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जीतन मांझी ने ‘हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा’ बनाया

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने समाज सेवा के लिए युवाओं और आमजन से राजनीति के क्षेत्र में आने की अपील करते हुए जन सेवा के लिए ‘हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा’ (हम) नाम से एक नया मोर्चा बनाने का शनिवार को एलान किया। नीतीश कुमार के जद (एकी) विधायक दल का नया नेता चुने […]
Author March 1, 2015 09:39 am
Jitan Ran Manjhi को पप्पू और राजद के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने पूर्व में नीतीश सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाने की भी वकालत की थी। (फ़ोटो-पीटीआई)

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने समाज सेवा के लिए युवाओं और आमजन से राजनीति के क्षेत्र में आने की अपील करते हुए जन सेवा के लिए ‘हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा’ (हम) नाम से एक नया मोर्चा बनाने का शनिवार को एलान किया। नीतीश कुमार के जद (एकी) विधायक दल का नया नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल के सदन में बहुमत साबित करने को कहने पर मांझी ने 20 फरवरी को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। मांझी ने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हाल में शनिवार को अपने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) नामक नया मोर्चा बनाने की घोषणा की और कहा कि यह सभी के लिए काम करेगा।

इस ‘कार्यकर्ता स्वाभिमान सम्मेलन’ में जद (एकी) के बागी नेताओं जिसमें मांझी मंत्रिमंडल में शामिल रहे नरेंद्र सिंह, वृषिण पटेल, महाचंद्र प्रसाद सिंह, शाहिद अली खान, भीम सिंह, सम्राट चौधरी, नीतीश मिश्र, विधायक रवींद्र राय, राहुल शर्मा, पूनम देवी और वरिष्ठ नेता जगदीश शर्मा और शकुनी चौधरी व राजद प्रमुख लालू प्रसाद के साला साधु यादव शामिल थे।

मांझी ने कहा कि अभी नए दल के गठन में कुछ तकनीकी बाधा होने के कारण वे मोर्चे का गठन कर रहे हैं। मांझी दिल्ली में आयोजित ‘1000 बुद्धजीवियों’ के सम्मेलन में भाग लेने आगामी तीन मार्च को राजधानी जाएंगे और उसके बाद प्रदेश सरकार की गलत नीतियों के साथ अपने को मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बारे में लोगों को अवगत कराने के लिए अपने राज्यव्यापी आंदोलन की शुरुआत 16 मार्च को मुजफ्फरपुर से करेंगे। वे 17 मार्च को खगड़िया जाएंगे।

वहीं, मांझी ने शनिवार को आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ठहरने के लिए दिल्ली स्थित बिहार निवास को गंगा जल से धोया जाता है। उन्होंने कहा कि जब वे दिल्ली स्थित बिहार निवास गए तो पाया कि चूंकि वे पहले वहां ठहरे हुए थे इसलिए निवास को गंगाजल से धोया जा रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि जब नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से हटे तो दो, स्ट्रैंड रोड स्थित अपने अस्थाई आवास को सजाने-संवारने पर दो करोड़ रुपए खर्च किए और कुछ दिनों रहने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री के तौर पर उन्हें आबंटित सात, सर्कुलर रोड स्थित आवास को 50 करोड़ रुपए से अधिक राशि खर्च कर मुख्यमंत्री निवास की तरह बनवा लिया। यह राशि कहां खर्च हो रही उन्हें नजर नहीं आया। मांझी ने कहा-मुझसे कहा गया था कि आप राष्ट्रपति शासन की अनुशंसा कर दें, जबतक चुनाव नहीं होगा आप कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहेंगे। यानी नौ महीना उधर मुख्यमंत्री रहने के बाद छह महीना और मुख्यमंत्री पद पर बने रहने से मुझे कोई नहीं रोकता। लेकिन मैंने विधायकों के नुकसान को देखते हुए ऐसा नहीं किया।

मांझी ने आरोप लगाया कि वे कमजोर तबके से आते हैं इसलिए नीतीश कुमार ने उन्हें कठपुतली बनाकर खुद मुख्यमंत्री के रूप में काम करना चाहा, लेकिन यह उनकी गलतफहमी थी। उन्होंने अपने कार्यकाल के अंतिम समय में किए गए फैसलों की ओर इशारा करते हुए कहा कि नौ महीने तो कहने को वे मुख्यमंत्री पद पर आसीन रहे। लेकिन सच्चाई यह है कि उन्होंने केवल सात फरवरी से 19 फरवरी तक काम किया। मांझी ने नीतीश पर प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने ये 12 दिन ही सही मायने में काम किए, नहीं तो बाकी समय नोकझोंक में और यस सर-यस सर करते हुए बिता दिए।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार अब उनके लिए गए फैसलों की समीक्षा की बात कर रहे हैं तो वे उनसे कहेंगे कि वे ऐसा जल्दी करें ताकि जनता उनकी मंशा को समझ जाए। इस बीच, जद (यू) के बिहार अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने मांझी के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि नीतीश दिल्ली जाते थे तो बिहार निवास में नहीं ठहरते थे, बल्कि बिहार भवन में ठहरते थे।

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