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भूकम्प के झटकों से दहला उत्तर प्रदेश, 12 की मौत, 15 घायल

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत सूबे के अधिकांश हिस्सों में आज भूकम्प के झटके महसूस किये गये। जलजले के कारण छत तथा दीवार गिरने की घटनाओं में कम से कम छह लोगों की मौत हो गयी...
Author April 26, 2015 16:01 pm
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जलजले के कारण हुए हादसों में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख और घायलों को 20-20 हजार रुपए सहायता देने का एलान किया है। (फ़ोटो-पीटीआई)

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत सूबे के अधिकांश हिस्से शनिवार को भूकम्प के झटकों से थर्रा उठे। जलजले के कारण छत और दीवार गिरने की घटनाओं में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई व 20 से ज्यादा अन्य घायल हो गए।

प्रदेश के लगभग सभी जिलों में कई बार आए भूकम्प की वजह से पूरे प्रदेश में भय और अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और दहशतजदा लोग घरों, दफ्तरों और दुकानों से बाहर निकल आए। बार-बार भूकम्प आने से दहशतजदा लोगों ने खुले मैदानों की शरण ली। जलजले से कई मकानों और इमारतों में दरारें आ गईं और टेलीफोन, इंटरनेट समेत दूरसंचार सेवाओं पर असर पड़ा।

भूकम्पजनित हादसों से बाराबंकी, संतकबीरनगर और गोरखपुर में तीन-तीन और संतकबीर नगर, कानपुर देहात और श्रावस्ती में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को फोन कर उन्हें प्रदेश में भूकम्प से उत्पन्न स्थिति से अवगत कराया और प्रशासन को चौकस रहने के आदेश दिए। साथ ही उन्होंने जलजले के कारण हुए हादसों में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख और घायलों को 20-20 हजार रुपए सहायता देने का एलान किया है। इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों को भूकम्प से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश भी दिए हैं।

बाराबंकी संवाददाता के अनुसार मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के वसंतापुर गांव में भूकम्प के दौरान ऊदल यादव नामक व्यक्ति के मकान की निर्माणाधीन दीवार ढहने से मलबे में दबकर श्यामा देवी (60) और शांति (छह) और खुशबू (आठ) की मौत हो गयी। इस हादसे में आठ अन्य लोग भी घायल हुए हैं जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाराबंकी के अपर जिलाधिकारी प्रेम प्रकाश पाल ने मृतकों के परिजनों को आपदा राहत कोष से सात-सात लाख और घायलों को 45-45 हजार रुपए की मदद का एलान किया है।

गोरखपुर से पुलिस सूत्रों के हवाले से मिली रिपोर्ट के मुताबिक गुलहरिया थाना क्षेत्र के ठाकुरपुर में भूकम्प के कारण दीवार गिरने से मलबे में दबकर राज (ढाई साल) नामक बच्चे की मृत्यु हो गई। इसके अलावा मोहम्मद जंगल बरवा गांव में भी हुए ऐसे ही हादसे में बासमती देवी (38) नामक महिला की मौत हो गई। इसके अलावा छावनी थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर इलाके में भूकम्प से एक स्कूल की छत ढह गई जिसके मलबे में दबकर राजू (छह) नामक छात्र की मौत हो गई और एक शिक्षक व तीन छात्र घायल हो गए। इसके अलावा उनवल थाना क्षेत्र के एक गांव में एक महिला भूकम्प आने के बाद भयभीत होकर छत से कूद जाने के कारण घायल हो गई। इसके अलावा मियां बाजार, रेती चौक, नक्खास और धर्मशाला बाजार जैसे पुराने इलाकों में बड़ी संख्या में मकानों की दीवारें और छतों में दरारें आ गईं।

संतकबीरनगर संवाददाता के अनुसार मेहदावल थानाक्षेत्र के ग्राम कुडवा में भूकम्प के दौरान कच्चा मकान गिर जाने से एक आठ वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। इसके अलावा बखिरा थानाक्षेत्र के गौरा गांव में 80 वर्षीय बिमला देवी की और महुली थानाक्षेत्र के चवरिया गांव में 20 वर्षीय नवविवाहिता सरिता की भी भूकम्प में मौत हो गई। हालांकि प्रशासन ने सरिता की भूकम्प के दौरान मौत होने की पुष्टि नहीं की है। मेहदावल तहसील क्षेत्र में ही भूकम्प के कारण गिर जाने से एक 65 वर्षीय वृद्ध का पैर टूट गया जबकि एक अन्य महिला भी घायल हो गई। जिले में कई कच्चे मकान गिर गए तथा कुछ पुराने मकानों में दरारें पड़ गईं।

भूकम्प की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मकान व सड़क पर खड़े वाहन हिलने लगे। बाहर निकलने के बाद भी तमाम लोग जमीन पर बैठकर ही सहारा लिए। सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया और सरकारी कर्मचारी दफ्तरों से बाहर बैठे रहे। दोबारा भूकम्प आने के बाद लोग फिर भयभीत होकर बाहर निकल आए। जिलाधिकारी अजयदीप सिंह ने मासूम खुशबू के मरने की पुष्टि की है और कहा है कि जल्द ही उसके परिजनों को चार लाख रुपए की राहत राशि दी जाएगी। के से जिले में अफरा तफरी मच गई। वही मुख्यालय के सेमननार में विद्यालय का छज्जा गिरने से तीन मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए।

पड़ोसी जिले कानपुर देहात में आज भूकंप के झटकों के कारण एक प्राइमरी स्कूल के बाहर बने एक मकान की कच्ची दीवार गिर जाने से स्कूल से निकल रहे दो बच्चे उसकी चपेट में आ गए जिसमें एक बच्चे की तो मौत हो गयी जबकि दूसरा बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया है। जिला प्रशासन ने इस बच्चे के परिजनों को आर्थिक सहायता दिए जाने की घोषणा की है।

कानपुर देहात जिले के एडीएम सिटी शिव शंकर गुप्ता ने बताया कि शिबली गांव के राशपुर में सरकारी प्राइमरी स्कूल से भूकंप आने के बाद बच्चे अपने घर जाने के लिए बाहर की ओर भागे तभी स्कूल के निकट बनी एक कच्चे मकान की एक दीवार भूकंप के झटकों से ढह गयी और निकल रहे दो बच्चो के ऊपर गिर गयी। दोनों बच्चे बुरी तरह से घायल हो गए जिन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां एक बच्चे अमन सैनी (12) की मौत हो गयी। जबकि दूसरा बच्चा विजय (11) बुरी तरह से घायल हो गया है। इसके एक पैर में फ्रैक्चर है तथा अन्य गंभीर चोटें है इसे शहर के जिला अस्पताल भेजा गया है।

सिद्धार्थनगर संवाददाता के मुताबिक जिला मुख्यालय से सटे गांव सेमननार में स्कूल का छज्जा गिरने से तीन मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। नजदीक स्थित एसएसबी के शिविर में मौजूद जवानों ने मलबे को हटाया और घायल बच्चों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घायल बच्चों में आठ वर्षीय नेहा त्रिपाठी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। इसके अलावा दस वर्षीय पिंकी के पैर में चोट आई है। चिकित्सकों ने उसके पैर की हड्डी टूटने की आशंका जताई है।

इसके अलावा तीन वर्षीय विजित कुमार के सीने में चोट आई है। सूचना पाकर मौके पर जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर घायल बच्चों का हाल चाल जाना। जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को निर्देश दिया है कि बच्चों के इलाज में कतई कोई कोताही नहीं बरती जाए। भूकम्प के बाद तुरंत बाद स्कूलों में छुट्टी कर दी गई। जिले में कई घंटे तक संचार व्यवस्था ठप रही जिससे लोग अपने परिजनों का कुशल क्षेम पूछने के लिए परेशान रहे।

इस बीच, भूकम्प के कारण काठमांडो हवाई अड्डा बंद किए जाने की वजह से मुंबई से काठमांडो जा रहे विमान को लखनऊ हवाई अड्डे पर आपात्स्थिति में उतारा गया। हवाई अड्डा निदेशक कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक मुंबई से काठमांडो जा रहे जेट एयरवेज के विमान संख्या 266 को आपातस्थिति में अपराह्न एक बजकर 23 मिनट पर लखनऊ हवाई अड्डे पर उतारा गया और र्इंधन भरने के बाद दो बजकर 41 मिनट पर उसे वापस मुंबई रवाना कर दिया गया। विमान में 177 यात्री सवार थे।

मुख्यमंत्री ने जलजले के कारण हुए हादसों में मारे गए लोगों के परिजनों को पांच-पांच लाख और घायलों को 20-20 हजार रुपए की मदद का एलान किया है। इसके अलावा उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक के अलावा सभी जिलाधिकारियों और जिला पुलिस प्रमुखों को भूकम्प से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश भी दिए।

लखनऊ के अलावा प्रदेश के फिरोजाबाद, प्रतापगढ़, हरदोई, बलरामपुर, जालौन, नोएडा, बलिया, सीतापुर, फर्रुखाबाद, अमेठी, मैनपुरी, गाजियाबाद, हाथरस, सिद्धार्थनगर, लखीमपुर खीरी, बरेली, वाराणसी, सुलतानपुर और रायबरेली जैसे तमाम अन्य जिलों में भी भूकम्प के झटके महसूस किए गए। इनमें से अनेक स्थानों पर जलजले के कारण इमारतों में दरारें पड़ गईं।

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