December 03, 2016

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रक्षा मंत्रालय ने कहा- सुसाइड करने वाले पूर्व सैनिक को मिला था OROP का लाभ, बैंक ने कर दी थी गड़बड़

पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल ने ओआरओपी की मांग को लेकर मंगलवार को सुसाइड कर लिया था।

Author November 3, 2016 06:52 am
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर (पीटीआई फाइल फोटो)

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बुधवार को कहा कि ओआरओपी की मांग को लेकर सुसाइड करने वाले पूर्व सैनिक राम किशन ग्रेवाल को ओआरओपी के तहत लाभ मिला था। रक्षा मंत्रालय का यह बयान राम किशन के सुसाइड के राजनीति रंग लेने के बाद आया है। हालांकि, मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि ओआरओपी के तहत ग्रेवाल को पूरा लाभ नहीं मिला था, उन्हें थोड़ी कम रकम मिली थी। इसमें हरियाणा भिवानी जिले में एसबीआई बैंक की ब्रांच ने कैल्कुलेशन में गड़बड़ कर दी थी। साथ ही कहा कि सुसाइड करने वाले पूर्व सैनिक ने रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से घर या ऑफिस मिलने के लिए वक्त नहीं मांगा था। रक्षामंत्री पर्रिकर ने बुधवार को कहा कि सरकार पूर्व सैनिकों के विकास के लिए समर्पित हैं और सरकार ने इस स्कीम के तहत 5,507.47  करोड़ रुपए बांटे हैं।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि ओआरओपी में विसंगति पर पूर्व सैनिकों की शिकायतों का हल करना एक प्राथमिकता है और ग्रेवाल की आत्महत्या की गंभीरता से जांच किए जाने की जरूरत है। ग्रेवाल ने टेरीटोरियल आर्मी में छह साल 11 महीने सेवा दी, जिसके बाद वह रक्षा सुरक्षा कोर में रहे।  वह ओआरओपी के हकदार थे। संशोधित पेंशन हासिल करने में देर बैंक में जोड़ घटाव में समस्या आने के चलते हुई। उनके अन्य सहकर्मियों की तरह उन्हें पूर्व सैनिक कल्याण प्रकोष्ठ से संपर्क करना चाहिए था। उन्होंने बताया कि यदि उन्होंने सीधे मंत्रालय का रूख किया होता तो उनके मामले का हल भी सैकड़ों अन्य की तरह सौहार्दपूर्ण तरीके से हो जाता।

उन्होंने बताया कि 31 अक्तूबर की तारीख वाला उनका पत्र और एक नवंबर को उनकी आत्महत्या ने कई सवाल खड़े किए हैं। इस बारे में गंभीर जांच किए जाने की जरूरत है कि मृतक के साथ कौन था, जब उन्होंने यह कठोर कदम उठाया। किसने उन्हें जहर मुहैया किया और क्या किसी ने उनकी मनोदशा का फायदा उठाकर इस कदम के लिए उन्हें उकसाया था।

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First Published on November 2, 2016 9:41 pm

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