April 26, 2017

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दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर बताया, इस वजह से गोवा में नहीं बना सके कांग्रेस की सरकार

दिग्विजय सिंह का आरोप है कि बीजेपी और पर्रिकर ने मिलकर गोवा के लोगों का जनादेश चुरा लिया।

कांग्रेस पार्टी के महासचिव दिग्विजय सिंह। (फोटो- ANI)

गोवा में सरकार नहीं बना पाने का ठीकरा दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस के राज्य स्तरीय नेताओं पर फोड़ा है। साथ ही दिग्विजय सिंह ने इन आरोपों को भी खारिज किया है कि गोवा का प्रभारी होने के बावजूद उन्होंने कांग्रेस का विधायक दल का नेता चुनने में कोई देरी की। दिग्विजय सिंह ने गुरुवार (20 अप्रैल) को एक के बाद एक कई ट्वीट कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि चुनाव पूर्व विजय सरदेसाई की पार्टी गोवा फॉर्वर्ड से गठबंधन नहीं कर पाना हमारे लिए बड़ी गलती साबित हुई। दिग्विजय सिंह के मुताबिक राज्य के कांग्रेस नेतृत्व और विजय सरदेसाई के बीच विश्वास की कमी की वजह से ही ये गठबंधन नहीं हो पाया। अगर ऐसा होता तो आज तस्वीर दूसरी होती।

दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया है कि, ‘ये कहना गलत और पक्षपातपूर्ण है कि विधायक दल का नेता चुनने में देरी की गई, कांग्रेस ने इस काम को कुछ घंटों में ही कर दिया, और राहुल जी इस में पूरी आजादी दे रखी थी। दरअसल मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर ने संसद में दिग्विजय सिंह पर तंज कसते हुए कहा था कि, कांग्रेस के नेता गोवा में सैर कर रहे थे तब तक बीजेपी ने गोवा में सरकार बना ली। आगे दिग्विजय सिंह ने ट्वीट किया कि हमलोगों की गलती विजय सरदेसाई की पार्टी गोवा फॉरवर्ड के साथ गठबंधन नहीं करना था, ये पार्टी गोवा में एंटी बीजेपी और एंटी पर्रिकर मानी जा रही थी। दिग्विजय सिंह के मुताबिक इस पार्टी ने आगे चलकर बीजेपी से गठबंधन कर लिया। लेकिन इसके लिए सिर्फ विजय सरदेसाई को ही दोष देना गलत है। क्योंकि विजय सरदेसाई और गोवा कांग्रेस नेतृत्व के बीच विश्वास की कमी थी जिसका खमियाजा हमें भुगतना पड़ा।

दिग्विजय सिंह का आरोप है कि बीजेपी और पर्रिकर ने मिलकर गोवा के लोगों का जनादेश चुरा लिया। गोवा के कांग्रेस प्रभारी दिग्विजय सिंह के मुताबिक पूरे प्रकरण में राज्य की राज्यपाल ने भी सरकारिया आयोग और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन नहीं किया, जो कहता है कि खंडित जनादेश की हालत में राज्यपाल को सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करना चाहिए। दिग्विजय सिंह का कहना है कि ये देखना होगा कि अपने व्यक्तिगत लालच और महात्वाकांक्षा के लिए मनोहर पर्रिकर कितने समय तक गोवा की जनता को मूर्ख बनाते रहेंगे। बता दें कि गोवा के 40 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 17 सीटें जीती थीं। जबकि बीजेपी के खाते में 13 सीटें ही आई थी। गोवा में सरकार बनाने के बाद भी कांग्रेस के विधायक पार्टी छोड़ रहे हैं, कुछ दिन पहले ही विश्वजीत राणे कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गये, बीजेपी ने उन्हें मंत्री पद से नवाजा है।

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First Published on April 20, 2017 6:34 pm

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