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Intolerance को लेकर Facebook पर की पोस्ट तो ब्लॉग कर दिया एकाउंट और किए अश्लील कमेंट्स

एक महिला मुसलिम पत्रकार को अपने त्रासद अनुभवों के आधार पर मदरसों के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करने के बाद धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
Author , कोझिकोड | November 27, 2015 10:04 am

एक महिला मुसलिम पत्रकार को अपने त्रासद अनुभवों के आधार पर मदरसों के खिलाफ फेसबुक पर टिप्पणी करने के बाद धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। पत्रकार ने अपनी फेसबुक पोस्ट में मदरसों में कथित तौर पर होने वाले बच्चों के यौन उत्पीड़न की त्रासद स्थिति बयां की थी। पत्रकार वीपी राजीना एक मलयालम दैनिक में काम करती हैं। राजीना ने अपने बचपन की यादों को साझा करते हुए बताया था कि किस तरह से मदरसों में लड़के-लड़कियों का यौन शोषण किया जाता है।

पत्रकार वीपी राजीना ने मदरसों में हो रही इन घटनाओं के बारे में रविवार को फेसबुक पर टिप्पणी की थी, जिसके बाद से उन्हें अपने समुदाय के लोगों का तीखा विरोध झेलना पड़ रहा है। और यह विरोध अश्लीलता और जान की धमकी देने तक पहुंच गया है। राजीना ने दावा किया है कि उन्होंने अपने बचपन में मदरसों में बच्चों के साथ होने वाले यौन शोषण को देखा है।
पत्रकार ने लिखा कि जब मैं पहली क्लास में पहली बार मदरसे गई तो वहां के अधेड़ शिक्षक ने पहले तो सभी बच्चों को खड़ा किया और बाद में उन्हें पैंट खोलकर बैठने को कहा। इसके बाद वह हर सीट पर गए और बच्चों से छेड़छाड़ की। राजीना ने दावा किया, ‘उन्होंने यह काम आखिरी छात्र को छेड़ने के बाद ही बंद किया’। उनके इस पोस्ट के बाद अब राजीना मुसलिम कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गई हैं और उन्हें भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

राजीना इससे पहले भी मुसलिम प्रबंधकों के एक स्कूल में लड़के और लड़कियों के बीच भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाने पर घिर चुकी हैं। चौथी क्लास के दिनों को याद करते हुए राजीना ने लिखा है कि उस्ताद रात्रि कक्षाओं के दौरान लड़कियों का उत्पीड़न करते थे। राजीना ने आरोप लगाया कि कई बार जब नाइट क्लास के दौरान लाइट चली जाती थी तो शिक्षक लड़कियों से छेड़छाड़ करते थे।

फेसबुक पर अपने अनुभव साझा करने के बाद राजीना को ऑनलाइन धमकियां मिलनी शुरू हो गर्इं। उनकी फेसबुक प्रोफाइल पर ढेर सारे अश्लील संदेश भी आए। इसके बाद फेसबुक ने राजीना का अकाउंट बंद कर दिया है। संपर्क करने पर राजीना ने बताया, ‘मेरे फेसबुक अकाउंट को बंद कर दिया गया है। जो मैंने कहा था, वह कोई अतिशयोक्ति नहीं, बल्कि सच्चाई और केवल सच्चाई थी’। उन्होंने यह भी कहा कि धमकियां जारी रहती हैं, तो वे पुलिस के पास जाने के लिए मजबूर हो जाएंगी। राजीना ने बताया कि उनकी मंशा पर सवाल उठाए जा रहे हैं और इसे धर्म पर हमले के रूप में पेश करने का प्रयास किया जा रहा है।

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