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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के लिए फ्रांस का भारत को समर्थन

मोदी से मिले फ्रांसीसी विदेश मंत्री, आतंकवाद पर भी की बात।
Author बंगलुरु | March 9, 2017 12:00 pm
बेंगलुरु में आयोजित प्रवासी भारतीय दिवस पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और साथ में फ्रांस के विदेश मंत्री जेन मार्क आयरॉल्त। (PTI Photo/8 jan, 2017)

रणनीतिक साझेदारी को गति देने की कोशिश करते हुए भारत और फ्रांस ने रविवार को रक्षा और आतंकवाद सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। फ्रांस ने कहा कि द्विपक्षीय संबंध को राफेल लड़ाकू विमान की गति से आगे बढ़ना चाहिए। फ्रांसीसी विदेश मंत्री ने भारत की एनएसजी सदस्यता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के लिए पेरिस का समर्थन भी दोहराया।  फ्रांस के विदेश मंत्री जेन मार्क आयरॉल्त ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर चर्चा की जिससे दोनों देश पीड़ित हैं। आयरॉल्त ने मोदी के साथ अपनी बैठक के बाद एक कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं को बताया-‘मैंने हमारी साझेदारी के विभिन्न पहलुआें के बारे में बात की।’ वह यहां प्रवासी भारतीय दिवस के 14 वें सत्र में शरीक होने आए थे। यहां से भारत की तीन दिवसीय यात्रा शुरू करने वाले फ्रांसीसी मंत्री ने बताया-‘हमने रक्षा के बारे में बात की क्योंकि भारत को खुद की हिफाजत करने की जरूरत है। इसलिए, रक्षा एक अहम क्षेत्र है। मैंने आतंकवाद के बारे में चिंताएं भी उनसे साझा की और इसका मिल कर मुकाबला करने के तरीके पर भी बात की।’

फ्रांसीसी मंत्री ने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत को कई तरह की जरूरतें हैं, जैसे राफेल लड़ाकू विमान। उन्होंने कहा कि भारत को पनडुब्बी, हेलिकॉप्टर की जरूरत है। इसलिए हमने इन सभी पर चर्चा की। पिछले साल सितंबर में भारत ने 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए फ्रांस के साथ करीब 59,000 करोड़ रुपए के सौदे पर हस्ताक्षर किया था। ये विमान परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं और ये अत्याधुनिक मिसाइलों से लैस हैं जो वायुसेना को चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान पर कहीं अधिक बढ़त देगा। अपनी मीडिया ब्रीफिंग में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि फ्रांसीसी विदेश मंत्री और मोदी दोनों देशों के बीच करीबी रणनीतिक साझेदारी की बात दोहराई। उन्होंने रक्षा एवं अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद सहित कई मुद्दों पर चर्चा की। स्वरूप ने बताया कि फ्रांसीसी मंत्री ने परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) में भारत की सदस्यता और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता का समर्थन करने की बात भी दोहराई।

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