December 10, 2016

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नोटबंदी: स्याही का फैसला आने के बाद गूगल पर लोगों ने खोजा इसे मिटाने का तरीका

सरकार ने स्याही लगाने का फैसला 15 नवंबर को लिया था, और इसी दिन से ‘Indelible Ink Removal’ गूगल ट्रेंड्स में दिखने लगा।

प्रतीकात्मक तस्वीर।

नोटबंदी के फैसले के बाद आ रही दिक्कतों से बचने के लिए लोग नए-नए तरीके खोजने में जुट गए हैं। पहले कई लोग पैसे बदलवाने के लिए एक दिन में कई-कई बार बैंक जा रहे थे। इसके बाद सरकार ने एक ही व्यक्ति द्वारा पुरानी करेंसी को कई बार एक्सचेंज को रोकने के लिए बैंकों को स्याही लगाने का आदेश दिया था। हालांकि लोगों ने स्याही हटाने का तरीका भी ढूंढना शुरू कर दिया। सरकार के नोट बदलवाने पर स्याही लगाने के फैसले के एक दिन बाद ही गूगल पर बड़ी संख्या में ‘Indelible Ink Removal’ को सर्च किया गया।

दरअसल सरकार ने स्याही लगाने का फैसला 15 नवंबर को लिया था, और इसी दिन से ‘Indelible Ink Removal’ गूगल ट्रेंड्स में दिखने लगा। गूगल ट्रेंड्स डेटा के मुताबिक, ‘Indelible Ink removal’ सर्च में बढ़ोतरी 15 नवंबर से ही देखी गई। वहीं इसके एक दिन बाद इसे और भी ज्यादा सर्च किया गया। Google के डेटा के अनुसार, मुंबई और दिल्ली इन तरीकों को सर्च करने में लगभग बराबर रहे जबकि उसके बाद बेंगलुरु के लोगों ने सबसे ज्यादा इन तरीकों को सर्च किया।

गूगल ट्रेंड पर दिखाए गए आंकड़े। गूगल ट्रेंड पर दिखाए गए आंकड़े।

इसलिए लिया था स्याही लगाने का फैसला:

वित्त सचिव शक्तिकांत दास ने मंगलवार (15 नवंबर) को एलान किया था कि नोट बदलवाने पर स्याही का निशान लगाया जाएगा। यह निशान ठीक वैसा होगा जैसा वोट देने पर लगता है। शक्तिकांत दास ने कहा कि अगर एक ही आदमी बार-बार आएगा तो दूसरों को दिक्कत होगी, इसलिए इस नियम को लाया गया है। शक्तिकांत दास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था, “बैंकों और एटीएम के आगे लगी लंबी लाइनों की जांच में पाया गया है कि कुछ लोग बार-बार पैसे बदलने आ रहे हैं। यह भी रिपोर्ट मिली है कि कई लोगों ने अपने कालेधन को सफेद में बदलने के लिए कुछ लोगों से सांठ-गांठ की और उन्हें पैसे बदलने के लिए कई-कई बार बैंक भेजा जा रहा है।”

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First Published on November 20, 2016 4:13 pm

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