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‘न्‍यूड’ और ‘एस दुर्गा’ पर विवाद: सुजॉय घोष के बाद अपूर्व असरानी ने भी IFFI ज्‍यूरी से दिया इस्‍तीफा

अपूर्व असरानी ने कहा कि उनकी अंतरात्मा उन्हें इस महोत्सव में शामिल होने की इजाजत नहीं दे रही है।
अपूर्व असरानी ने IFFI ज्‍यूरी से दिया इस्‍तीफा है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की पैनोरॅमा श्रेणी से दो फिल्मों को हटाने के फैसले के बाद उठे विवाद के बाद पटकथा लेखक अपूर्व असरानी ने बुधवार को घोषणा की कि वह निर्णायक समिति के सदस्य पद से इस्तीफा दे रहे हैं। इससे पहले, मंगलवार को फिल्मकार सुजॉय घोष ने कहा था कि वह इंडियन पैनोरॅमा की निर्णायक समिति का अध्यक्ष पद छोड़ रहे हैं। असरानी ने कहा कि उनकी अंतरात्मा उन्हें इस महोत्सव में शामिल होने की इजाजत नहीं दे रही है। यह फिल्म महोत्सव 20 से 28 नवंबर को गोवा में आयोजित होने वाला है।

उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘मैं निर्णायक समिति के अध्यक्ष के साथ हूं। कुछ बेहद खरी और ईमानदार फिल्मों के प्रति हमारी भी कुछ जिम्मेदारी है और कहीं न कहीं उसे निभाने में हम असफल हुए हैं। मेरा जमीर गोवा में होने वाले महोत्सव में शामिल होने की मुझे इजाजत नहीं देगा।’’ ‘अलीगढ़’ के पटकथा लेखक ने पुष्टि की है कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है लेकिन कहा कि वह इसके बारे में ज्यादा बात नहीं करना चाहते।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने 13 सदस्यीय निर्णायक समिति की सिफारिशों को खारिज करते हुए मलयालम फिल्म ‘एस दुर्गा’ और मराठी फिल्म ‘न्यूड’ को भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के 48वें संस्करण से हटा दिया था। मंगलवार को ‘एस दुर्गा’ के निर्देशक सनल कुमार शशिधरन ने मंत्रालय और आईएफएफआई के अधिकारियों के खिलाफ केरल उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल की थी।

बता दें कि सनल कुमार शशिधरन की फिल्म ‘सेक्सी दुर्गा’ दो प्रेमियों की कहानी है। उत्तर भारतीय दुर्गा और दक्षिण भारतीय कबीर आधी रात को घर से भाग जाते हैं। दोनों ट्रेन पकड़ने के लिए रेलवे स्टेशन जा रहे होते हैं तभी दो छुटभैये बदमाश उनकी मदद करने का प्रस्ताव देते हैं। आगे की फिल्म इस सफर के दौरान हुई घटनाओं की कहानी कहती है। फिल्म में देवी दुर्गा का अवतार मानी जाने वाली माँ काली की विशेष पूजा “गरुदान तोक्कम” भी दिखाया गया है।

वहीं, रवि जाधव द्वारा निर्देशित फिल्म ‘न्यूड’ दो महिलाओं की कहानी कहती है। ये दोनों महिलाएं कलाकारों के लिए मॉडल का काम करती हैं। फिल्म में दोनों महिलाओं के निजी जीवन के संघर्ष और जीवटता को दर्शाया गया है। रवि जाधव नटरंग, बाल गंधर्व और टाइमपास जैसी मराठी फिल्मों से चर्चा में आए थे।

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  1. S
    surjeetshyamal
    Nov 15, 2017 at 7:48 pm
    घरेलू कामगार उत्पीड़न के खिलाफ यूपी विधान सभा का करेंगे घेराव : workervoice /2017/11/Ghrelu-Kamgar-Protest-UP-VidhanSabha
    (0)(0)
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