December 11, 2016

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कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ चुके नंदन नीलेकणि को नीति आयोग में लाएगी सरकार, नोटबंदी का किया था समर्थन

यूआईडीएआई) के पूर्व चेयरमेन और इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन निलेकणी नीति आयोग में बतौर "डिजिटल सलाहकार" शामिल हो सकते हैं।

नंदन को मनमोहन सरकार में ‘आधार’ योजना का जिम्‍मा सौंपा गया था।

युनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के पूर्व चेयरमेन नंदन निलेकणी नीति आयोग में बतौर “डिजिटल सलाहकार” शामिल हो सकते हैं। खबरों के मुताबिक वित्त मंत्री अरुण जेटली ने उन्हें ई-बैंकिंग से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए एनडीए सरकार को दिशा दिखाने के लिए कहा है। नोटबंदी के बाद ई-बैंकिंग और ई-वॉलेट जैसी सेवाओं में जबरदस्त उछाल आया है।

नंदन निलेकणी देश की बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस के सह-संस्थापक भी हैं। ऐसे में सरकार को ई-बैंकिंग से जुड़ी सेवाओं, खासकर डिजिटल पेमेंट की सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में काम करना है। खबरों के मुताबिक केंद्र सरकार उन्हें नीति आयोग में बतौर “डिजिटल सलाहकार” तैनात करेगी। खबरों के मुताबिक नंदन निलेकणी भी नीति आयोग में शामिल होने के प्रस्ताव को स्वीकार कर सकते हैं।

हाल ही में उन्होंने केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले का समर्थन किया था। विभन्न टीवी न्यूज चैनलों और अखबारों से बातचीत में नोटबंदी का समर्थन करते हुए कहा था कि इससे अर्थव्यवस्था के डिजिटाइजेशन में तेजी आएगी। उन्होंने यह भी कहा था कि नोटबंदी से थोड़े ही समय के लिए परेशानी रहेगी लेकिन आने वाले समय में इससे डिजिटाइजेशन में तेजी आएगी।

नंदन निलेकणी यूआईडीएआई के पूर्व चेयरमेन और इन्फोसिस के सह-संस्थापक होने के अलावा 2014 में कांग्रेस के टिकट पर बेंगलुरु साउथ सीट से लोकसभा का चुनाव भी लड़ चुके हैं लेकिन वह आर गए थे। इसके अलावा निलेकणी 2006 में भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान में से एक पद्म भूषण से भी सम्मानित किए जा चुके हैं। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में भी भारत को कैशलेस सोसाइटी बनाने की बात कही थी और निलेकणी भी अर्थव्यवस्था के तेज डिजिटाइजेशन का समर्थन करते हैं। ऐसे में केंद्र सरकार उन्हें नीति आयोग में  डिजिटल सलाहकाल के पद पर नियुक्त करना चाहती है।

वीडियो:PM Modi asks BJP MPs and MLAs to submit details of bank transactions to Amit Shah

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First Published on November 29, 2016 2:35 pm

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