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जम्मू-कश्मीर में आ सकता भयानक भूकंप

जम्मू-कश्मीर के हिमालय पर्वतों की हालिया भौगोलिक मैपिंग में कहा गया है कि राज्य में रिक्टर पैमाने पर आठ या इससे ज्यादा तीव्रता का भीषण भूकंप आ सकता है। इससे लाखों लोगों की जिंदगियां खतरे में पड़ सकती हैं।
Author वाशिंगटन | May 20, 2016 05:30 am
(AFP File Photo)

जम्मू-कश्मीर के हिमालय पर्वतों की हालिया भौगोलिक मैपिंग में कहा गया है कि राज्य में रिक्टर पैमाने पर आठ या इससे ज्यादा तीव्रता का भीषण भूकंप आ सकता है। इससे लाखों लोगों की जिंदगियां खतरे में पड़ सकती हैं।

वैज्ञानिकों को जम्मू-कश्मीर में रियासी फाल्ट के बारे में पता है, लेकिन उन्होंने दूसरे सक्रिय फाॠल्ट सिस्टम की वजह से इसे खतरे के रूप में नहीं देखा था।

हालांकि, पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के बालकोट-बाग फाल्ट में वर्ष 2005 में आए 7.6 तीव्रता के भूकंप के बाद शोधकर्ताओं ने क्षेत्र के अन्य फाल्ट सिस्टम की जांच की थी। वर्ष 2005 के भूकंप से पहले बालकोट-बाग फाल्ट को भी खतरनाक नहीं माना जाता था।

वैज्ञानिकों ने पाया कि रियासी फाल्ट ने कुछ समय से दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इससे यह संकेत मिल रहा है कि जब वह इस दबाव को छोड़ता है, तो इसके कारण आने वाला भूकंप भीषण हो सकता है, जिसकी तीव्रता आठ या इससे अधिक हो सकती है।

अमेरिका के ओरेगन स्टेट विश्वविद्यालय में शोधार्थी के रूप में काम कर चुके इस अध्ययन के प्रमुख लेखक यान गेविलट ने कहा, हमने यह जानने की कोशिश की कि फाल्ट पिछले दस हजार साल में कितना हटा है। इसके हटने पर इसके विभिन्न हिस्से किस तरह हिले हैं।

यान गेविलट ने कहा, हमने पाया कि रियासी फाल्ट कश्मीर में पड़ने वाले मुख्य सक्रिय फाॠल्ट में से एक है, लेकिन हालिया भौगोलिक रिकार्ड के अनुसार भूकंप नहीं आए हैं। यह फाल्ट लंबे समय से अपने स्थान से सरका नहीं है, जिसका अर्थ यह है कि एक भीषण भूकंप आने की आशंका प्रबल है। सवाल यह नहीं है कि क्या भूकंप आ रहा है बल्कि, सवाल है कि यह कब आ रहा है। उन्होंने कहा कि इस फाल्ट पर कुछ भूकंपीय गतिविधि होने के प्रत्यक्ष प्रमाण मिले हैं।

शोधकर्ताओं के अनुसार, एक भूकंप ने फाल्ट के एक हिस्से को पांच मीटर या उससे कुछ अधिक तक ऊपर उठा दिया था। संभवत: यह 4000 साल पहले हुआ था। स्थानीय मठों के लिखित रिकार्ड कुछ हजार साल पहले तीव्र भूकंप का जिक्र करते हैं। हालांकि, उनमें इस बात के ज्यादा प्रमाण नहीं हैं कि फाल्ट पर कितनी जल्दी-जल्दी भूकंप आते थे या यह दोबारा कब आ सकता है।

ओएसयू के कालेज आफ अर्थ, ओशियन एंड एटमास्फेरिक साइंसेज के जियोलाजी के प्रोफेसर और अध्ययन के सहलेखक एंड्रयू मीग्स ने कहा, रियासी फाल्ट भूकंपीय गतिविधि के लिहाज से ज्यादा प्रमुख नहीं है, लेकिन ये नक्शे मूलत: भूकंपीय गतिविधियों के इतिहास पर आधारित होते हैं, न कि भविष्य की घटनाओं की आशंकाओं पर। उन्होंने कहा कि वास्तव में, बड़े भूकंपों की संख्या कम होने से भूकंपीय जोखिम ज्यादा होने की आशंका बढ़ जाती है।

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