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दवा कंपनियों से गिफ्ट लेने वाले डॉक्‍टर्स पर चलेगा MCI का डंडा, जितना बड़ा गिफ्ट मिलेगी उतनी बड़ी सजा

दवा कंपनियों और कुछ लालची डॉक्‍टर्स की नजदीकी को दवाअों की कीमतों के बढ़ने का कारण माना जा रहा है।
Author नई दिल्‍ली | February 4, 2016 21:34 pm
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

दवा कंपनियों से गिफ्ट लेने और उनके पैसों से विदेश यात्रा पर जाने वाले डॉक्‍टर्स पर शिकंजा कसने वाला है। ऐसा करने वाले डॉक्‍टर्स को गिफ्ट की राशि के आधार पर ही सजा दी जाएगी। एक लाख रुपये से ज्‍यादा के गिफ्ट पर डॉक्‍टर का नाम इंडियन मेडिकल या राज्‍य रजिस्‍टर से एक या ज्‍यादा साल तक के लिए हटाया जाएगा। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने इसके लिए नई गाइडलाइंस तैयार कर ली है। इसके लिए इंडियन मेडिकल काउंसिल नई रेगुलेशन जारी करेंगी।

2009 की रेगुलेशंस के अनुसार डॉक्‍टर्स पर गिफ्ट लेने पर पाबंदी लगाई गई थी। पिछले साल जनवरी में ही फार्मा कंपनियों के लिए स्‍वैच्छिक कोड ऑफ कंडक्‍ट लागू किया गया था। इसे अनिवार्य करने के लिए रिव्यू भेजा गया था जो कि अभी पेडिंग है।नए नियमों के अनुसार अगर डॉक्‍टर गिफ्ट, पैसा या कोई अन्‍य सुविधा दवा कंपनी से लेता है तो उस पर कार्रवाई होगी। 5 से 10 हजार रुपये तक का गिफ्ट लेने पर डॉक्‍टर का नाम तीन महीने के लिए हटा दिया जाएगा। 10 से 50 हजार का गिफ्ट लेने पर छह महीने और 50 हजार से 1 लाख के गिफ्ट पर एक साल के लिए राज्‍य या इंडियन मेडिकल रजिस्‍टर से नाम हटा दिया जाएगा।

बार बार इस तरह के अपराध करने वाले डॉक्‍टर्स पर उनके केस के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। दवा कंपनियों और कुछ लालची डॉक्‍टर्स की नजदीकी को दवाअों की कीमतों के बढ़ने का कारण माना जा रहा है। डॉक्‍टर्स को दिए जाने वाले गिफ्ट की रकम को कंपनियां दवाओं की लागत में जोड़ती हैं। कई बड़ी कंपनियां इस तरह से पैसा खर्च करती हैं और इसके चलते उनकी कीमत ज्‍यादा होती है।

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