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मुस्लिम पशु कारोबारियों की हत्या: आजाद की मोदी को चिट्ठी, कहा- ध्रुवीकरण और विभाजन की साजिश

गुलाम नबी आजाद ने केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद डराने, धमकाने, भीड़ की हिंसा की घटनाओं में इजाफे की बात कही और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
Author नई दिल्ली | March 20, 2016 18:27 pm
मोहम्मद मजलूम के पिता… इसी पेड़ पर मवेशी कारोबियों को लटकाया गया था।

कांग्रेस ने रविवार (20 मार्च) को कहा कि चुनावी फायदों के लिए सांप्रदायिक नफरत और अविश्वास पैदा कर रहे संघ परिवार से जुड़े लोगों पर मोदी सरकार का नियंत्रण नहीं करना संदेह पैदा करता है कि यह ध्रुवीकरण और विभाजन की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अल्पसंख्यक समुदाय पर बढ़ते कथित हमलों की बात की है जिनमें झारखंड के लातेहार जिले में दो मवेशी कारोबारियों को मारकर पेड़ से लटकाने की ताजा घटना शामिल है।

राज्यसभा में विपक्ष के नेता आजाद ने अपने दो पन्नों के खत में लिखा, ‘‘मैं बहुत निराशा के साथ यह कहने को विवश हूं कि जघन्यता और भीड़ की हिंसा के ऐसे घटनाक्रम दुनिया के उन कुछ हिस्सों की झलक देते हैं जहां लोकतंत्र नहीं है। ये भारत की घटनाएं नहीं दिखाई देती जहां कानून के शासन से संचालित एक जीवंत और धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र का व्यापक सम्मान होता है।’’

आजाद ने केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद डराने, धमकाने, भीड़ की हिंसा की घटनाओं में इजाफे की बात कही और इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र की बहुसंख्यकवादी राय सावधानीपूर्वक और जानबूझ कर पैदा की जा रही है। लोकतंत्र, बहुलवाद, सामाजिक समरसता और शांति पर गंभीर असर पड़ा है तथा देश का विकास भी प्रभावित हुआ है।’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी और सिविल सोसायटी सांप्रदायिक नफरत और ध्रुवीकरण के बढ़ते माहौल के प्रति सरकार का ध्यान लगातार खींच रहे हैं। आजाद ने कहा, ‘‘सत्तारूढ़ पार्टी के मंत्री, सांसद और विधायक, नेता तथा संघ परिवार के संगठन समुदायों के विभाजन और धु्रवीकरण के लिए लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हैरानी की बात है कि ऐसे तत्वों पर लगाम कसने के लिए सरकार और भाजपा नेतृत्व की ओर से कोई स्पष्ट प्रयास नहीं दिखाई दे रहा है जिससे संदेह बढ़ता है कि यह ध्रुवीकरण और विभाजन की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।’’

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