ताज़ा खबर
 

कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर अगला विश्वास मत जीतने की तैयारी न करें: शिवसेना

मुंबई। कांग्रेस के प्रति नर्म रूख दिखाने की प्रत्यक्ष कोशिश में शिवसेना ने महाराष्ट्र की भाजपा सरकार को चेताया है कि कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर वह अगला विश्वास मत जीतने की तैयारी न करे। महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के विरोध के बीच विश्वास मत हासिल किया था। […]
Author November 14, 2014 14:47 pm
शिवसेना ने संपादकीय में कहा है ‘‘सभी समाचार पत्रों की सुर्खियों में कहा गया कि भाजपा ने विश्वास मत जीता लेकिन जनता का विश्वास हार गई। (प्रदीप कोचरेकर)

मुंबई। कांग्रेस के प्रति नर्म रूख दिखाने की प्रत्यक्ष कोशिश में शिवसेना ने महाराष्ट्र की भाजपा सरकार को चेताया है कि कांग्रेस विधायकों को निलंबित कर वह अगला विश्वास मत जीतने की तैयारी न करे।

महाराष्ट्र में देवेन्द्र फडणवीस सरकार ने बुधवार को विधानसभा में विपक्ष के विरोध के बीच विश्वास मत हासिल किया था। बाद में कांग्रेस के पांच विधायकों को, राज्यपाल सी विद्यासागर राव को विधानसभा परिसर में आने से रोकने की कोशिश में कथित तौर पर ‘‘चोट’’ पहुंचाने के आरोप में निलंबित कर दिया गया।

शिवसेना ने आज अपने मुखपत्र ‘‘सामना’’ में लिखे संपादकीय में कहा है ‘‘सरकार चलाना बच्चों का खेल नहीं है। अगर सत्ता आपके हाथ में है तो भी आप विधायकों को निलंबित नहीं कर सकते और :ऐसा करके: छह माह बाद अगला विश्वास मत जीतने की तैयारी नहीं कर सकते। अगर आप ऐसा करके लोगों को धोखा देने की कोशिश करेंगे तो याद रखिये, आप अपने ही हाथों से अपने पैरों में कुल्हाड़ी मारेंगे।’’

संपादकीय में आरोप लगाया गया है ‘‘आरोप है कि कुछ लोगों ने राज्यपाल को रोकने की कोशिश की जिसके बाद वह घायल हो गए। ताज्जुब की बात है कि घायल होने के बावजूद वह चल पाए और उन्होंने लंबा भाषण भी दिया। उस दिन हमें उनके शरीर में चोट का कोई चिह्न नहीं दिखाई दिया। इसके बावजूद, कांग्रेस के पांच विधायक झूठे आरोप में निलंबित कर दिए गए।’’

अपनी पूर्व सहयोगी पर कटाक्ष करते हुए शिवसेना ने कहा कि राज्यपाल तेलंगाना से भाजपा के नेता हैं और सिर्फ उसी पार्टी के नेता ही पता लगा पाएंगे कि उन्हें कितनी चोट लगी थी।

संपादकीय में कहा गया कि भाजपा सरकार ने विधानसभा में तो विश्वास मत हासिल कर लिया लेकिन वह लोगों का विश्वास हार गई।
शिवसेना ने संपादकीय में कहा है ‘‘सभी समाचार पत्रों की सुर्खियों में कहा गया कि भाजपा ने विश्वास मत जीता लेकिन जनता का विश्वास हार गई। वे :भाजपा: अब शासन करने का हर नैतिक अधिकार खो चुके हैं।’’

मुखपत्र में लिखे संपादकीय में आगे कहा गया है ‘‘संवैधानिक नियमों का पालन करने में चाहे जो भी नाकाम रहा हो, जनता उसे करारा सबक सिखाएगी। सरकार बनाने के लिए सभी नियमों, नियमनों और राज्य की परंपराओं को ताक पर रख कर उन्होंने जनता की नाराजगी मोल ले ली है। लोगों ने भाजपा की शर्मनाक कार्रवाई देखी है।’’

 

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग