टर्मिनल पर देखिए दिवाली की सजावट:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि अब सैन्‍य विमान भारत में ही बने हुए हो। इसमें भारतीय कंपनी भी साझेदार हो। इससे घरेलू एयरक्राफ्ट उद्योग और निर्यात को मदद मिले। अमेरिकी लड़ाकू विमान निर्माता कहीड मार्टिन कंपनी भारत में एफ-16 विमानों की निर्माण यूनिट लगाने में रूचि दिखा रही है। उसका कहना है कि वह ना केवल भारत बल्कि निर्यात के लिए भी काम करेगी। स्‍वीडन की साब ने भी अपने ग्रिपेन एयरक्राफ्ट की निर्माण यूनिट लगाने का प्रस्‍ताव दिया है। रक्षा मंत्रालय ने कई कंपनियों को भारत में सिंगल इंजन फाइटर प्‍लेन के लिए असेंबली लाइन लगाने के लिए पूछा है। भारतीय वायुसेना के पास 32 ऑपरेशनल स्‍क्‍वाड्रन है जबकि जरुरत 45 स्‍कवाड्रन की है। इसके चलते पाकिस्‍तान और चीन के साथ भारत एक साथ नहीं लड़ सकता। वायुसेना भी इस बात को मान चुकी है।

स्‍वीडिश कंपनी साब के चेयरमैन और एमडी जेन विडरस्‍ट्रोम ने बताया कि उन्‍हें भारत सरकार की ओर से चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमान के लिए खत मिला है। हालांकि कितने विमान चाहिए यह नहीं बताया गया है लेकिन सूत्रों के अनुसार यह संख्‍या 100 हो सकती है। हाल के सालों में अमेरिका के साथ भारत के रक्षा सौदों में बढ़ोत्‍तरी देखने को मिली है। अमेरिका की एक अन्‍य कंपनी बोइंग ने भी भारत में टि्वन इंजन वाले एफ/ए-18 हॉर्नेट का प्‍लांट लगाने का प्रस्‍ताव दिया था। लेकिन इसमें तकनीक के ट्रांसफर को लेकर खुलासा नहीं हो पाया। इससे पहले भारत ने कभी एयरक्राफ्ट निर्माण यूनिट लगाने की दिशा में काम नहीं किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 29, 2016 4:41 pm

सबरंग