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एक बार फिर लड़ाकू विमान ‘सुखोई-30’ को उड़ान की मंजूरी

नई दिल्ली। भारत के अग्रणी लड़ाकू विमान सुखोई-30 को आज करीब एक महीने के बाद उड़ान के लिए मंजूरी दे दी गई। पुणे में पिछले महीने हुई दुर्घटना के बाद इसकी सेवा अस्थायी तौर पर रोक दी गई थी। वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर सिमरनपाल सिंह बिर्दी ने कहा, ‘‘सुखोई-30 बेड़े को उड़ान के लिए मंजूरी […]
Author November 14, 2014 20:01 pm
लड़ाकू विमान सुखोई-30 एमकेआई को फिर से उड़ान भरने की मंज़ूरी मिल गई है

नई दिल्ली। भारत के अग्रणी लड़ाकू विमान सुखोई-30 को आज करीब एक महीने के बाद उड़ान के लिए मंजूरी दे दी गई। पुणे में पिछले महीने हुई दुर्घटना के बाद इसकी सेवा अस्थायी तौर पर रोक दी गई थी। वायुसेना के प्रवक्ता विंग कमांडर सिमरनपाल सिंह बिर्दी ने कहा, ‘‘सुखोई-30 बेड़े को उड़ान के लिए मंजूरी दे दी गई है।’’

वायुसेना के सूत्रों ने बताया कि कोर्ट ऑफ इन्कवायरी अब भी जारी है और यह अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि वायुसेना ने सुरक्षा जांच पर संतोष जाहिर किया है जिसे करीब सभी 200 सुखोई-30 एमकेआई जेट पर किया गया है। इत्तफाकन वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल अरूप राह ने आज ही पहले कहा था कि सुखोई ‘‘एक हफ्ते के अंदर’’ फिर उड़ान भर सकेंगे। वर्ष 2009 के बाद यह सबसे लंबा समय है जब रूस निर्मित लड़ाकू बेड़े को सेवा से हटाया गया है, जब एक दुर्घटना के बाद करीब तीन हफ्ते के लिए इसे सेवा से हटाया गया।

राहा ने यहां संवाददाताओं से कहा था, ‘‘यह (14 अक्तूबर को पुणे में हुई दुर्घटना) एक दुर्घटना थी जो सीट में आई खामी के कारण हुई प्रतीत होती है। कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी पूरी होने वाली है और निष्कर्ष को अंतिम रूप दिया जा रहा है।’’

उन्होंने कहा कि ‘‘प्रारंभिक जांच’’ से पता चलता है कि हम कारण ढूंढने में सफल रहे हम ‘‘बिना ज्यादा समस्या के इससे निजात पा लेंगे।’’

रूस के दस विशेषज्ञों का एक दल फिलहाल पुणे में है, जहां वह 14 अक्तूबर को हुई दुर्घटना की जांच कर रहा है। दोनों पायलट सीट में खराबी को दुर्घटना का कारण बताया जाता है। पायलट सुरक्षित थे लेकिन विमान रनवे से करीब 20 किलोमीटर पहले दुर्घटनाग्रस्त हो गया। एहतियात के तौर पर विमान का परिचालन स्थगित कर दिया गया और कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दे दिए गए।

सूत्रों ने कहा कि रूस के विशेषज्ञों ने दावा किया है कि सीट में स्वत: खराबी नहीं आ सकती जिसे भारतीय वायुसेना स्वीकार करने को तैयार नहीं है। सुखोई-30 बेड़ा देश के लड़ाकू विमानों के बेड़े का करीब एक तिहाई है।

भारतीय वायुसेना के पास अधिकृत क्षमता 44 स्क्वैड्रन की है लेकिन इसके पास फिलहाल 34 लड़ाकू स्क्वैड्रन है। प्रत्येक स्क्वैड्रन में 18 लड़ाकू विमान होते हैं।

वर्ष 2009 के बाद एसयू-30 एमकेआई पांचवीं बार दुर्घटनाग्रस्त हुआ है और इससे पहले बेड़े को कम से कम दो बार अस्थायी तौर पर सेवा से हटाया गया।

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