December 05, 2016

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रामनाथ गोयनका पुरस्‍कार समारोह में एक्‍सप्रेस समूह के चेयरमैन का भाषण पढ़ें और देखें वीडियो

2 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्‍कृष्‍ट पत्रकारिता के लिए पत्रकारों को रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स से सम्‍मानित किया

2 नवंबर को नई दिल्‍ली में पत्रकारों को रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक स्‍मृति चिह्न भेंट किया गया। जिस दिन मोदी प्रधानमंत्री बने थे, उस दिन के इंडियन एक्‍सप्रेस अखबार का पहला पन्‍ना स्‍मृति चिह्न के रूप में पेश करते एक्‍सप्रेस ग्रुप के कार्यकारी निदेशक श्री अनंत गोयनका (दाएं)। साथ में हैं समूह के चेयरमैन श्री विवेक गोयनका। (Express Photo Service)

2 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्‍कृष्‍ट पत्रकारिता के लिए पत्रकारों को रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स से सम्‍मानित किया। इस सम्‍मान समारोह में एक्सप्रेस ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री विकेक गोयनका ने उद्घाटन भाषण दिया। उनका पूरा भाषण ये है:

आज रामनाथ गोयनका मेमोरियल फाउंडेशन के 11वें रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स में हमारे मुख्‍य अतिथि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी, रामनाथ गोयनका अवार्ड पाने वाले सभी विजेताओं, जिन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में 2015 में बेहतरीन काम किया और जूरी मेंबर दीपक पारेख, जस्टिस श्री कृष्णा, श्रीमान कुरैशी, श्रीमान शशि कुमार, सुश्री पेमेला फिलिपोज और बाकी सभी सम्‍मानित अतिथिगणों का मैं स्वागत करता हूं।

आज हमारे प्रधानमंत्री जी ने इस कार्यक्रम में आकर इस शाम को विशेष और अधिक प्रासंगिक बना दिया। वह प्रधानमंत्री जिन्होंने सवा सौ करोड़ लोगों तक सरकार के पहुंचने के तरीकों को बदल दिया। वह हमेशा सरकार द्वारा उठाए गए अलग-अलग कदमों से सबको चौंकाते रहते हैं। ऐसे में एक्सप्रेस ग्रुप के संस्थापक रामनाथ गोयनका के गुजरने के 25वें साल में उनके सत्ता के सामने सच बोलने आदर्शों के अनुरूप उत्कृष्ट पत्रकारिता की सराहना के इस मौके पर प्रधानमंत्री की उपस्थिति बिल्कुल उचित है।

मुझे नहीं लगता कि अगर मैं इस शाम से जुड़ा एक किस्सा सुनाउंगा तो उसे पीएम मोदी अन्यथा लेंगे। मैंने उन्हें इस कार्यक्रम के लिए न्योता भेजा और फिर खुद जाकर उनसे मिला और आने का न्योता दिया। उस वक्त हम दोनों ने उनके पसंदीदा मुद्दे ‘विकास’ पर बात की। पीएम ने बताया कि कैसे रेलवे को नया ढांचा दिया जा सकता है, उन्होंने सिंचाई में आने वाली परेशानी पर बात की। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा और गैर-परंपरागत ऊर्जा के स्रोतों के इस्तेमाल को बढ़ाने पर वह जोर दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि एलईडी के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर उन्होंने बिजली की खपत को कम करने का रास्ता निकाला। पीएम ने बताया कि कई क्षेत्रों में वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार को खत्म करना भी एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने बिना किसी तैयारी के सभी तथ्य और आंकड़े बताए। मैं उनके मष्तिष्क में चल रही बातों को कुछ हद तक सुन पा रहा था। मुझे दिख रहा था कि अपने देश के लिए उनके मन में कई सारे सपने हैं और वह उनको पूरा करने के प्रति विश्वास से भरे हुए हैं। उन्हें अपने रास्ते में सामने आने वाली छोटी या बड़ी कठिनाइयों और रुकावटों से फर्क नहीं पड़ता। कुछ देर रुककर मैंने उनसे पूछा कि क्या वह इस साल रामनाथ गोयनका अवार्ड्स देने के लिए आ पाएंगे? इस सवाल पर उन्होंने बिना रुके जवाब दिया, ‘हां, बिल्‍कुल! ‘

उनके सहज जवाब से मेरा इस बात के प्रति विश्वास और बढ़ गया कि इन दिनों चल रही कई तरह की सार्वजनिक बहसों के बीच, एक-दूसरे का नाम घसीटने से लेकर, तू-तू, मैं-मैं के बीच हमारे राजनेता ही वे लोग हैं जिनके कंधे सबसे चौड़े हैं। इस बात से उन्हें फर्क नहीं पड़ता कि आलोचना और सवाल करते समय हम उनके न्याय कर रहे हैं या अन्याय। यही हमारे लोकतंत्र की पहचान है, हमारा लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और श्री मोदीजी इसके प्रधानमंत्री हैं। इसी लोकतंत्र की वजह से हमें आम सहमति और तर्क-वितर्क, असंतोष और असहमति जताने की जगह मिल पाती है।

श्री विवेक गोयनका के भाषण का पूरा वीडियो देखें 

आज हम अवार्ड जीतने वाली स्टोरीज को सम्मान देने के लिए एकत्रित हुए हैं। जो लोकतंत्र में मिली इन्हीं जगहों से ही अपनी शक्ति हासिल करती हैं। किसी ने चेन्नई में जाकर कंपनियों के खराब ऋणों के बारे में पता किया, किसी ने यह पता करने की कोशिश की कि दिल्ली की हवा की गुणवत्ता दुनिया में सबसे खराब क्यों होती जा रही है। इन सभी स्टोरीज में एक चीज एक जैसी थी कि वे सभी निष्पक्ष थीं और उसके लिए सवाल पूछने में भी पूरी कठोरता दिखाई गई।

अगर हम सवाल पूछने वालों के लिए कार्यक्रम कर पा रहे हैं इसका मतलब है कि हम उन लोगों को सम्मानित कर रहे हैं जो जवाब ढूंढ पाए। मुझे इस बात की जानकारी देते हुए काफी खुशी है कि रामनाथ गोयनका मेमोरियल ने एक नए अवार्ड की घोषणा करने की भी सोची है। इस अवार्ड का नाम रामनाथ गोयनका चेंजमेकर अवार्ड्स होगा। जैसे RNG अवार्ड्स रामनाथ गोयनका के अखबारी मूल्यों को पूरा करने वालों को दिया जाता है वैसे ही चेंजमेकर अवार्ड उनकी प्रशासन और सामाजिक परिवर्तन की दृष्टि को पूरा करने वाले को दिया जाएगा। चेंजमेकर अवार्ड उन जिलाधिकारियों को दिया जाएगा जिन्होंने अपने जिले में बदलाव लाने के लिए अच्छा काम किया होगा। ऐसा बदलाव जिससे पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को फायदा हुआ हो। जिससे उनके जीवन में बदलाव आया हो। हम जल्द ही इस अवार्ड से जुड़ी विस्तृत जानकारी और आवेदन की प्रक्रिया की घोषणा करेंगे।

रामनाथ गोयनका एक्सिलेंस इन जर्नलिज्‍म अवॉर्ड समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और एक्‍सप्रेस समूह के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक श्री विवेक गोयनका। पुरस्‍कार दो नवंबर को नई दिल्‍ली में दिए गए। Express Photo by Tashi Tobgyal रामनाथ गोयनका एक्सिलेंस इन जर्नलिज्‍म अवॉर्ड समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और एक्‍सप्रेस समूह के चेयरमैन व प्रबंध निदेशक श्री विवेक गोयनका। पुरस्‍कार दो नवंबर को नई दिल्‍ली में दिए गए। Express Photo by Tashi Tobgyal

रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स और रामनाथ गोयनका चेंजमेकर अवार्ड्स दोनों ही अवार्ड ऐसे लोगों को दिए जाएंगे जो अपने आपमें प्रतिबद्ध रहे और सभी के लिए अच्छा काम किया। वे लोग जिन्होंने सर्वोत्तम नागरिक भावना का प्रदर्शन किया। इस साल रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स पीएम मोदी द्वारा दिए जाएंगे। सभी से अनुरोध है कि वे रामनाथ गोयनका एक्सीलेंस इन जर्नलिज्म अवार्ड्स देने आ रहे श्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का स्वागत करें। इसके बाद वह मीडिया, माध्यम और संदेश के साथ-साथ संदेश पहुंचाने वाले हमलोगों के लिए अपने ‘मन की बात’ करेंगे जिसका हम सबको बेसब्री से इंतजार है। सभी देवियों और सज्जनों का शुक्रिया।

 

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First Published on November 4, 2016 11:12 am

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